150–200 Character Summary: पाकिस्तान के रावलपिंडी और इस्लामाबाद में भारी बारिश से शहरी बाढ़ आ गई। नाला लई का जलस्तर कटारियां में 29 फीट पहुंचा, कई इलाके जलमग्न हुए और शिक्षण संस्थान बंद किए गए।
रावलपिंडी-इस्लामाबाद | 1 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
पाकिस्तान के रावलपिंडी और इस्लामाबाद में मंगलवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। निचले इलाकों में पानी भर गया, कई सड़कों पर वाहन फंस गए और नाला लई का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया।
रावलपिंडी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया। प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
इस पूरे संकट का सबसे बड़ा केंद्र नाला लई बना हुआ है।
PMD और स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक कटारियां में नाला लई का जलस्तर करीब 29 फीट तक पहुंच गया, जबकि गवालमंडी में यह करीब 23.5 फीट दर्ज हुआ। दोनों इलाकों में निकासी की तैयारी शुरू की गई।
नाला लई रावलपिंडी के लिए महत्वपूर्ण जल निकासी मार्ग है। इसके जलस्तर में तेज वृद्धि होने पर आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
बारिश की तीव्रता का अंदाजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है।
शम्साबाद में करीब 201 मिमी बारिश दर्ज की गई। न्यू कटारियां में 186 मिमी, गोलरा में 157 मिमी और PMD के H-8/2 स्टेशन पर करीब 155 मिमी बारिश दर्ज हुई।
रावलपिंडी के डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि शहर में करीब 200 मिमी बारिश दर्ज हुई और सबसे ज्यादा असर नाला लई के आसपास दिखाई दिया।
रावलपिंडी के सफदरबाद, सादिकाबाद, ढोक खाबा, पीरवधाई, फौजी कॉलोनी, जावेद कॉलोनी और आर्या मोहल्ला समेत कई इलाकों में पानी भरने की खबर है। कुछ जगहों
पर पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
डबल रोड और दूसरे प्रमुख मार्गों पर भी पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ।
इस्लामाबाद एक्सप्रेसवे पर भी जलभराव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हुई।
लगातार बारिश और सड़कों पर जलभराव के कारण छात्रों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई थी।
रावलपिंडी जिला प्रशासन ने मंगलवार को शैक्षणिक संस्थानों के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया। उपलब्ध प्रशासनिक सूचना के मुताबिक स्कूलों और कॉलेजों को बंद
रखने का फैसला छात्र और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया।
इस्लामाबाद में भी बारिश और जलभराव के कारण शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की रिपोर्ट सामने आई है।
मूसलाधार बारिश के बाद कई निचले इलाकों में पानी सड़कों से होते हुए घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
इस्लामाबाद के कुछ इलाकों में नाले ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी फैल गया। ई-11 में ड्रेनेज व्यवस्था पर दबाव बढ़ा और कुछ बेसमेंट में पानी भर गया। प्रशासन ने पानी
निकालने के लिए अतिरिक्त पंप लगाए।
रावलपिंडी में भी कई वाहन जलभराव वाली सड़कों पर फंस गए।
स्थिति को देखते हुए रावलपिंडी में रेन इमरजेंसी लागू की गई।
WASA, Rescue 1122, Civil Defence और Solid Waste Management समेत संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया। जलभराव वाले क्षेत्रों में भारी मशीनरी तैनात की गई है।
लियाकत बाग, कमेटी चौक अंडरपास, मरी रोड, ढोक खाबा, सर्कुलर रोड और सादिकाबाद जैसे इलाकों में पानी निकालने के लिए मशीनरी लगाई गई।
जलस्तर बढ़ने के बाद नाला लई के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों के लोगों से सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की। कुछ क्षेत्रों में निकासी की तैयारी भी शुरू की गई।
नाला लई के आसपास सायरन बजाकर लोगों को बढ़ते पानी के बारे में चेतावनी दी गई।
पाकिस्तान की राजधानी भी इस बारिश से अछूती नहीं रही।
इस्लामाबाद के कई निचले इलाकों में पानी जमा हुआ। ई-11 में ड्रेन के ओवरफ्लो होने से सड़क और आसपास के हिस्से प्रभावित हुए। डी-वॉटरिंग पंपों की मदद से पानी
निकालने का अभियान चलाया गया।
इस्लामाबाद एक्सप्रेसवे समेत प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। पुलिस ने वाहन चालकों से धीमी रफ्तार में चलने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की।
हां, खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
बारिश की तीव्रता में कमी आने के बावजूद नाला लई का जलस्तर और निचले इलाकों में जमा पानी प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। PMD ने भी ऊपरी पंजाब समेत कई
क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान दिया है।
इसलिए प्रशासन ने नागरिकों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने को कहा है।
रावलपिंडी और इस्लामाबाद में हुई बारिश ने एक बार फिर पाकिस्तान के बड़े शहरों की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
कम समय में 200 मिमी के आसपास बारिश होने पर शहर की जल निकासी क्षमता पर भारी दबाव पड़ता है। निचले इलाकों में पहले से मौजूद जलभराव इस समस्या को और गंभीर बना देता है।
फिलहाल प्रशासन का फोकस पानी निकालने, नाला लई की निगरानी और संवेदनशील आबादी को सुरक्षित रखने पर है।
अगले कुछ घंटों में नाला लई के जलस्तर पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी।
अगर जलस्तर नीचे आता है तो निचले इलाकों से पानी निकालने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। लेकिन अगर ऊपरी क्षेत्रों में फिर तेज बारिश होती है, तो रावलपिंडी के नाला लई बेसिन में बाढ़ का खतरा दोबारा बढ़ सकता है।
फिलहाल स्कूल-कॉलेज बंद हैं, राहत और निकासी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।