SYNOPSIS
नई दिल्ली में बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में आयुष शेट्टी और ध्रुव कपिला-तनीषा क्रैस्टो हारकर बाहर हुए। ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद ने जापान की सातवीं वरीय जोड़ी को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। उनकी जीत से भारत की पदक उम्मीदें अब भी कायम हैं।
LOCATION | DATE | BYLINE
नई दिल्ली | 21 अगस्त 2026 | Apurva Choudhary
विश्व चैंपियनशिप में भारत का मिला-जुला दिन
नई दिल्ली में चल रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में गुरुवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। पुरुष एकल में युवा आयुष शेट्टी और मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला-तनीषा क्रैस्टो की चुनौती खत्म हो गई, लेकिन महिला युगल में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
ट्रीसा-गायत्री ने जापान की सातवीं वरीय रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी अंतिम-8 में पहुंच गई है और अब वह पदक से सिर्फ एक जीत दूर है।
ट्रीसा-गायत्री का शानदार उलटफेर
विश्व रैंकिंग में 39वें स्थान पर मौजूद गैर-वरीय भारतीय जोड़ी के सामने सातवीं वरीय जापानी जोड़ी की चुनौती थी। लेकिन ट्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी और दोनों गेम में जापानी खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखा।
पहले गेम में भारतीय जोड़ी ने 21-16 से बढ़त बनाई। दूसरे गेम में भी उनका आक्रामक अंदाज जारी रहा और उन्होंने 21-12 से गेम जीतकर मुकाबला सीधे गेमों में समाप्त कर दिया।
ट्रीसा के आक्रामक स्मैश और गायत्री की कोर्ट कवरेज तथा तेज हाथों ने भारतीय जोड़ी को निर्णायक बढ़त दिलाई। इस प्रदर्शन के बाद ट्रीसा-गायत्री अब टूर्नामेंट में कम से कम कांस्य पदक की दौड़ में बने रहने के लिए एक और जीत की जरूरत के साथ क्वार्टर फाइनल में उतरेंगी।
आयुष शेट्टी का शानदार सफर हार के साथ खत्म
पुरुष एकल में आयुष शेट्टी का विश्व चैंपियनशिप अभियान प्री-क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गया। इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने उन्हें 21-19, 21-11 से हराया।
पहले गेम में मुकाबला काफी करीबी रहा। आयुष ने 19 अंक तक जोरदार चुनौती पेश की, लेकिन अल्वी ने निर्णायक मौकों पर लगातार तीन अंक हासिल कर गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने शुरुआत से बढ़त बनाई और 21-11 से मैच खत्म कर दिया।
हालांकि, आयुष के लिए इस चैंपियनशिप का सफर निराशाजनक नहीं कहा जा सकता। उन्होंने शुरुआती दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और गत चैंपियन चीन के शी यूकी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। आयुष ने वह मुकाबला 21-14, 13-21, 21-19 से जीता था।
इस जीत ने विश्व स्तर पर आयुष की क्षमता को रेखांकित किया, जबकि अल्वी के खिलाफ हार ने यह भी दिखाया कि शीर्ष स्तर पर लगातार प्रदर्शन बनाए रखना युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती है।
ध्रुव कपिला-तनीषा की चुनौती भी खत्म
मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रैस्टो की जोड़ी को चीन की छठी वरीय गुओ शिनवा और चेन फांगहुई ने 21-16, 21-5 से हराया।
भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में कुछ हद तक मुकाबला किया, लेकिन चीनी खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर बेहतर नियंत्रण दिखाया। दूसरे गेम में चीन की जोड़ी ने शुरुआत से दबाव बढ़ाया और भारतीय जोड़ी को सिर्फ पांच अंक तक सीमित कर दिया।
ध्रुव और तनीषा इससे पहले प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के लिए मकाऊ की जोड़ी को 21-11, 21-11 से हरा चुके थे। इसलिए अंतिम-16 में पहुंचना भी उनके अभियान का एक सकारात्मक पहलू रहा।
भारत की एक और बड़ी राहत: सात्विक-चिराग क्वार्टर फाइनल में
भारत की पदक उम्मीदों के लिए पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जीत भी महत्वपूर्ण रही। पांचवीं वरीय भारतीय जोड़ी ने मलेशिया के जुनैदी आरिफ और याप रॉय किंग को 21-23, 21-19, 21-17 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
भारतीय जोड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद मुकाबले में वापसी की। दूसरे गेम में उन्होंने स्कोर बराबर किया और निर्णायक गेम में दबाव के बीच बेहतर संयम दिखाते हुए जीत हासिल की।
इसका मतलब है कि महिला युगल में ट्रीसा-गायत्री और पुरुष युगल में सात्विक-चिराग के रूप में भारत की पदक उम्मीदें अभी टूर्नामेंट में कायम हैं।
पीवी सिंधु भी हुईं बाहर
महिला एकल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु को भी प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन की वांग झी यी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। वांग ने सिंधु को 11-21, 21-15, 21-17 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।
सिंधु के बाहर होने से महिला एकल में भारत की चुनौती समाप्त हो गई है। इससे ट्रीसा-गायत्री और सात्विक-चिराग पर भारतीय प्रशंसकों की निगाहें और अधिक केंद्रित हो गई हैं।
भारत की पदक तस्वीर क्या है?
बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल चरण तक पहुंचना किसी भी जोड़ी या खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ट्रीसा-गायत्री की जीत इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि उन्होंने अपने से काफी ऊंची वरीयता वाली जापानी जोड़ी को सीधे गेमों में हराया।
भारतीय जोड़ी अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए अगला मुकाबला खेलेगी। बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली दोनों हारने वाली जोड़ियों को कांस्य पदक मिलता है, इसलिए क्वार्टर फाइनल में एक जीत भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर सकती है।
हालांकि, किसी पदक की गारंटी अभी नहीं है। अगला मुकाबला उच्च स्तर की चुनौती वाला होगा और मौजूदा प्रदर्शन को दोहराना भारतीय जोड़ी के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी।
ट्रीसा-गायत्री की वापसी भी खास
ट्रीसा और गायत्री की मौजूदा सफलता को उनकी वापसी के संदर्भ में भी देखना जरूरी है। ट्रीसा को इस साल की शुरुआत में टखने में चोट लगी थी, जिसके कारण यह जोड़ी कुछ महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं से दूर रही।
दोनों ने इंडोनेशिया ओपन में वापसी की और इसके बाद अमेरिकी ओपन तथा फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज में हिस्सा लिया। फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज में उन्होंने खिताब भी जीता था।
अब विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना उनकी वापसी को और मजबूत बनाता है। 2022 और 2023 में लगातार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी इस जोड़ी के लिए यह प्रदर्शन पुराने स्तर की लय हासिल करने का संकेत माना जा सकता है।
विश्व चैंपियनशिप भारत के लिए क्यों अहम है?
2026 बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी नई दिल्ली कर रहा है। प्रतियोगिता 17 अगस्त से इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित हो रही है और भारत करीब 17 साल बाद इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है।
घरेलू कोर्ट का फायदा भारतीय खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त समर्थन लेकर आया है। हालांकि विश्व चैंपियनशिप में दबाव भी उतना ही ज्यादा होता है, क्योंकि दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी यहां खिताब के लिए उतरते हैं।
भारत की टीम में पुरुष एकल में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी, महिला एकल में पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा तथा पुरुष युगल में सात्विक-चिराग जैसी प्रमुख जोड़ियां शामिल थीं।
अब भारत की चुनौती क्या होगी?
टूर्नामेंट के अगले चरण में भारत की नजरें खास तौर पर क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर रहेंगी। ट्रीसा-गायत्री और सात्विक-चिराग की चुनौती अब सीधे पदक की दौड़ से जुड़ चुकी है।
ट्रीसा-गायत्री के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि वे जापान के खिलाफ दिखाई गई आक्रामकता और कोर्ट कवरेज को अगले मुकाबले में भी कायम रखें। सात्विक-चिराग के मामले में भी शुरुआती दबाव से निकलकर वापसी करने की क्षमता महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
फिलहाल भारत की स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। कई प्रमुख खिलाड़ी बाहर हो चुके हैं, लेकिन दो मजबूत डबल्स जोड़ियां अंतिम चरण में मौजूद हैं।
निष्कर्ष
बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के लिए गुरुवार का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आया। आयुष शेट्टी, ध्रुव कपिला-तनीषा क्रैस्टो और पीवी सिंधु की चुनौती खत्म हुई, लेकिन ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जीत ने भारतीय अभियान को जीवित रखा।
खास तौर पर बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में ट्रीसा-गायत्री की सातवीं वरीय जापानी जोड़ी पर जीत भारत के लिए अहम रही। अब भारतीय महिला युगल जोड़ी पदक से सिर्फ एक जीत दूर है।
आयुष शेट्टी की हार के बावजूद उनका शी यूकी के खिलाफ उलटफेर इस चैंपियनशिप की भारतीय उपलब्धियों में शामिल रहेगा। वहीं अगले दौर में ट्रीसा-गायत्री और सात्विक-चिराग का प्रदर्शन यह तय करेगा कि घरेलू विश्व चैंपियनशिप में भारत कितनी दूर तक पदक की दौड़ में बना रहता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।