1981 की ‘नसीब’ के गीत ‘जॉन जानी जनार्दन’ में अमिताभ बच्चन के साथ राज कपूर, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना और कई दिग्गज सितारे नजर आए। यह गीत अपने स्टार कैमियो के लिए यादगार बना।
लोकेशन
मुंबई, महाराष्ट्र
डेट
27 अगस्त 2026
बायलाइन
Mohd Naved
हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ गाने अपनी धुन और फिल्मांकन के कारण याद रहते हैं, जबकि कुछ अपने अनोखे स्टार कास्ट के कारण अलग पहचान बना लेते हैं। 1981 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘नसीब’ का ‘जॉन जानी जनार्दन’ इसी दूसरी श्रेणी का गीत है।
इस गीत में अमिताभ बच्चन मुख्य रूप से नजर आते हैं, लेकिन कुछ ही देर में पर्दे पर एक के बाद एक उस दौर के बड़े सितारों की आमद शुरू हो जाती है। राज कपूर, शम्मी कपूर, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, रणधीर कपूर, राकेश रोशन, वहीदा रहमान, शर्मिला टैगोर, माला सिन्हा, बिंदु और सिमी गरेवाल जैसे नामों ने इस गीत को खास बना दिया।
‘नसीब’ का निर्देशन मनमोहन देसाई ने किया था। फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ ऋषि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी, रीना रॉय और किम जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म 1981 में रिलीज हुई और अपने दौर की चर्चित फिल्मों में शामिल रही।
‘जॉन जानी जनार्दन’ की खासियत इसकी कहानी से ज्यादा इसका प्रस्तुतीकरण था। गीत में कई फिल्मी सितारे अपने ही रूप में दिखाई दिए। इससे फिल्म के भीतर एक ऐसी महफिल का माहौल तैयार हुआ, जहां दर्शकों को उस दौर के कई लोकप्रिय चेहरों को एक साथ देखने का मौका मिला।
यह प्रयोग अपने समय के लिहाज से काफी असाधारण था। बाद के वर्षों में बड़े सितारों को एक साथ लाने का तरीका हिंदी फिल्मों में कई बार दिखाई दिया, लेकिन ‘नसीब’ का यह गीत इस परंपरा के शुरुआती चर्चित उदाहरणों में गिना जाता है।
इस गीत में राज कपूर की मौजूदगी सबसे खास बातों में से एक थी। अमिताभ बच्चन और राज कपूर ने किसी फिल्म में साथ मुख्य भूमिका नहीं निभाई थी। ‘नसीब’ के इस गीत में दोनों को एक साथ पर्दे पर देखने का मौका मिला।
अमिताभ बच्चन ने बाद में राज कपूर के साथ इस शूट को याद किया था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह राज कपूर के व्यक्तित्व और आरके स्टूडियो से काफी प्रभावित थे। उन्होंने यह भी याद किया कि राज कपूर के स्टूडियो में उनका साथ शूट करना उनके लिए खास अनुभव था।
राज कपूर इस गीत के फिल्मांकन में केवल कैमरे के सामने मौजूद सितारे नहीं थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, गीत की शूटिंग के दौरान उन्होंने कलाकारों के आने-जाने और उनके समय को व्यवस्थित करने में भी भूमिका निभाई। इस वजह से शूट एक बड़े फिल्मी आयोजन जैसा बन गया था।
गीत का केंद्र अमिताभ बच्चन का किरदार जॉन था। फिल्म में उनका किरदार जॉन जानी जनार्दन के नाम से जाना जाता है। मोहम्मद रफी की आवाज में यह गीत अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया था।
इसके बाद गीत में कई मशहूर चेहरे दिखाई देते हैं। राज कपूर और शम्मी कपूर जैसे कपूर परिवार के दिग्गज कलाकारों के साथ धर्मेंद्र और राजेश खन्ना जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी ने गीत को उस दौर के हिंदी सिनेमा का एक तरह का दृश्य दस्तावेज बना दिया।
वहीदा रहमान, शर्मिला टैगोर, माला सिन्हा, बिंदु और सिमी गरेवाल जैसी अभिनेत्रियों की मौजूदगी ने भी इस स्टार गैदरिंग को और बड़ा रूप दिया। उपलब्ध विवरणों में राकेश रोशन, विजय अरोड़ा, सिंपल कपाड़िया और प्रेम नारायण जैसे नाम भी इस विशेष गीत से जुड़े कलाकारों में बताए गए हैं।
‘जॉन जानी जनार्दन’ को केवल कैमियो से भरा गाना कहना इसके विचार को छोटा कर देगा। गीत की संरचना ऐसी थी जिसमें फिल्म की दुनिया और वास्तविक फिल्मी सितारों की पहचान एक साथ दिखाई देती है।
दर्शक अमिताभ बच्चन के किरदार के साथ आगे बढ़ते हैं और फिर अचानक उन्हें उस दौर के लोकप्रिय कलाकारों के दर्शन होते हैं। इस तरह गीत एक सामान्य फिल्मी प्रस्तुति से आगे बढ़कर सितारों की सामूहिक मौजूदगी का तमाशा बन जाता है।
इसी वजह से यह गीत बाद की पीढ़ियों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा। 2007 में ‘ओम शांति ओम’ के गीत ‘दीवानगी दीवानगी’ में भी बड़ी संख्या में सितारों को एक साथ लाने का प्रयोग हुआ। इस तुलना में ‘नसीब’ के गीत को हिंदी सिनेमा में पहले के बड़े स्टार-कैमियो प्रयोगों में गिना जाता है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस गीत की शूटिंग आरके स्टूडियो में हुई थी और पूरा कार्यक्रम करीब एक सप्ताह तक चला। शूटिंग का माहौल सामान्य फिल्मी शूट से अलग था क्योंकि एक साथ इतने बड़े कलाकारों की उपलब्धता और उनके दृश्यों का तालमेल अपने आप में बड़ी चुनौती थी।
यही वजह थी कि गीत की शूटिंग एक फिल्मी आयोजन जैसी बन गई। राज कपूर सहित कई वरिष्ठ कलाकारों की मौजूदगी ने सेट की अहमियत और बढ़ा दी।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस गीत को लेकर कई लोकप्रिय किस्से अलग-अलग रूप में सामने आते रहे हैं। इसलिए हर दावे को ऐतिहासिक तथ्य मानना उचित नहीं होगा। उपलब्ध स्रोतों में सबसे स्पष्ट रूप से जिन बातों की पुष्टि होती है, उनमें गीत की स्टार कास्ट, आरके स्टूडियो में शूटिंग और राज कपूर की विशेष मौजूदगी शामिल हैं।
अमिताभ बच्चन ने राज कपूर के साथ काम करने को लेकर अपने पुराने अनुभव भी साझा किए थे। उन्होंने बताया था कि वह राज कपूर के काम को देखते हुए बड़े हुए थे और आरके स्टूडियो उनके लिए आकर्षण का केंद्र था।
एक पुराने इंटरव्यू में अमिताभ ने राज कपूर द्वारा उन्हें एक मंत्री से मिलवाए जाने का किस्सा भी सुनाया था। राज कपूर ने उन्हें उद्योग का सबसे लंबा कलाकार बताया, जिस पर अमिताभ ने अपने अंदाज में जवाब दिया था कि यह बात केवल कद की ऊंचाई तक सीमित है।
यह प्रसंग दोनों कलाकारों के बीच मौजूद सम्मान और सहजता को दिखाता है। ‘नसीब’ के गीत में दोनों की मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यह हिंदी सिनेमा की दो अलग पीढ़ियों को एक ही फ्रेम में लाती है।
‘नसीब’ की कहानी जॉन, विक्रम, सनी और उनके परिवारों के रिश्तों, दोस्ती, प्रेम, त्याग और बदले के इर्द-गिर्द घूमती है। अमिताभ बच्चन ने जॉन की भूमिका निभाई, जबकि शत्रुघ्न सिन्हा ने विक्रम और ऋषि कपूर ने सनी का किरदार निभाया। हेमा मालिनी और रीना रॉय भी फिल्म की प्रमुख कास्ट का हिस्सा थीं।
फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था और गीतकार आनंद बख्शी थे। ‘जॉन जानी जनार्दन’ के अलावा ‘चल मेरे भाई’, ‘रंग जमाके जाएंगे’, ‘पकड़ो पकड़ो पकड़ो’, ‘मेरे नसीब में’ और ‘जिंदगी इम्तिहान लेती है’ जैसे गीत भी फिल्म का हिस्सा थे।
इन गीतों ने फिल्म की मनोरंजन प्रधान शैली को मजबूत किया। खास तौर पर ‘जॉन जानी जनार्दन’ अपने स्टार कैमियो के कारण अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा।
आज जब किसी फिल्म में कई बड़े सितारे एक गीत में नजर आते हैं, तो उसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता पैदा होती है। लेकिन 1981 के दौर में इतने बड़े सितारों को एक ही गीत में शामिल करना एक अलग तरह का प्रोडक्शन प्रयोग था।
‘नसीब’ का यह गीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उस समय के लोकप्रिय सिनेमा की स्टार पावर एक साथ दिखाई देती है। अमिताभ बच्चन केंद्र में हैं, लेकिन उनके आसपास खड़े सितारे अपने-अपने दौर की अलग पहचान लेकर आते हैं।
राज कपूर की मौजूदगी गीत को ऐतिहासिक संदर्भ देती है। धर्मेंद्र और राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार इसे और बड़ा बनाते हैं। वहीदा रहमान, शर्मिला टैगोर और माला सिन्हा जैसी अभिनेत्रियां उस दौर की महिला स्टार पावर को सामने रखती हैं।
‘जॉन जानी जनार्दन’ आज भी इसलिए याद किया जाता है क्योंकि यह केवल ‘नसीब’ का एक गीत नहीं था। यह 1981 के हिंदी फिल्म उद्योग की स्टार संस्कृति की एक झलक भी था।
अमिताभ बच्चन के साथ राज कपूर, शम्मी कपूर, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना और कई दूसरे दिग्गजों को एक ही गीत में देखना उस दौर के दर्शकों के लिए असाधारण अनुभव रहा होगा। गीत की यही स्टार वैल्यू आज भी इसे पुराने हिंदी सिनेमा के यादगार फिल्मी प्रयोगों में बनाए रखती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।