आमिर ने सुनाया सनी देओल से जुड़ा पुराना किस्सा
18 की उम्र में सनी देओल के साथ काम कर चुके हैं आमिर
स्टार बनने से पहले सनी के सेट पर थे आमिर खान
आमिर खान ने KBC 18 में बताया कि उन्होंने 18 साल की उम्र में सनी देओल की फिल्मों मंजिल मंजिल और जबरदस्त में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। यह दौर उनके फिल्मी करियर की शुरुआती ट्रेनिंग का हिस्सा था। दोनों सितारे अब बंटवारा 1947 से फिर जुड़े हैं, जिसमें आमिर निर्माता हैं।
Location: मुंबई
Date: 18 अगस्त 2026
By Mohd Naved
18 साल की उम्र में सनी देओल के असिस्टेंट थे आमिर खान
आमिर खान और सनी देओल आज हिंदी सिनेमा के दो स्थापित नाम हैं। लेकिन दोनों के पेशेवर रिश्ते की शुरुआत उस दौर में हुई थी, जब आमिर खुद पर्दे पर बतौर अभिनेता अपनी पहचान बनाने से काफी दूर थे। आमिर ने बताया कि उन्होंने महज 18 साल की उम्र में सनी देओल की फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था।
आमिर ने यह पुराना किस्सा कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में साझा किया। इस मौके पर उनके साथ सनी देओल और प्रीति जिंटा भी मौजूद थे। KBC 18 का प्रीमियर 10 अगस्त 2026 को हुआ और शो में आमिर, सनी और प्रीति की मौजूदगी उनकी फिल्म बंटवारा 1947 के प्रमोशन से भी जुड़ी थी।
आमिर के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में उनकी शुरुआती दिलचस्पी अभिनय से पहले फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझने में थी। उन्होंने अपने चाचा और फिल्मकार नासिर हुसैन के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया।
इसी दौरान उन्होंने मंजिल मंजिल और जबरदस्त में काम किया। दोनों फिल्मों में सनी देओल प्रमुख भूमिका में थे। आमिर ने KBC में बताया कि उस समय सनी देओल इंडस्ट्री में अपनी जगह बना चुके थे और एक बड़े स्टार के तौर पर देखे जाते थे।
आमिर की इस बात की स्वतंत्र पुष्टि उनके पुराने Filmfare इंटरव्यू से भी होती है। उन्होंने वहां स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्होंने नासिर हुसैन की मंजिल मंजिल और जबरदस्त में असिस्टेंट के तौर पर काम किया था।
आमिर खान के फिल्मी सफर की खासियत यह रही कि उनका अभिनय करियर शुरू होने से पहले ही फिल्म निर्माण की बारीकियों से वास्ता पड़ गया था।
मंजिल मंजिल 1984 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन नासिर हुसैन ने किया था और इसमें सनी देओल तथा डिंपल कपाड़िया प्रमुख भूमिकाओं में थे। अगले साल नासिर हुसैन की जबरदस्त रिलीज हुई, जिसमें भी सनी देओल अहम भूमिका में थे।
आमिर का नाम दोनों फिल्मों के असिस्टेंट डायरेक्टर क्रेडिट में दर्ज है। IMDb के उपलब्ध रिकॉर्ड में भी मंजिल मंजिल और जबरदस्त के साथ उनके असिस्टेंट डायरेक्टर क्रेडिट दर्ज हैं।
यह दौर आमिर के लिए फिल्म स्कूल जैसा था। बाद के वर्षों में उन्होंने अभिनय को अपना मुख्य पेशा बनाया और 1988 में कयामत से कयामत तक के साथ हिंदी सिनेमा में अभिनेता के रूप में बड़ी पहचान हासिल की।
आमिर ने Filmfare को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वह असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर जुड़े, तब मंजिल मंजिल और जबरदस्त की शूटिंग शुरू हो चुकी थी। उन्होंने शुरुआती दिनों में सेट की कार्यप्रणाली को करीब से देखा और फिल्म निर्माण के विभिन्न हिस्सों को समझा।
उनके लिए यह अनुभव महज नौकरी नहीं था। यह वह दौर था जिसमें वह कैमरे के पीछे रहकर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया समझ रहे थे।
इसी दौर में सनी देओल उनके लिए एक स्थापित अभिनेता के तौर पर सामने थे। आमिर ने KBC में बताया कि 18 साल की उम्र में सनी जैसे बड़े स्टार के साथ काम करना उनके और उनकी टीम के लिए उत्साह का विषय था।
आमिर की टिप्पणी का मुख्य पहलू उनका अपना शुरुआती अनुभव है। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि सनी देओल के साथ उनका पेशेवर रिश्ता उस समय शुरू हुआ, जब वह खुद अभिनेता नहीं बने थे।
सनी देओल की ओर से इस विशेष किस्से पर कोई अलग बयान उपलब्ध स्रोतों में प्रमुखता से सामने नहीं आया है। इसलिए इस प्रसंग को आमिर के संस्मरण के रूप में ही देखना उचित है।
यहां एक अहम पत्रकारिता अंतर भी है। आमिर का यह बयान प्रत्यक्ष स्रोत है, जबकि उनके शुरुआती करियर से जुड़े क्रेडिट स्वतंत्र फिल्म रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं।
उपलब्ध सामग्री तीन अहम बिंदुओं की पुष्टि करती है।
पहला, आमिर खान ने मंजिल मंजिल और जबरदस्त में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया था। Filmfare के इंटरव्यू में आमिर ने खुद इन दोनों फिल्मों का नाम लिया था।
दूसरा, दोनों फिल्मों में सनी देओल की मौजूदगी और आमिर के असिस्टेंट डायरेक्टर क्रेडिट का रिकॉर्ड उपलब्ध है।
तीसरा, आमिर और सनी की यह पुरानी पेशेवर कड़ी अब नए दौर में फिर चर्चा में है, क्योंकि दोनों बंटवारा 1947 से जुड़े हैं। फिल्म का निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत हुआ है और सनी देओल इसमें प्रमुख भूमिका में हैं। फिल्म 14 अगस्त 2026 को रिलीज हुई।
इस किस्से की अहमियत केवल बॉलीवुड की पुरानी यादों तक सीमित नहीं है। यह हिंदी सिनेमा में एक अभिनेता के करियर के उस चरण को सामने लाता है, जब वह पर्दे के पीछे काम करते हुए फिल्म निर्माण सीख रहा था।
आमिर का मामला यह भी दिखाता है कि किसी बड़े अभिनेता की सार्वजनिक पहचान बनने से पहले उसका पेशेवर सफर अक्सर अलग भूमिका से शुरू होता है।
सनी देओल के संदर्भ में भी यह कहानी दिलचस्प है। जिस दौर में आमिर उनके सेट पर असिस्टेंट थे, उसी अभिनेता के साथ दशकों बाद आमिर एक निर्माता के तौर पर फिल्म से जुड़े हैं।
इस कहानी में कोई प्रत्यक्ष राजनीतिक या नीतिगत पहलू नहीं है। इसका महत्व मुख्य रूप से फिल्म इंडस्ट्री, स्टार सिस्टम और कलाकारों के लंबे करियर से जुड़ा है।
फिर भी बंटवारा 1947 का विषय ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील है। फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है और 14 अगस्त को रिलीज हुई, इसलिए इसके साथ ऐतिहासिक स्मृति और सिनेमाई प्रस्तुति का संदर्भ भी जुड़ता है।
फिल्मी सितारों के पुराने रिश्तों से जुड़ी ऐसी कहानियां दर्शकों के लिए प्रमोशनल नैरेटिव का हिस्सा बनती हैं। खासकर जब दो बड़े कलाकार कई दशक बाद किसी एक प्रोजेक्ट से जुड़े हों।
बंटवारा 1947 में आमिर निर्माता और सनी देओल प्रमुख कलाकार हैं। प्रीति जिंटा, शबाना आजमी और अली फजल समेत कई कलाकार फिल्म का हिस्सा हैं।
इसलिए आमिर का पुराना किस्सा फिल्म के मौजूदा प्रमोशनल संदर्भ में भी अतिरिक्त दिलचस्पी पैदा करता है।
इस खबर का अंतरराष्ट्रीय असर सीमित है। हालांकि बंटवारा 1947 की कहानी 1947 के भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है, इसलिए फिल्म का विषय भारत और दक्षिण एशिया के इतिहास से जुड़ा व्यापक संदर्भ रखता है।
फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन की भी जानकारी सामने आई है। बर्लिन के Humboldt Forum में 14 अगस्त को फिल्म की स्क्रीनिंग निर्धारित थी।
आमिर ने KBC में अपने शुरुआती अनुभव का उल्लेख किया है, लेकिन उनके बयान से उस दौर की हर शूटिंग डेट या प्रत्येक प्रोडक्शन जिम्मेदारी का विस्तृत ब्यौरा सामने नहीं आता।
Filmfare के पुराने इंटरव्यू में भी आमिर ने कहा था कि उन्हें सटीक तारीखें याद नहीं थीं। इसलिए उनके शुरुआती काम की अवधि को लेकर अत्यधिक सटीक समय-सीमा बताने से बचना बेहतर है।
इसी तरह यह कहना भी उचित नहीं होगा कि आमिर का पूरा फिल्मी प्रशिक्षण केवल सनी देओल के साथ काम करने से हुआ। उनके करियर पर नासिर हुसैन के फिल्मी माहौल और अन्य शुरुआती अनुभवों का भी असर रहा।
आमिर खान और सनी देओल का यह रिश्ता अब एक नए पेशेवर मुकाम पर है। शुरुआती दौर में आमिर पर्दे के पीछे असिस्टेंट थे, जबकि सनी देओल स्थापित अभिनेता के तौर पर काम कर रहे थे।
दशकों बाद समीकरण बदल गया है। आमिर निर्माता की भूमिका में हैं और सनी देओल फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं।
बंटवारा 1947 की रिलीज के साथ दोनों सितारों का यह पुराना कनेक्शन फिर सार्वजनिक चर्चा में आया है। फिल्म की रिलीज 14 अगस्त 2026 को हुई।
आमिर खान का यह किस्सा उनके स्टार बनने से पहले के उस दौर की तस्वीर पेश करता है, जब वह 18 साल की उम्र में फिल्म सेट के पीछे काम सीख रहे थे। मंजिल मंजिल और जबरदस्त में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर उनका काम स्वतंत्र फिल्म रिकॉर्ड में भी दर्ज है।
सनी देओल के साथ उनका रिश्ता इसलिए दिलचस्प है क्योंकि यह दो अलग दौरों को जोड़ता है। एक तरफ 1980 के दशक का फिल्म सेट है, जहां आमिर सीखने वाले युवा थे। दूसरी तरफ 2026 है, जब वही आमिर निर्माता हैं और सनी देओल उनकी प्रोडक्शन से जुड़ी फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।