शनिवार, 08 August 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
Crime

देहरादून में 26.19 ग्राम स्मैक के साथ यूपी के दो गिरफ्तार

Asif Khan 2026-08-08 16:06:29
देहरादून में 26.19 ग्राम स्मैक के साथ यूपी के दो गिरफ्तार
  • देहरादून में 26.19 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार
  • मुजफ्फरनगर से देहरादून पहुंचे, 26.19 ग्राम स्मैक बरामद
  • छात्रों को स्मैक सप्लाई का आरोप, यूपी के दो गिरफ्तार

  • देहरादून के प्रेमनगर में पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी दो युवकों को 26.19 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्रों और पीजी-हॉस्टल में रहने वाले युवाओं को नशीला पदार्थ बेचने आए थे। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।


    📍 लोकेशन: प्रेमनगर, देहरादून, उत्तराखंड
    📰 तारीख: 08 अगस्त 2026
    ✍️ बाय: आसिफ खान

    देहरादून में 26.19 ग्राम स्मैक की बरामदगी

    देहरादून पुलिस ने प्रेमनगर इलाके में 26.19 ग्राम स्मैक के साथ उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी दो युवकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी नशीला पदार्थ बेचने के इरादे से देहरादून पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान उनके पास से स्मैक बरामद हुई और इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को भी सीज किया गया।

    देहरादून के एसएसपी प्रवेंद्र डोभाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नदीम, उम्र 30 वर्ष और फैसल, उम्र 28 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ प्रेमनगर कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक कैसे हुई गिरफ्तारी

    पुलिस के अनुसार प्रेमनगर कोतवाली की टीम शुक्रवार को चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि के आधार पर दोनों युवकों को रोका गया। तलाशी के दौरान पुलिस को 26.19 ग्राम स्मैक मिली।

    पुलिस ने बरामद पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई है। यह कीमत पुलिस का अनुमान है। ऐसी बरामदगी की वास्तविक बाजार कीमत अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है, इसलिए इसे स्वतंत्र बाजार मूल्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल भी जब्त की है। मामले की आगे की तफ्तीश में बरामदगी, सप्लाई नेटवर्क और नशीले पदार्थ के स्रोत की जांच अहम होगी।

    26.19 ग्राम स्मैक और एनडीपीएस कानून

    नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भारत में कार्रवाई मुख्य रूप से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेज एक्ट, 1985 के तहत होती है। इस कानून में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कब्जे पर सख्त प्रावधान हैं। एक्ट की धारा 21 मैन्युफैक्चर्ड ड्रग्स और उनकी तैयारियों से जुड़े अपराधों में सजा का प्रावधान करती है।

    हेरोइन, जिसे आम बोलचाल में स्मैक या ब्राउन शुगर भी कहा जाता है, के लिए केंद्रीय सरकार की अधिसूचना में 5 ग्राम को स्मॉल क्वांटिटी और 250 ग्राम को कमर्शियल क्वांटिटी निर्धारित किया गया है। 26.19 ग्राम की बरामदगी इन दोनों सीमाओं के बीच आती है, लेकिन किसी विशेष मामले में अंतिम कानूनी वर्गीकरण बरामद पदार्थ की प्रकृति, परीक्षण और अभियोजन के साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।

    इसलिए केवल बरामदगी का वजन देखकर मामले में अंतिम सजा या कानूनी नतीजे का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। अदालत में पुलिस की बरामदगी, फॉरेंसिक रिपोर्ट, चेन ऑफ कस्टडी और अन्य साक्ष्यों की अहम भूमिका होगी।

    पुलिस का छात्रों तक सप्लाई का दावा

    एसएसपी के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे मुजफ्फरनगर से स्मैक लेकर प्रेमनगर आए थे। पुलिस का दावा है कि उनका निशाना शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र और पीजी तथा हॉस्टल में रहने वाले युवा थे।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले भी प्रेमनगर इलाके में छात्रों को स्मैक सप्लाई करने की बात बताई है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। लिहाजा इसे पुलिस पूछताछ में सामने आया दावा ही माना जाना चाहिए, स्थापित तथ्य नहीं।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी देर रात इलाके में रुककर नशीले पदार्थ की सप्लाई की योजना बना रहे थे। इसी दौरान चेकिंग के दौरान उनकी गिरफ्तारी हुई। इस दावे की पुष्टि के लिए पुलिस की केस डायरी, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

    प्रेमनगर में नशे की चुनौती का पुराना संदर्भ

    प्रेमनगर देहरादून का महत्वपूर्ण शैक्षणिक इलाका है। यहां निजी शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल और पीजी में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। ऐसे क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की सप्लाई की शिकायतें सामने आने पर पुलिस के लिए सप्लाई नेटवर्क की पहचान और रोकथाम अहम चुनौती बनती है।

    प्रेमनगर में पहले भी स्मैक तस्करी से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। 2020 में पुलिस ने मुजफ्फरनगर के तीन युवकों को 15 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था। उस मामले में पुलिस ने बताया था कि आरोपियों में एक बीबीए छात्र भी शामिल था।

    इन पुराने मामलों और मौजूदा गिरफ्तारी के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता। फिर भी यह तथ्य बताता है कि प्रेमनगर और आसपास के शैक्षणिक क्षेत्रों में नशे की सप्लाई पुलिस के लिए पहले भी चिंता का विषय रही है।

    केवल गिरफ्तारी से नेटवर्क खत्म नहीं होगा

    इस मामले में सबसे अहम सवाल बरामद स्मैक से आगे का है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नशीला पदार्थ मुजफ्फरनगर में किससे मिला, देहरादून में किसे सप्लाई होना था और इससे जुड़े दूसरे लोग कौन हैं।

    तफ्तीश में सप्लायर और संभावित खरीदारों की पहचान महत्वपूर्ण होगी। अगर पुलिस केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित रखती है तो सप्लाई चेन के ऊपरी स्तर तक पहुंचना मुश्किल होगा।

    मामले में मोबाइल फोन से बचने की कोशिश का पुलिस दावा भी जांच का हिस्सा बन सकता है। यदि इलेक्ट्रॉनिक या वित्तीय साक्ष्य उपलब्ध होते हैं तो वे आरोपियों के कथित नेटवर्क की पड़ताल में मदद कर सकते हैं।

    आरोप और दोषसिद्धि में फर्क जरूरी

    दोनों युवकों की गिरफ्तारी पुलिस की कार्रवाई है। गिरफ्तारी अपने आप में अपराध साबित नहीं करती। आरोपियों को अदालत में अपना पक्ष रखने और कानूनी बचाव का अधिकार है।

    पुलिस पूछताछ में सामने आए कथनों को भी न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। अभियोजन को अदालत के सामने बरामदगी और तस्करी के आरोपों को कानून के मुताबिक साबित करना होगा।

    NDPS मामलों में फॉरेंसिक जांच और बरामदगी की प्रक्रिया खास महत्व रखती है। बरामद पदार्थ की जांच, नमूना लेने की प्रक्रिया और सबूतों की सुरक्षित कस्टडी जैसे पहलू आगे की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहेंगे।

    आर्थिक पहलू भी अहम

    पुलिस ने बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई है। अगर इस अनुमान को पुलिस के दावे के तौर पर देखा जाए तो मामला केवल व्यक्तिगत नशे के इस्तेमाल तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि संभावित अवैध कारोबारी गतिविधि की तरफ इशारा करता है।

    फिर भी आर्थिक मूल्य का अनुमान तस्करी नेटवर्क के वास्तविक कारोबार का प्रमाण नहीं है। असली तजज़िया सप्लाई की मात्रा, बार-बार होने वाली आवाजाही, भुगतान के तरीके और जुड़े लोगों की पहचान के बाद ही संभव होगा।

    आगे की जांच पर नजर

    अब पुलिस की तफ्तीश का फोकस कथित सप्लाई नेटवर्क पर रहेगा। बरामद स्मैक का फॉरेंसिक परीक्षण, आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच और संभावित संपर्कों की पड़ताल मामले की दिशा तय कर सकती है।

    पुलिस के दावे के मुताबिक दोनों आरोपी पहले भी प्रेमनगर में सप्लाई कर चुके हैं। यदि जांच में इस दावे के समर्थन में स्वतंत्र साक्ष्य मिलते हैं तो मामला व्यापक नेटवर्क की तरफ बढ़ सकता है। अगर ऐसे साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो इस दावे को केवल पूछताछ के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ा सार्वजनिक सरोकार

    इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू छात्रों और युवा आबादी की सुरक्षा है। शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की कथित सप्लाई का असर केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा संबंध छात्र सुरक्षा, परिवारों की चिंता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ता है।

    पुलिस कार्रवाई के साथ संस्थानों, हॉस्टल संचालकों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग, काउंसलिंग और नशा मुक्ति सेवाओं तक पहुंच जैसे उपाय भी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा होने चाहिए।

    संपादकीय निष्कर्ष

    देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण जांच बिंदु है, लेकिन इसकी असली अहमियत आगे की तफ्तीश से तय होगी। 26.19 ग्राम स्मैक की बरामदगी और दो गिरफ्तारियां शुरुआती कार्रवाई हैं, पूरी सप्लाई चेन की तस्वीर नहीं।

    पुलिस के आरोपों को अदालत में साक्ष्यों के आधार पर परखा जाएगा। फिलहाल सबसे जरूरी सवाल यह है कि बरामद नशीला पदार्थ कहां से आया, किसे पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। यही जांच इस मामले को एक सामान्य गिरफ्तारी से आगे ले जाकर देहरादून में नशा तस्करी के वास्तविक तंत्र तक पहुंचा सकती है।

  • वीडियो देखें

    ADVERTISEMENT
    Asif Khan

    Asif Khan

    Shah Times Reporter

    शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

    BREAKING NEWS

    संबंधित खबरें

    मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन सवेरा के तहत 5 किलो गांजा बरामद,भोपा पुलिस ने तस्कर दबोचा

    2026-07-09 11:34:57

    श्रीगंगानगर ड्रग्स बरामदगी: हेरोइन-अफीम संग 3 गिरफ्तार

    2026-08-07 14:31:57

    बुढ़ाना में जाली नोटों के नेटवर्क का खुलासा, बैंगलौर से कोरियर के जरिए आती थी खेप

    2026-08-06 19:06:15

    शाहपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, 6 शातिर चोर गिरफ्तार, मुठभेड़ में 2 घायल

    2026-07-30 17:17:05

    राजेंद्र सैनी हत्याकांड: 8 साल बाद दो दोषियों को फांसी, अदालत का ऐतिहासिक फैसला

    2026-06-20 11:33:34

    मुजफ्फरनगर में अवैध हथियार गिरोह का पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार

    2026-06-20 10:47:29

    मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी कांड: 13 मजदूर मुक्त, 11 महीने तक हैवानियत का शिकार

    2026-06-24 06:27:58

    लाखों की चोरी, कोतवाली से 400 मीटर दूर दो दुकानों को बनाया निशाना

    2026-08-07 14:19:48

    TRENDING

    ताज़ा ख़बरें
    BREAKING NEWS
    ADVERTISEMENT

    Your Ad Here
    TRENDING
    आज का ई-पेपर
    मुजफ्फरनगर (12 पेज)
    बिजनौर (10 पेज)
    सहारनपुर (11 पेज)
    मुरादाबाद (14 पेज)
    Home Video Epaper Reel Menu
    Chat With Us
    SHAH TIMES
    ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
    🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर