अमेरिकी नौसेना ने मानी 8 आत्महत्या की कोशिशें, कोई मौत नहीं
Harish Qureshi
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2026-09-24 15:30:35
अमेरिकी नौसेना ने बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की लंबी तैनाती के दौरान आठ कर्मियों ने आत्महत्या का प्रयास किया। कोई आत्महत्या से मौत नहीं हुई।
अमेरिका | 24 सितंबर 2026
By Mohd Haris
लंबी तैनाती के बीच सामने आई गंभीर जानकारी
अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की लंबी मध्य पूर्व तैनाती से जुड़ी एक अहम जानकारी कांग्रेस के सामने रखी है। कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ ने सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड को भेजे एक पत्र में बताया कि तैनाती की शुरुआत से अब तक स्ट्राइक ग्रुप से जुड़े आठ सैन्यकर्मियों ने आत्महत्या का प्रयास किया।
नौसेना के मुताबिक इन आठ मामलों में सिर्फ विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन का क्रू शामिल नहीं है। इसमें कैरियर एयर विंग, स्ट्राइक ग्रुप और डिस्ट्रॉयर स्क्वाड्रन स्टाफ, एस्कॉर्टिंग डिस्ट्रॉयर्स और तैनात एविएशन स्क्वाड्रन के कर्मी भी शामिल हैं।
आत्महत्या से कोई मौत नहीं
हंग काओ के पत्र के मुताबिक इस तैनाती के दौरान किसी सैन्यकर्मी की आत्महत्या से मौत नहीं हुई। यह आंकड़ा आत्महत्या के प्रयासों का है, न कि आत्महत्या से हुई मौतों का।
रिपोर्ट के मुताबिक पूरे लिंकन स्ट्राइक ग्रुप में करीब 7,500 सैन्यकर्मी हैं। नौसेना ने पहले भी जहाज पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के बीच सहायता उपलब्ध होने की जानकारी दी थी।
लगभग नौ महीने चली तैनाती
यूएसएस अब्राहम लिंकन की तैनाती नवंबर 2025 में शुरू हुई थी। मिशन को मई 2026 में समाप्त होना था, लेकिन मध्य पूर्व में जारी सैन्य अभियानों के कारण इसे आगे बढ़ाया गया। इसके बाद जहाज को अगस्त में यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन ने राहत दी।
रिपोर्टों के मुताबिक लिंकन स्ट्राइक ग्रुप ने समुद्र में असाधारण रूप से लंबा समय बिताया। इस दौरान जहाज से जुड़ी आपूर्ति, रहने की परिस्थितियों और कर्मियों की मानसिक सेहत को लेकर सवाल उठते रहे।
दो मामले ओवरबोर्ड जाने से जुड़े
हंग काओ के जवाब के अनुसार दो ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें सैन्यकर्मी जहाज से समुद्र में चले गए या जाने का प्रयास किया। मार्च में एक सैन्यकर्मी को साथियों ने जहाज से बाहर जाने से रोक लिया था। अगस्त में एक अन्य सैन्यकर्मी समुद्र में चला गया, जिसे बाद में बचाकर चिकित्सा सहायता दी गई और आगे के इलाज के लिए जहाज से अलग किया गया।
नौसेना ने बाकी छह आत्महत्या प्रयासों की परिस्थितियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए इन मामलों के कारणों के बारे में अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मौजूद थीं
नौसेना सचिव के पत्र में कहा गया है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मानसिक और भावनात्मक सहायता के लिए कई पेशेवर मौजूद थे। इनमें पांच चैपलिन, एक मनोवैज्ञानिक, एक क्लिनिकल सोशल वर्कर, व्यवहारिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अन्य सहायता कर्मी शामिल थे।
नौसेना ने लंबे मिशन के दौरान कर्मियों की मानसिक सेहत और मनोबल से जुड़ी चिंताओं के बीच इन सेवाओं को उपलब्ध रखने की बात कही है।
आपूर्ति और रहने की परिस्थितियों पर भी सवाल
लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर रहने की परिस्थितियों को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं। नौसेना ने कुछ समस्याओं को स्वीकार किया, जिनमें स्थानीय पाइपलाइन संबंधी खराबियां और रिवर्स ऑस्मोसिस डिसेलिनेशन सिस्टम में दिक्कतें शामिल थीं। कुछ समय के लिए भोजन के विकल्प भी कम किए गए थे।
नौसेना का कहना है कि भोजन की मात्रा और पोषण संबंधी जरूरतें पूरी की जाती रहीं। यानी आपूर्ति से जुड़ी रिपोर्टों में सामने आए सभी दावों को एक ही स्तर पर स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
ईरान युद्ध के दौरान भी जारी रहा मिशन
लिंकन स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती में वह अवधि भी शामिल थी जब अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के खिलाफ अभियान चलाया। सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक आठ आत्महत्या प्रयासों में से दो सक्रिय लड़ाई के दौरान हुए थे। हालांकि नौसेना के पत्र में सभी मामलों को युद्धक गतिविधियों के कारण हुआ बताने वाला कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
यही वजह है कि आत्महत्या प्रयासों के आंकड़े और सैन्य अभियान के बीच सीधा कारणात्मक संबंध स्थापित करना अभी जल्दबाजी होगा।
कांग्रेस में उठे सवाल
न्यूयॉर्क की सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने अगस्त में लिंकन के चालक दल की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। उनके सवालों के जवाब में हंग काओ ने यह जानकारी दी। इससे पहले जहाज पर मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर परिवारों और कुछ रिपोर्टों में चिंता जताई गई थी।
नौसेना ने मानसिक स्वास्थ्य संकट के व्यापक दावे को स्वीकार नहीं किया था। नए आंकड़ों से इतना जरूर स्पष्ट होता है कि लंबे मिशन के दौरान आत्महत्या के प्रयासों के आठ मामले दर्ज किए गए।
अब जहाज वापस लौट रहा है
यूएसएस अब्राहम लिंकन को अगस्त में यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन ने राहत दी थी। इसके बाद लिंकन स्ट्राइक ग्रुप के कर्मी अमेरिका लौटने की प्रक्रिया में हैं। जहाज ने वापसी के दौरान थाईलैंड में भी ठहराव किया।
लंबी तैनाती खत्म होने के बाद अब अमेरिकी नौसेना के सामने कर्मियों की मानसिक सेहत, पुनर्वास और भविष्य की तैनाती के दौरान ऐसी परिस्थितियों से निपटने की चुनौती महत्वपूर्ण रहेगी।
निष्कर्ष
यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप से जुड़े आठ आत्महत्या प्रयासों की पुष्टि अमेरिकी नौसेना के शीर्ष अधिकारी ने कांग्रेस को भेजे पत्र में की है। यह आंकड़ा सिर्फ विमानवाहक पोत के चालक दल का नहीं, बल्कि पूरे स्ट्राइक ग्रुप से जुड़े सैन्यकर्मियों का है।
नौसेना के मुताबिक तैनाती के दौरान आत्महत्या से किसी सैन्यकर्मी की मौत नहीं हुई। अब इस खुलासे के बाद लंबी समुद्री तैनाती, युद्धक दबाव और सैन्यकर्मियों की मानसिक सेहत को लेकर अमेरिकी रक्षा व्यवस्था में आगे की समीक्षा पर नजर रहेगी।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।