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जोमैटो का बड़ा फैसला, एनालॉग डेयरी वाले व्यंजनों पर तत्काल प्रतिबंध

Harish Qureshi • 2026-08-31 14:09:00
जोमैटो का बड़ा फैसला, एनालॉग डेयरी वाले व्यंजनों पर तत्काल प्रतिबंध

जोमैटो ने एनालॉग पनीर, एनालॉग चीज़ और दूसरे एनालॉग डेयरी वाले घोषित व्यंजनों पर तत्काल प्रभाव से जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की है। नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट हटेंगे।


नई दिल्ली | 31 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स

By Mohd Haris


जोमैटो ने एनालॉग डेयरी वाले व्यंजनों पर लगाया तत्काल प्रतिबंध


फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने अपने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग डेयरी वाले व्यंजनों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की है। कंपनी के मुताबिक, जिन व्यंजनों में एनालॉग डेयरी इस्तेमाल होने की जानकारी रेस्टोरेंट पार्टनर्स ने दी है, उन्हें तत्काल प्रभाव से प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।


यह कदम ऐसे समय आया है जब देश में एनालॉग पनीर और दूसरे डेयरी विकल्पों को लेकर फूड सेफ्टी और खाद्य गुणवत्ता की जांच बढ़ी हुई है। 

महाराष्ट्र में आर्टिफिशियल पनीर के खिलाफ कार्रवाई और अन्य खाद्य सुरक्षा जांचों के बाद इस मुद्दे पर नियामकीय निगरानी तेज हुई है।


किन व्यंजनों पर लागू होगा नया नियम


जोमैटो की नीति एनालॉग चीज़, एनालॉग पनीर और दूसरे एनालॉग डेयरी उत्पादों वाले खाद्य पदार्थों पर लागू होगी।


एनालॉग डेयरी उत्पादों में दूध से मिलने वाले कुछ या सभी घटकों की जगह दूसरे घटकों का इस्तेमाल किया जाता है। एनालॉग पनीर में वनस्पति तेल, स्टार्च, प्लांट प्रोटीन और इमल्सीफायर जैसे घटकों का इस्तेमाल हो सकता है।


इसलिए इसे सामान्य पनीर या दूध से बने पारंपरिक डेयरी उत्पादों पर प्रतिबंध नहीं माना जाना चाहिए।


रेस्टोरेंट्स को क्या करना होगा


जोमैटो ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।


रेस्टोरेंट्स को प्राकृतिक डेयरी उत्पादों पर स्विच करने को कहा गया है। जहां ऐसा तुरंत संभव नहीं है, वहां एनालॉग डेयरी वाले आइटम मेन्यू से हटाने होंगे।


कंपनी ने रेस्टोरेंट्स से सप्लायर्स के प्रोडक्ट लेबल और इंग्रीडिएंट डिक्लेरेशन की समीक्षा करने को भी कहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जो खाद्य पदार्थ ग्राहक को दिखाया और बेचा जा रहा है, उसमें इस्तेमाल सामग्री की सही जानकारी दी गई हो।


नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट पर कार्रवाई


जोमैटो ने साफ किया है कि गैर-अनुपालन करने वाले रेस्टोरेंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाया जा सकता है।


कंपनी ने अपने पास ऐसे रेस्टोरेंट्स की लिस्टिंग हटाने का अधिकार भी सुरक्षित रखा है जो नई नीति का पालन नहीं करते।


जोमैटो के मुताबिक, यह नीति ग्राहकों के हित, खाद्य गुणवत्ता और मेन्यू में पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए लागू की गई है।


जोमैटो ने क्या कहा


जोमैटो के सीईओ आदित्य मंगला ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों के लिए बेहतर भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने खाद्य गुणवत्ता और ग्राहकों को दी जाने वाली जानकारी के स्पष्ट मानकों को कंपनी की प्राथमिकता बताया।


कंपनी ने कहा है कि नई नीति लागू नियामकीय जरूरतों और ग्राहकों के लिए बेहतर पारदर्शिता की दिशा में उसके व्यापक प्रयास का हिस्सा है।


एनालॉग पनीर को लेकर क्यों बढ़ी चिंता


एनालॉग पनीर देखने और इस्तेमाल में सामान्य पनीर जैसा लग सकता है, लेकिन इसकी संरचना अलग होती है। इसमें दूध से प्राप्त वसा की जगह वनस्पति तेल और दूसरे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं।


मामला तब गंभीर होता है जब ऐसे उत्पाद को सही तरीके से लेबल किए बिना असली पनीर या डेयरी उत्पाद के तौर पर पेश किया जाता है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता पारदर्शिता पर बहस तेज हुई है।


रिपोर्ट के मुताबिक, FSSAI ने अप्रैल में स्पष्ट किया था कि एनालॉग उत्पादों की बिक्री सही लेबलिंग के साथ हो सकती है, लेकिन एनालॉग चीज़ को पनीर के तौर पर बेचना या एनालॉग उत्पाद से बने व्यंजन को पनीर के रूप में सूचीबद्ध करना खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उल्लंघन है।


महाराष्ट्र में भी हुई कार्रवाई


महाराष्ट्र में आर्टिफिशियल या एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है। यह कार्रवाई राज्य में पनीर के नमूनों की जांच के बाद की गई।


राज्य की जांच में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 308 नमूनों में से 109 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इनमें 79 नमूने सब-स्टैंडर्ड और 30 असुरक्षित श्रेणी में पाए गए।


ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा


जो ग्राहक जोमैटो से खाना ऑर्डर करते हैं, उनके लिए इस फैसले का सबसे सीधा असर मेन्यू लिस्टिंग पर होगा।


रेस्टोरेंट पार्टनर्स द्वारा एनालॉग डेयरी के इस्तेमाल की घोषणा किए गए आइटम अब प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं होंगे। रेस्टोरेंट्स को या तो प्राकृतिक डेयरी उत्पाद इस्तेमाल करने होंगे या संबंधित आइटम मेन्यू से हटाना होगा।


इस नीति से ग्राहकों को मेन्यू में बताए गए खाद्य घटकों और वास्तव में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के बीच बेहतर पारदर्शिता मिलने की उम्मीद है।


वीडियो देखें

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Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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