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बरसात में किन सब्जियों से बरतें सावधानी? जानिए वजह

Neelam Saini 2026-08-10 17:15:56
बरसात में किन सब्जियों से बरतें सावधानी? जानिए वजह

बरसात में किन सब्जियों से रखें दूरी? जानिए पूरी वजह

मानसून में हरी सब्जियां खाते समय क्यों जरूरी है सावधानी?

बारिश में सब्जियां खरीदते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

बरसात में किसी खास सब्जी को पूरी तरह नुकसानदायक कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। हालांकि पत्तेदार सब्जियों, कच्चे सलाद और अच्छी तरह साफ न की गई सब्जियों में मिट्टी, कीटाणु या अन्य दूषित पदार्थों का जोखिम हो सकता है। अच्छी तरह धोना, खराब हिस्से हटाना और सब्जियों को पकाकर खाना सुरक्षा बढ़ाता है। 

📍 Location: नई दिल्ली, भारत
📰 Date: 10 अगस्त 2026
✍️ नीलम सैनी

बरसात में सब्जियों को लेकर क्यों बढ़ जाती है सावधानी?

बरसात के मौसम में खान-पान को लेकर कई तरह की सलाह सोशल मीडिया और आम बातचीत में सामने आती है। इनमें कुछ लोग पत्तेदार सब्जियों से पूरी तरह दूरी बनाने की बात कहते हैं, तो कुछ लोग कई दूसरी सब्जियों को भी मानसून में नुकसानदायक बताते हैं। लेकिन वैज्ञानिक नजरिये से तस्वीर इतनी सीधी नहीं है। किसी सब्जी का सिर्फ बारिश के मौसम में मिलना उसे असुरक्षित नहीं बनाता। असल चिंता सब्जी के उगने, तोड़े जाने, परिवहन, बाजार में रखे जाने और घर में तैयार किए जाने के दौरान होने वाले माइक्रोबियल कंटैमिनेशन की होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फल और सब्जियां स्वस्थ आहार का अहम हिस्सा हैं, लेकिन दूषित होने पर ये फूडबॉर्न बीमारी का माध्यम भी बन सकती हैं। 

कौन-सी सब्जियों में ज्यादा सावधानी जरूरी?

मानसून में सबसे ज्यादा सावधानी हरी पत्तेदार सब्जियों को लेकर रखी जा सकती है। पालक, मेथी, सरसों का साग, धनिया और लेट्यूस जैसी पत्तियों में मिट्टी और दूसरे दूषित पदार्थ फंस सकते हैं, क्योंकि उनकी सतह कई परतों और असमान हिस्सों वाली होती है।एफएसएसएआई भी पत्तेदार सब्जियों को साफ करने और खराब या सड़े हिस्सों को हटाने पर जोर देता है। उसकी गाइडलाइन में बाहरी पत्तियों को हटाने और साफ पानी से सब्जियों को धोने की सलाह दी गई है। इसका मतलब यह नहीं कि बारिश में पालक या मेथी खाना बंद कर देना चाहिए। बल्कि सवाल यह है कि सब्जी कितनी ताजा है, उसे किस तरह साफ किया गया है और उसे कच्चा खाया जा रहा है या अच्छी तरह पकाया जा रहा है।

पत्तेदार सब्जियों में क्यों रखें विशेष ध्यान?

हरी पत्तेदार सब्जियां पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं और संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती हैं। लेकिन कच्ची या अधधुली पत्तियों में मिट्टी और हानिकारक सूक्ष्मजीव मौजूद होने की संभावना रहती है।सीडीसी के मुताबिक बिना धुली ताजी सब्जियां और खासकर पत्तेदार सब्जियां फूडबॉर्न बीमारी के लिहाज से अधिक जोखिम वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हो सकती हैं। पत्तेदार सब्जियों को बहते पानी में अच्छी तरह धोना और क्षतिग्रस्त पत्तियों को हटाना सुरक्षित तैयारी का हिस्सा है। बरसात में बाजार की सब्जियों पर मिट्टी या गंदा पानी लगा हुआ दिखे तो उसे सीधे पकाने के बजाय पहले अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। केवल पानी में कुछ सेकंड डुबो देना पर्याप्त सफाई की गारंटी नहीं देता।

फूलगोभी और पत्तागोभी में क्या सावधानी रखें?

फूलगोभी और पत्तागोभी को लेकर भी मानसून में सावधानी की जरूरत होती है, लेकिन इन्हें पूरी तरह छोड़ने का कोई सामान्य वैज्ञानिक आधार नहीं है। इनके बीच की परतों और हिस्सों में मिट्टी या छोटे कीड़े छिपे हो सकते हैं।एफएसएसएआई के एक फूड सेफ्टी दस्तावेज में फूलगोभी को साफ करने के लिए ठंडे नमकीन पानी में रखने का उल्लेख किया गया है, ताकि कीट या कृमि जैसी बाहरी अशुद्धियां हटाने में मदद मिल सके। पत्तागोभी की बाहरी पत्तियां भी हटाकर बाकी हिस्से को साफ पानी से धोना बेहतर है। अगर सब्जी पर सड़न, दुर्गंध या असामान्य चिपचिपापन दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

कच्ची सब्जियों और सलाद में क्यों बरतें सावधानी?

बारिश के मौसम में कच्चा सलाद खाने से पहले उसकी सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खीरा, टमाटर, गाजर, मूली और दूसरी कच्ची सब्जियों को बिना धोए काटना या खाना उचित नहीं है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक ताजा फल और सब्जियां खेत से लेकर बाजार और घर तक किसी भी चरण में दूषित हो सकती हैं। सीडीसी भी खाने से पहले सब्जियों को बहते पानी में धोने की सलाह देता है। खास बात यह है कि धोने के बाद जिस चाकू, कटिंग बोर्ड या सतह पर सब्जी काटी जा रही है, वह भी साफ होनी चाहिए। गंदी सतह से साफ सब्जी दोबारा दूषित हो सकती है।

अंकुरित सब्जियों में भी क्यों सावधानी?

अंकुरित खाद्य पदार्थों को लेकर फूड सेफ्टी की चिंता सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं है। कच्चे स्प्राउट्स में कुछ बैक्टीरिया के पनपने की संभावना रहती है, क्योंकि अंकुरण के लिए गर्म और नम वातावरण इस्तेमाल किया जाता है।सीडीसी कच्चे या अधपके स्प्राउट्स को अधिक जोखिम वाले खाद्य पदार्थों में शामिल करता है और उन्हें अच्छी तरह पकाकर खाने को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प बताता है। 
इसलिए अगर मानसून में स्प्राउट्स का सेवन किया जा रहा है तो उनकी स्वच्छता और पकाने की प्रक्रिया पर अतिरिक्त ध्यान देना बेहतर है।

बैंगन, भिंडी और दूसरी सब्जियों का क्या?

बैंगन, भिंडी, लौकी, तोरई, गाजर और दूसरी सब्जियों को सिर्फ इसलिए मानसून में नुकसानदायक नहीं माना जा सकता क्योंकि मौसम बारिश का है। इन सब्जियों में भी पोषक तत्व होते हैं और विविध आहार में इनकी उपयोगिता बनी रहती है।हालांकि एफएसएसएआई के अनुसार सब्जियों पर मौजूद सतही कीटनाशक अवशेषों और गंदगी को कम करने के लिए साफ बहते पानी से अच्छी तरह धोना उपयोगी है। बैंगन और भिंडी जैसी सब्जियों को भी अच्छी तरह धोने की सलाह दी जाती है। इसलिए यहां मौसम से ज्यादा महत्वपूर्ण सब्जी की गुणवत्ता और उसकी सफाई है। सड़ी, कटी, चोट लगी या असामान्य गंध वाली सब्जी को केवल धोकर इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

क्या बारिश में सब्जियां खाना बंद कर देना चाहिए?

यह एक आम लेकिन गलतफहमी पैदा करने वाला सवाल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन स्वस्थ आहार में पर्याप्त मात्रा में सब्जियों और फलों को शामिल करने की सलाह देता है और विविधता को स्वस्थ आहार का बुनियादी सिद्धांत मानता है। इसलिए मानसून में सब्जियों को पूरी तरह छोड़ देना संतुलित स्वास्थ्य सलाह नहीं होगी। बेहतर तरीका यह है कि ताजी सब्जियां खरीदें, खराब हिस्से हटाएं, साफ पानी से धोएं और जहां संभव हो उन्हें अच्छी तरह पकाकर खाएं।

धोने से क्या सभी कीटाणु खत्म हो जाते हैं?

सब्जियों को धोना जरूरी है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि धोने से हर तरह के कीटाणु पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं होती। सीडीसी के मुताबिक धुलाई जोखिम कम करने में मदद करती है, जबकि अच्छी तरह पकाना कई हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने का अधिक प्रभावी तरीका हो सकता है। इसलिए जिन सब्जियों को पकाकर खाना सामान्य है, उन्हें अच्छी तरह पकाना बेहतर विकल्प है। वहीं कच्चे सलाद के मामले में साफ पानी, साफ हाथ और साफ बर्तन का इस्तेमाल विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

सब्जियां खरीदते समय किन संकेतों पर नजर डालें?

बरसात में सब्जियां खरीदते समय सिर्फ चमकदार रंग देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। बहुत ज्यादा नरम, सड़ी हुई, बदबूदार, फफूंदी लगी या असामान्य रूप से चिपचिपी सब्जियों से बचना बेहतर है।एफएसएसएआई के अनुसार क्षतिग्रस्त और चोट लगे हिस्सों को हटाना जरूरी है, क्योंकि ऐसे हिस्सों में बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया पनप सकते हैं। घर लाने के बाद भी सब्जियों को साफ तरीके से संभालना जरूरी है। कच्ची सब्जियों को ऐसे खाद्य पदार्थों से अलग रखना चाहिए जिन्हें बिना पकाए खाया जाना है, ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन का जोखिम कम हो।

सब्जियों को सुरक्षित रखने का सही तरीका

सब्जियों को साफ करने के लिए साफ और सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। एफएसएसएआई ताजी सब्जियों और फलों को साफ पानी से धोने और कच्चे तथा तैयार भोजन को अलग रखने की सलाह देता है। कटे हुए या छीले हुए खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ना भी ठीक नहीं है। सीडीसी के मुताबिक कटे, छीले या पके फल-सब्जियों को जल्द से जल्द ठंडा करके रखना चाहिए। 

ज्यादा जरूरी है सब्जी की गुणवत्ता या मौसम?

स्वास्थ्य के नजरिये से दोनों बातें जुड़ी हैं, लेकिन मौसम को अकेला दोष देना सही नहीं होगा। बारिश में नमी, गंदे पानी और खराब स्टोरेज जैसी परिस्थितियां कुछ खाद्य सुरक्षा जोखिमों को बढ़ा सकती हैं, लेकिन खराब तरीके से संभाली गई सब्जी किसी भी मौसम में समस्या पैदा कर सकती है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सुरक्षित भोजन का मतलब ऐसा भोजन है जो हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी और रासायनिक दूषित पदार्थों से मुक्त हो। इसलिए फूड सेफ्टी को मौसम के बजाय पूरी फूड चेन और खाद्य हैंडलिंग के नजरिये से देखना ज्यादा वैज्ञानिक है। 

किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?

फूडबॉर्न संक्रमण किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है। WHO के अनुसार असुरक्षित भोजन का बोझ बच्चों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों पर विशेष रूप से असर डाल सकता है। ऐसे लोगों के लिए कच्ची, अधधुली या संदिग्ध गुणवत्ता वाली सब्जियों से बचना और भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। गर्भवती महिलाओं को भी खाद्य स्वच्छता को लेकर विशेष सतर्क रहना चाहिए।

निष्कर्ष

बरसात में सब्जियां खाना बंद करने की जरूरत नहीं है। असल जरूरत उन सब्जियों और खाद्य पदार्थों से सावधानी बरतने की है जो गंदे पानी, मिट्टी, खराब स्टोरेज या अस्वच्छ तरीके से संभाले गए हों। खासकर पत्तेदार सब्जियां, कच्चा सलाद और स्प्राउट्स साफ-सफाई के लिहाज से अतिरिक्त ध्यान मांग सकते हैं। सब्जियों को खरीदने से लेकर पकाने तक स्वच्छता का ध्यान रखना ही सबसे अहम कदम है। मानसून में सवाल यह नहीं कि कौन-सी सब्जी दुश्मन है, बल्कि यह है कि आपकी प्लेट तक पहुंचने से पहले सब्जी को कितनी सुरक्षित तरीके से संभाला गया है।

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Neelam Saini

Neelam Saini

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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