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कोल्ड ड्रिंक पीना सेहत के लिए क्यों हो सकता है नुकसानदायक? जानिए पूरी सच्चाई

Neelam Saini • 2026-08-27 18:37:54
कोल्ड ड्रिंक पीना सेहत के लिए क्यों हो सकता है नुकसानदायक? जानिए पूरी सच्चाई
कोल्ड ड्रिंक पीना सेहत के लिए क्यों हो सकता है नुकसानदायक? जानिए पूरी सच्चाई

नियमित शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक पीने से शरीर को अतिरिक्त चीनी और कैलोरी मिलती है। ज्यादा सेवन वजन बढ़ने, मोटापे, दांतों की कैविटी और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा है।

गर्मी में ठंडी कोल्ड ड्रिंक का एक गिलास तुरंत ताजगी का एहसास करा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह शरीर के लिए भी उतनी ही फायदेमंद है। खासकर शुगर वाली कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का नियमित और अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त चीनी और कैलोरी पहुंचा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मुक्त शर्करा का अधिक सेवन अस्वास्थ्यकर वजन बढ़ने और दांतों में कैविटी के जोखिम से जुड़ा है। संगठन वयस्कों और बच्चों दोनों में मुक्त शर्करा का सेवन कुल दैनिक ऊर्जा का १० प्रतिशत से कम रखने की सलाह देता है और इसे ५ प्रतिशत से कम करना अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। 

कोल्ड ड्रिंक में सबसे बड़ी चिंता क्या है?

कोल्ड ड्रिंक को लेकर सबसे अहम सवाल सिर्फ गैस या ठंडक का नहीं, बल्कि उसमें मौजूद मुक्त शर्करा का है। मुक्त शर्करा में वे शर्कराएं शामिल होती हैं जो निर्माता, खाना बनाने वाले या उपभोक्ता द्वारा खाद्य पदार्थों और पेय में जोड़ी जाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मीठे पेय इन शर्कराओं के सेवन का एक महत्वपूर्ण स्रोत हो सकते हैं। यानी अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से मीठी कोल्ड ड्रिंक पीता है और इसके अलावा चाय, मिठाई, बिस्किट, पैकेज्ड स्नैक्स या दूसरे मीठे खाद्य पदार्थ भी लेता है, तो पूरे दिन की कुल शर्करा तेजी से बढ़ सकती है।

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ज्यादा चीनी वजन बढ़ने की वजह बन सकती है

शुगर वाली ड्रिंक अक्सर तरल रूप में होती है, इसलिए इसे पीना आसान होता है। लेकिन इससे मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी भी दैनिक ऊर्जा सेवन में जुड़ती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन वयस्कों में अस्वास्थ्यकर वजन बढ़ने से जुड़ा है। बच्चों और किशोरों में भी मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन अधिक वजन और मोटापे के जोखिम से संबंधित पाया गया है। यही वजह है कि वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए रोजाना मीठी कोल्ड ड्रिंक लेना अच्छा विकल्प नहीं माना जाता।

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दांतों को भी पहुंच सकता है नुकसान

कोल्ड ड्रिंक का असर सिर्फ वजन तक सीमित नहीं है। इसमें मौजूद मुक्त शर्करा दांतों की सेहत के लिए भी चिंता का विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मुंह में मौजूद प्लाक मुक्त शर्करा को अम्ल में बदल सकता है। यह अम्ल समय के साथ दांतों की सतह को नुकसान पहुंचा सकता है और कैविटी यानी दांतों में सड़न का कारण बन सकता है। इसलिए बार-बार मीठे पेय का सेवन और दांतों की पर्याप्त सफाई न करना दांतों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।

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क्या रोजाना कोल्ड ड्रिंक पीने से मधुमेह का खतरा बढ़ता है?

यहां भाषा में सावधानी जरूरी है। यह कहना सही नहीं होगा कि एक गिलास कोल्ड ड्रिंक पीने से किसी व्यक्ति को मधुमेह हो जाएगा।लेकिन लंबे समय तक मीठे पेय पदार्थों का नियमित और अधिक सेवन अस्वास्थ्यकर वजन बढ़ने और टाइप-२ मधुमेह सहित कई गैर-संचारी रोगों के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मीठे पेय पदार्थों के नियमित सेवन को टाइप-२ मधुमेह, मोटापा, दांतों की कैविटी और हृदय संबंधी बीमारियों जैसे स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ा है। इसलिए चिंता एक बार के सेवन से ज्यादा नियमित आदत और कुल आहार पैटर्न को लेकर है।

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सिर्फ कोल्ड ड्रिंक ही नहीं, दूसरे मीठे पेय भी ध्यान देने लायक

कई लोग सोचते हैं कि नुकसान केवल कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक से होता है। लेकिन समस्या पेय में मौजूद मुक्त शर्करा की मात्रा से भी जुड़ी है। मीठी आइस्ड टी, फ्लेवर्ड ड्रिंक, मीठे ऊर्जा पेय और अन्य शुगर-स्वीटेंड बेवरेज भी अतिरिक्त शर्करा का स्रोत हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन मीठे पेय पदार्थों की श्रेणी में कई तरह के शर्करा युक्त पेय को शामिल करता है। इसलिए सिर्फ ‘कोल्ड ड्रिंक’ छोड़कर दूसरे मीठे पेय को रोजाना बड़ी मात्रा में लेना समस्या का पूरा समाधान नहीं है।

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क्या जीरो शुगर या डाइट ड्रिंक पूरी तरह सुरक्षित हैं?

यह एक अलग सवाल है। किसी पेय में चीनी कम या शून्य होने से वह अपने आप पौष्टिक पेय नहीं बन जाता। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लंबे समय में शरीर के वजन को नियंत्रित करने के लिए गैर-शर्करा मिठास पर निर्भर रहने की रणनीति की सिफारिश नहीं की है। संगठन स्वस्थ आहार में कुल मिलाकर मीठे स्वाद की आदत कम करने पर जोर देता है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति सामान्य मीठी कोल्ड ड्रिंक की जगह कभी-कभार कम या बिना चीनी वाला विकल्प चुनता है तो वह अलग बात है, लेकिन इसे रोजाना पानी का विकल्प मानना उचित नहीं होगा।

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बच्चों के लिए क्यों जरूरी है सावधानी?

बच्चों और किशोरों में मीठे पेय पदार्थों का सेवन विशेष चिंता का विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बच्चों में मीठे पेय पदार्थों का बढ़ा हुआ सेवन अधिक वजन और मोटापे से जुड़ा है। इसके अलावा, बचपन से ही मीठे पेय की आदत बनने पर कुल मुक्त शर्करा का सेवन बढ़ सकता है, जिसका असर दांतों की सेहत पर भी पड़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की २०२५ की तकनीकी जानकारी के अनुसार, दो साल से कम उम्र के बच्चों को शुगर-स्वीटेंड बेवरेज नहीं देने की सलाह दी गई है। 

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कितनी चीनी लेना ठीक है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मौजूदा स्वस्थ आहार संबंधी सलाह के अनुसार, वयस्कों और बच्चों को मुक्त शर्करा का सेवन कुल दैनिक ऊर्जा का १० प्रतिशत से कम रखना चाहिए। लगभग २००० कैलोरी वाले आहार में यह करीब ५० ग्राम या १२ छोटी चम्मच के बराबर है। संगठन के अनुसार, इसे ५ प्रतिशत से कम करने से अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। यह सीमा पूरे दिन में खाने-पीने वाली सभी मुक्त शर्कराओं से संबंधित है, केवल कोल्ड ड्रिंक से नहीं। इसलिए किसी एक पेय को देखकर फैसला करने के बजाय पूरे दिन के भोजन और पेय में शामिल चीनी को ध्यान में रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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कोल्ड ड्रिंक की जगह क्या लिया जा सकता है?

प्यास बुझाने के लिए सामान्य पानी सबसे आसान विकल्प है। इसके अलावा बिना अतिरिक्त चीनी वाला नींबू पानी, सादा छाछ या अन्य कम-चीनी वाले विकल्प व्यक्ति की पसंद और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार लिए जा सकते हैं। फलों का रस भी असीमित मात्रा में पीने का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन मुक्त शर्करा की परिभाषा में फलों के रस और फलों के रस के कंसंट्रेट में मौजूद शर्करा को भी शामिल करता है। इसलिए पूरा फल खाना और मीठे पेय की आदत कम करना आम तौर पर बेहतर आहार रणनीति हो सकती है।

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अगर कभी-कभार पीते हैं तो?

कोल्ड ड्रिंक के स्वास्थ्य प्रभावों को समझते समय संतुलन जरूरी है। किसी व्यक्ति द्वारा कभी-कभार थोड़ी मात्रा में पेय लेना और रोजाना कई बार मीठी ड्रिंक पीना एक जैसी स्थिति नहीं है। मुख्य चिंता तब बढ़ती है जब मीठे पेय दैनिक आहार का नियमित हिस्सा बन जाते हैं और इनके साथ अन्य मीठे खाद्य पदार्थ भी बड़ी मात्रा में लिए जाते हैं। इसलिए लक्ष्य सिर्फ किसी एक दिन का सेवन नहीं, बल्कि लंबे समय की खाने-पीने की आदतों को स्वस्थ बनाना होना चाहिए।

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निष्कर्ष

कोल्ड ड्रिंक का स्वाद और ताजगी भले ही आकर्षक लगे, लेकिन नियमित शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक को स्वास्थ्यवर्धक पेय नहीं माना जा सकता। इसमें मौजूद मुक्त शर्करा का अधिक सेवन अतिरिक्त कैलोरी बढ़ा सकता है और लंबे समय में अस्वास्थ्यकर वजन बढ़ने तथा दांतों की कैविटी जैसे जोखिमों से जुड़ा है। 

इसलिए कोल्ड ड्रिंक को रोजाना की प्यास बुझाने वाले पेय के बजाय कभी-कभार और सीमित मात्रा में लिया जाने वाला पेय मानना बेहतर है। प्यास के लिए पानी को प्राथमिकता देना और पूरे दिन के कुल चीनी सेवन पर नजर रखना ज्यादा अहम है।

जरूरी बात

यदि किसी व्यक्ति को मधुमेह, मोटापा या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो उसके लिए पेय पदार्थों का चुनाव व्यक्तिगत चिकित्सकीय या आहार संबंधी सलाह के अनुसार होना चाहिए।

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Neelam Saini

Neelam Saini

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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