मेरठ से प्रयागराज तक बने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू होने के बाद यातायात में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। शुरुआती दिनों में जहां प्रतिदिन लगभग 18 हजार वाहन इस एक्सप्रेसवे का उपयोग कर रहे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 12 हजार रह गई है।
हालांकि सप्ताहांत के दौरान ट्रैफिक में फिर से तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार और रविवार को वाहनों की संख्या बढ़कर 13 से 14 हजार तक पहुंच जाती है, जो सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।
टोल लागू होने के बाद बदली तस्वीर
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अप्रैल में किया गया था। शुरुआती 15 दिनों तक वाहन चालकों को टोल शुल्क नहीं देना पड़ा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने इस मार्ग का उपयोग किया। लेकिन टोल लागू होने के बाद दैनिक यातायात में गिरावट दर्ज की गई।
संचालन एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, टोल शुल्क शुरू होने के बाद कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, जिससे ट्रैफिक कम हुआ।
वीकेंड पर बढ़ रहा ट्रैफिक
सामान्य दिनों में जहां करीब 12 हजार वाहन एक्सप्रेसवे से गुजरते हैं, वहीं शनिवार और रविवार को यह संख्या बढ़कर 13 से 14 हजार तक पहुंच जाती है। छुट्टियों और पर्यटन के कारण सप्ताहांत में लोगों की आवाजाही अधिक रहने से ट्रैफिक में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
जल्द शुरू हो सकती हैं रोडवेज बस सेवाएं
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने संकेत दिए हैं कि मेरठ से प्रयागराज के बीच गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द बस सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में योजना तैयार की जा रही है ताकि यात्रियों को तेज और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।
स्थानीय लोगों की क्या राय?
स्थानीय लोगों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को आसान बना रहा है। उनका कहना है कि यदि नियमित बस सेवाएं शुरू होती हैं तो यात्रियों का भरोसा और बढ़ेगा तथा एक्सप्रेसवे का उपयोग भी अधिक होगा।
मुख्य बातें
टोल लागू होने के बाद दैनिक ट्रैफिक 18 हजार से घटकर लगभग 12 हजार वाहन हुआ।
सप्ताहांत में ट्रैफिक 13 से 14 हजार वाहनों तक पहुंच रहा है।
शुरुआती 15 दिनों तक एक्सप्रेसवे टोल फ्री रहा था।
मेरठ से प्रयागराज के बीच रोडवेज बस सेवा शुरू करने की तैयारी।
बेहतर कनेक्टिविटी के कारण भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने की उम्मीद।
निष्कर्ष
गंगा एक्सप्रेसवे ने उत्तर प्रदेश में तेज और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराया है। टोल लागू होने से शुरुआती दिनों में ट्रैफिक में कमी जरूर आई है, लेकिन सप्ताहांत में बढ़ती आवाजाही यह संकेत देती है कि लोग धीरे-धीरे इस मार्ग को अपनाने लगे हैं। बस सेवाएं शुरू होने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात और बढ़ने की संभावना है।