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फादर्स डे पर सोनी सब सितारों ने पिता से मिली सीखें साझा कीं

Shahana 2026-06-20 09:21:32
फादर्स डे पर सोनी सब सितारों ने पिता से मिली सीखें साझा कीं
फादर्स डे पर सितारों की भावनात्मक अभिव्यक्ति

मुंबई में इंटरनेशनल फादर्स डे के मौके पर सोनी सब के कई चर्चित कलाकारों ने अपने पिताओं के साथ जुड़े अनुभवों को साझा किया। कलाकारों ने बताया कि उनके पिता जीवन के पहले शिक्षक और सबसे मजबूत सहारा रहे हैं। इक़बाल खान, अर्जुन पुंज, मुस्कान बामने और मनीष वाधवा जैसे सितारों ने पिता से मिले मूल्यों को अपनी सफलता का आधार बताया। सभी कलाकारों ने पिता के प्रेम, त्याग और मार्गदर्शन को नमन करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

इंटरनेशनल फादर्स डे सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि उन अनगिनत त्यागों, संघर्षों और प्रेम का उत्सव है जो हर पिता अपने परिवार के लिए करता है। इस खास मौके पर सोनी सब के लोकप्रिय कलाकारों ने अपने जीवन के सबसे मजबूत स्तंभ—अपने पिता—को याद करते हुए भावनात्मक बातें साझा कीं। उनके अनुभवों में न केवल व्यक्तिगत यादें झलकती हैं, बल्कि यह भी सामने आता है कि कैसे एक पिता की छोटी-छोटी सीखें जीवन की दिशा तय करती हैं।

क्या हुआ इस खास मौके पर

मुंबई में आयोजित इस विशेष अवसर पर सोनी सब के कई चर्चित धारावाहिकों से जुड़े कलाकारों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। कलाकारों ने खुलकर बताया कि उनके पिता उनके जीवन के पहले गुरु, मार्गदर्शक और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं।

इक़बाल खान, जो “यादें” में डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे हैं, ने कहा कि पिता बनने के बाद उन्होंने अपने पिता की जिम्मेदारियों को गहराई से समझा। वहीं अर्जुन पुंज ने बताया कि उनके पिता ने बचपन से ही उन्हें आत्मविश्वास दिया।

मुस्कान बामने और नितिन बाबू ने भी अपने पिता के साथ जुड़े अनुभव साझा किए, जबकि मनीष वाधवा और तोरल रसपुत्रा ने पिता के समर्पण और मौन समर्थन को अपनी ताकत बताया।

क्यों मायने रखता है यह दिन

फादर्स डे आज के समय में और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि बदलती जीवनशैली में परिवार के साथ समय बिताना चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में यह दिन रिश्तों को फिर से समझने और उन्हें मजबूत करने का अवसर देता है।

कलाकारों की बातें यह दर्शाती हैं कि चाहे व्यक्ति किसी भी पेशे में हो, उसके जीवन की नींव में परिवार और खासकर पिता की भूमिका बेहद अहम होती है।

गहराई से समझें पिता की भूमिका

एक पिता सिर्फ परिवार का मुखिया नहीं होता, बल्कि वह एक ऐसा मार्गदर्शक होता है जो बिना कहे भी बहुत कुछ सिखा देता है।

इक़बाल खान ने ईमानदारी और धैर्य की बात की, जो आज के प्रतिस्पर्धी दौर में बेहद जरूरी है। अर्जुन पुंज ने संवाद और विश्वास की अहमियत को रेखांकित किया।

मुस्कान बामने ने बताया कि उनके पिता का भरोसा उन्हें हर चुनौती का सामना करने की ताकत देता है। वहीं नितिन बाबू ने यह स्पष्ट किया कि पिता के कर्म ही सबसे बड़ी सीख होते हैं।

समय के साथ बदला नजरिया

कलाकारों ने यह भी स्वीकार किया कि बचपन में जिन बातों को वे सामान्य समझते थे, आज वही बातें उन्हें जीवन की सबसे बड़ी सीख लगती हैं।

पिता बनने के बाद इक़बाल खान और अर्जुन पुंज जैसे कलाकारों का नजरिया पूरी तरह बदल गया है। अब वे अपने पिता के त्याग और जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।

सामाजिक और भावनात्मक प्रभाव

इस तरह के अनुभव समाज में परिवार के महत्व को मजबूत करते हैं। जब सार्वजनिक हस्तियां अपने निजी जीवन की बातें साझा करती हैं, तो यह आम लोगों को भी अपने रिश्तों को समझने और संवारने की प्रेरणा देता है।

आज के दौर में जहां व्यक्तिगत सफलता को प्राथमिकता दी जाती है, वहां ऐसे संदेश रिश्तों की अहमियत को याद दिलाते हैं।

क्या हर पिता की भूमिका समान होती है

हालांकि हर परिवार की परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन एक बात समान रहती है—पिता का समर्पण।

कुछ पिता अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताते हैं, तो कुछ अपनी जिम्मेदारियों के चलते दूर रहते हैं। लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा अपने परिवार की भलाई ही होता है।

जमीनी हकीकत

भारत जैसे देश में आज भी कई पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।

कलाकारों की बातें इस वास्तविकता को उजागर करती हैं कि सफलता के पीछे सिर्फ व्यक्ति की मेहनत नहीं, बल्कि उसके परिवार का भी बड़ा योगदान होता है।

आगे का रास्ता

फादर्स डे जैसे अवसर हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हम अपने पिता के प्रति अपनी भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त कर पाते हैं।

यह दिन सिर्फ उपहार देने का नहीं, बल्कि समय देने और आभार व्यक्त करने का दिन है।

सोनी सब के कलाकारों द्वारा साझा किए गए अनुभव यह साबित करते हैं कि पिता का स्थान जीवन में सबसे खास होता है।

उनकी सीख, उनका त्याग और उनका प्रेम व्यक्ति को न सिर्फ एक बेहतर इंसान बनाता है, बल्कि उसे हर परिस्थिति में मजबूत भी रखता है।

फादर्स डे हमें यह याद दिलाता है कि चाहे हम कितने भी व्यस्त क्यों न हों, अपने पिता के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करना कभी नहीं भूलना चाहिए।

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Shahana

Shahana

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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