
मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा क्षेत्र में परिवहन, पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने ओवरलोड खनन वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 9 वाहनों पर करीब 8.57 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि प्रशासन ने दोबारा नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ओवरलोड खनन वाहनों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को छपार टोल प्लाजा क्षेत्र में ओवरलोड खनन वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और खनन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई से खनन वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया।
यह विशेष अभियान शासन के निर्देशों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेशों के तहत चलाया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में सहायक संभागीय प्रवर्तन अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने छपार टोल प्लाजा से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर वाहनों की जांच शुरू की।
जैसे ही जांच अभियान शुरू हुआ, खनन सामग्री से भरे ट्रकों और डंपरों की लंबी कतारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई वाहन चालक कार्रवाई से बचने के लिए रास्ता बदलते हुए नजर आए। हालांकि संयुक्त टीम ने सख्ती दिखाते हुए कई संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी गहन जांच की।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट और वजन की जांच की। जांच में आठ खनन वाहनों को ओवरलोड पाया गया, जबकि एक अन्य मालवाहक वाहन भी नियमों का उल्लंघन करता मिला। इसके बाद सभी नौ वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए कुल करीब 8 लाख 57 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया।
प्रशासन द्वारा पकड़े गए वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहन सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। यही कारण है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
छपार टोल ओवरलोड खनन वाहन कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खनन कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद कई वाहन संचालकों ने अपने वाहनों का वजन कम कराया, जबकि कुछ वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
बार-बार नियम तोड़ने वालों के वाहन स्क्रैप कराने की चेतावनी
संयुक्त अभियान में सीओ ट्रैफिक रवींद्र प्रताप सिंह, यातायात निरीक्षक राकेश मेजर और खनन अधिकारी आशीष चिरौलिया समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि ओवरलोड वाहन न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सड़क हादसों का बड़ा कारण भी बनते हैं।
अधिकारियों के अनुसार भारी क्षमता से अधिक वजन लेकर चलने वाले वाहन सड़क की गुणवत्ता को तेजी से खराब करते हैं। इससे सरकार को करोड़ों रुपये की क्षति होती है। साथ ही ऐसे वाहनों के कारण आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
प्रशासन ने वाहन स्वामियों और चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई वाहन चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहन को स्क्रैप कराने जैसी सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए आने वाले दिनों में जिलेभर में इसी तरह विशेष अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों की जांच जारी रहेगी।
छपार टोल ओवरलोड खनन वाहन कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के कारण अक्सर सड़कें टूट जाती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि छपार टोल क्षेत्र में लंबे समय से ओवरलोड खनन वाहनों की आवाजाही बढ़ गई थी। इससे जाम की समस्या के साथ-साथ सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ रहा था। अब प्रशासन की कार्रवाई से वाहन संचालकों में कानून का डर दिखाई दे रहा है।
वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि लगातार चलने वाली कार्रवाई का हिस्सा है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभागीय टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। खासकर खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोका जा सके।
इसके अलावा अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार ही वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। नियमों का पालन करने से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि सड़कें भी सुरक्षित और बेहतर बनी रहेंगी।
मुजफ्फरनगर में छपार टोल ओवरलोड खनन वाहन कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि प्रशासन अब सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सख्त हो चुका है। 9 वाहनों पर 8.57 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाकर प्रशासन ने नियम तोड़ने वालों को कड़ा संदेश दिया है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहने की संभावना है, जिससे ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।







