संगठित अपराधों को रोकने के एसआईटी एवं एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन

संगठित अपराधों को रोकने के एसआईटी एवं एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन
संगठित अपराधों को रोकने के एसआईटी एवं एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन

जयपुर । राजस्थान (Rajasthan) में विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की रोकथाम एवं त्वरित जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) एवं संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (Anti Gangster Task Force) का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) के शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दिन ही एसआईटी एवं एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स गठन (SIT and Anti Gangster Task Force formation) करने के ऐलान के बाद पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा (Umesh Mishra) ने इन दोनों कार्रवाई के लिए शनिवार को दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं।

राज्य में विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक (Paper leak) से संबंध घटनाओं की रोकथाम एवं इसके संबंध में दर्ज मामलों में त्वरित जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) वी के सिंह (VK Singh) के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।

यह टीम पेपर लीक (Paper leak) के संबंध में दर्ज प्रकरणों में त्वरित जांच कर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और अपराधियों द्वारा निर्मित संपत्ति की जप्ती एवं कुर्की की कार्रवाई भी किया जाना सुनिश्चित करेगी। इस जांच दल में एक एडीजी, एक-एक आईजी/ डीआईजी/एसपी, चार एडिशनल एसपी, आठ डीएसपी, 10 इंस्पेक्टर/ एसआई, 10 एएसआई/ हेड कांस्टेबल एवं 15 कांस्टेबल तथा कांस्टेबल कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 50 लोग शामिल किए गए हैं।

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मिश्रा ने बताया कि इसी प्रकार राज्य में संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष कार्य दल एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (Anti Gangster Task Force) का गठन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) दिनेश एमएन के नेतृत्व में किया गया है।

यह दल मानवीय व तकनीकी आसूचना संकलन कर संगठित अपराध करने वाले गिरोह की पहचान करेगा और उनका डाटाबेस तैयार कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग कर गैंगस्टर को सख्त सजा दिलवाने का कार्य करेगा। साथ ही केंद्रीय व राज्य स्तरीय एजेंसी के साथ समन्वय कर संगठित अपराधों पर नियंत्रण रखा जाना सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने बताया कि इस जांच दल में एक एडीजी, एक-एक आईजी/ डीआईजी/एसपी, दो एडिशनल एसपी, चार डीएसपी, चार इंस्पेक्टर, 12 एसआई एवं एएसआई, 40 हैड कांस्टेबल/ कांस्टेबल एवं कांस्टेबल कंप्यूटर ऑपरेटर 65 लोग शामिल किए गए हैं।

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