गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 2.45 अरब डॉलर की छह महीने की योजना पेश हुई है। 66 परियोजनाओं वाले इस खाके के बीच इजरायली हमलों में सात फिलिस्तीनियों की मौत की रिपोर्ट आई।
न्यूयॉर्क और गाजा | 23 सितंबर 2026
By Mohd Haris
गाजा के भविष्य को लेकर कूटनीतिक स्तर पर पुनर्निर्माण की बड़ी योजना सामने आई है, लेकिन जमीन पर हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। अमेरिका समर्थित शांति बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान छह महीने की 2.45 अरब डॉलर की योजना पेश की है। इसमें गाजा में बुनियादी सेवाओं को बहाल करने और युद्ध से तबाह इलाकों में शुरुआती पुनर्निर्माण शुरू करने के लिए 66 परियोजनाएं शामिल हैं।
इसी दिन गाजा में इजरायली हमलों में सात फिलिस्तीनियों की मौत की रिपोर्ट सामने आई। अल जज़ीरा ने स्थानीय चिकित्सकों और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर बताया कि अलग-अलग घटनाओं में खान यूनिस, मध्य गाजा और गाजा शहर में मौतें हुईं। रॉयटर्स ने खान यूनिस में एक वाहन पर हुए इजरायली हमले में दो लोगों की मौत की अलग से पुष्टि की।
आवश्यक तथ्य
शांति बोर्ड ने न्यूयॉर्क में अपनी बैठक के दौरान छह महीने की 2.45 अरब डॉलर की योजना पेश की। योजना में 66 परियोजनाएं हैं। इनका उद्देश्य गाजा में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों की शुरुआती बहाली करना है।
योजना के मुताबिक गाजा को मध्यम अवधि में हुए भौतिक नुकसान की भरपाई के लिए करीब 35.2 अरब डॉलर की जरूरत है। अगले दस वर्षों में पूर्ण पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण की कुल जरूरत लगभग 71.4 अरब डॉलर आंकी गई है।
इसलिए 2.45 अरब डॉलर को गाजा के पूर्ण पुनर्निर्माण की लागत नहीं समझना चाहिए। यह शुरुआती छह महीने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम है।
मुख्य विकास
66 परियोजनाओं वाले इस खाके को गाजा में युद्ध के बाद की शुरुआती बहाली की दिशा में एक रोडमैप के रूप में पेश किया गया है।
योजना में अस्थायी आवास के लिए करीब 40 करोड़ डॉलर, मलबा और विस्फोटक अवशेष हटाने के लिए करीब 27.5 करोड़ डॉलर, अस्पतालों के पुनर्वास के लिए करीब 5 करोड़ डॉलर और सड़कों की मरम्मत के लिए करीब 3 करोड़ डॉलर का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा पानी और बिजली की व्यवस्था बहाल करने, सीमा चौकियों की मरम्मत और सौर ऊर्जा की अस्थायी व्यवस्था बढ़ाने की योजनाएं भी शामिल हैं।
योजना में 25 हजार पोर्टेबल सौर ऊर्जा इकाइयों की तैनाती का भी प्रस्ताव है। इसके साथ ही प्राथमिक पुनर्निर्माण क्षेत्रों के नीचे मौजूद सुरंगों को स्थायी रूप से बंद करने जैसी सुरक्षा संबंधी गतिविधियां भी खाके में शामिल हैं।
पुनर्निर्माण से पहले सुरक्षा और शासन की चुनौती
शांति बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव के अनुसार योजना की सफलता के लिए कई राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी होना जरूरी है।
योजना में हमास के निरस्त्रीकरण को एक महत्वपूर्ण शर्त के रूप में रखा गया है। प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती और गाजा के लिए नई पुलिस व्यवस्था तैयार करने से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।
इससे साफ है कि योजना केवल मकान और सड़क बनाने तक सीमित नहीं है। इसमें शासन व्यवस्था, सुरक्षा, न्यायिक व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों की बहाली भी शामिल है।
अस्थायी आवास और बुनियादी सेवाएं
युद्ध से गाजा का आवासीय ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसलिए शुरुआती योजना का बड़ा हिस्सा लोगों के लिए अस्थायी आश्रय, मलबा हटाने और जरूरी सेवाओं की बहाली पर केंद्रित है।
प्रस्ताव में अस्पतालों की मरम्मत, पानी और बिजली की व्यवस्था, सड़कें, सीमा चौकियां और आपूर्ति व्यवस्था को बहाल करने पर खर्च रखा गया है। योजना में शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी परियोजनाएं भी हैं।
द नेशनल के अनुसार योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रस्ताव है। शुरुआत दक्षिणी गाजा के रफाह से और इसके बाद उत्तर की ओर बढ़ने की योजना बताई गई है। इसके लिए हमास के शासन से हटने और इजरायली बलों की वापसी जैसे राजनीतिक घटनाक्रम अहम होंगे।
उसी दिन गाजा में सात मौतों की रिपोर्ट
पुनर्निर्माण योजना सामने आने के साथ ही गाजा में हिंसा पूरी तरह थमती दिखाई नहीं दी।
23 सितंबर को रिपोर्ट किया कि अलग-अलग इजरायली हमलों और गोलीबारी की घटनाओं में सात फिलिस्तीनियों की मौत हुई। इनमें खान यूनिस के अल-मवासी क्षेत्र में एक वाहन पर ड्रोन हमला शामिल था, जिसमें दो लोगों की मौत हुई। मध्य गाजा के दीर अल-बलाह में एक अन्य वाहन पर हमले में कम से कम दो लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई। गाजा शहर में एक और व्यक्ति की मौत की जानकारी दी गई। दो अन्य लोगों ने पिछले दिनों हुई इजरायली गोलीबारी में लगी चोटों के कारण दम तोड़ा।
रिपोर्ट ने खान यूनिस में वाहन पर हुए हमले में दो लोगों की मौत की जानकारी स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से दी। इजरायली सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसका निशाना एक सशस्त्र समूह का सदस्य था। मृतकों की ओर से किसी फिलिस्तीनी सशस्त्र संगठन से संबद्धता की स्वतंत्र पुष्टि रॉयटर्स को नहीं मिली।
इसलिए सात लोगों की कुल संख्या को यहां अल जज़ीरा की उस दिन की समेकित रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि अलग-अलग घटनाओं में मौतों की जानकारी के लिए संबंधित स्रोतों का हवाला दिया गया है।
युद्धविराम और जमीनी स्थिति
गाजा में प्रस्तावित पुनर्निर्माण उस समय सामने आया है जब युद्धविराम व्यवस्था को लागू करने में गंभीर अड़चनें बनी हुई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, शांति बोर्ड की योजना के बीच गाजा में जमीन पर सीमित प्रगति हुई है। रिपोर्ट में इजरायली बलों की वापसी और पुनर्निर्माण शुरू होने के बीच बने अंतर को प्रमुख चुनौती बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, योजना को लागू करने से पहले राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी कई बाधाओं को दूर करना होगा। हमास का निरस्त्रीकरण, इजरायली बलों की तैनाती और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की भूमिका इसी प्रक्रिया के प्रमुख हिस्से हैं।
गाजा की वास्तविक पुनर्निर्माण जरूरत
2.45 अरब डॉलर का शुरुआती पैकेज गाजा की पूरी जरूरत के मुकाबले सीमित है।
शांति बोर्ड की योजना के मुताबिक युद्ध से हुए भौतिक नुकसान की मध्यम अवधि में भरपाई के लिए करीब 35.2 अरब डॉलर की जरूरत है। अगले दस वर्षों में पूर्ण पुनर्निर्माण की अनुमानित जरूरत 71.4 अरब डॉलर तक पहुंचती है।
इस अंतर से पता चलता है कि छह महीने का पैकेज केवल शुरुआती चरण को संभालने के लिए है। लंबे समय के पुनर्निर्माण के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय वित्तीय योगदान, राजनीतिक स्थिरता और जमीन पर सुरक्षित पहुंच की जरूरत होगी।
फंडिंग सबसे बड़ी चुनौती
योजना की घोषणा के बावजूद पूरी 2.45 अरब डॉलर की राशि अभी सुरक्षित नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, शांति बोर्ड और फिलिस्तीनी सरकार ने पूरी रकम जुटाने की पुष्टि नहीं की है। हालांकि योजना से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि राजनीतिक बाधाएं दूर होने के बाद दाता देश वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएंगे।
इसका मतलब है कि योजना की घोषणा और उसके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अभी बड़ा अंतर है। पैसा जुटाना, सामान पहुंचाना, निर्माण सामग्री उपलब्ध कराना और सुरक्षा व्यवस्था बनाना सभी जरूरी चरण होंगे।
गाजा में शासन का सवाल
पुनर्निर्माण के साथ एक बड़ा सवाल यह भी है कि गाजा का प्रशासन कौन चलाएगा।
शांति बोर्ड की योजना में फिलिस्तीनी तकनीकी प्रशासन और नई शासन व्यवस्था को शामिल किया गया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए अंतरराष्ट्रीय भूमिका का प्रस्ताव रखा गया है।
द नेशनल के अनुसार, योजना में विस्थापन को स्वीकार नहीं करने और गाजा के लोगों को अपने क्षेत्र में रहने तथा भविष्य बनाने की बात भी कही गई है।
हालांकि शासन व्यवस्था पर अंतिम सहमति और जमीन पर उसके लागू होने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
गाजा के पुनर्निर्माण का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा की मौजूदा बैठक में प्रमुख विषयों में शामिल है।
कई देशों ने युद्धविराम को बनाए रखने, मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति और गाजा में शुरुआती पुनर्बहाली शुरू करने की मांग की है। पाकिस्तान, मिस्र, तुर्किये, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने भी युद्धविराम बनाए रखने और मानवीय सहायता तथा शुरुआती पुनर्बहाली में तेजी लाने की अपील की है।
इससे पता चलता है कि पुनर्निर्माण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मौजूद है, लेकिन इसके लिए सुरक्षा और राजनीतिक शर्तों पर सहमति अभी भी जरूरी है।
आगे क्या होगा
अब सबसे अहम सवाल योजना के क्रियान्वयन का है।
पहला चरण फंडिंग जुटाने और प्राथमिक परियोजनाओं को तय करने से जुड़ा होगा। इसके बाद अस्थायी आवास, मलबा हटाने, अस्पतालों, पानी, बिजली और सड़कों से जुड़े काम शुरू करने होंगे।
साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनानी होगी। हमास के निरस्त्रीकरण, इजरायली बलों की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की भूमिका पर स्पष्ट व्यवस्था के बिना योजना को जमीन पर लागू करना कठिन होगा।
जमीनी स्तर पर जारी हिंसा भी पुनर्निर्माण की गति को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बनी हुई है। 23 सितंबर की सात मौतों की रिपोर्ट इसी चुनौती को रेखांकित करती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।