गाज़ा सिटी में युद्ध से क्षतिग्रस्त 6 मंजिला इमारत ढहने से कम से कम 12 लोगों की मौत हुई। दर्जनों लोग लापता हैं और लगभग 100 लोगों के मलबे में फंसे होने की रिपोर्ट है।
गाज़ा सिटी, गाज़ा | 16 सितंबर 2026
By Mohd Haris
गाज़ा सिटी के पश्चिमी हिस्से में युद्ध से क्षतिग्रस्त एक 6 मंजिला रिहायशी इमारत ढह गई। हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 15 लोग घायल बताए गए हैं। बचाव दल मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और दर्जनों लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है।
इस घटना की गंभीरता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि स्थानीय रिपोर्टों में करीब 100 लोगों के मलबे में फंसे होने की बात सामने आई है। इनमें कम से कम 50 बच्चों के होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, यह संख्या अभी स्वतंत्र रूप से पूरी तरह सत्यापित नहीं हुई है।
गाज़ा सिटी में कैसे हुआ हादसा
इमारत पश्चिमी गाज़ा सिटी के ताल अल-हवा इलाके में स्थित थी। इसमें युद्ध के कारण विस्थापित हुए परिवार रह रहे थे। इमारत गिरने के बाद उसका मलबा आसपास मौजूद टेंटों और रिहायशी हिस्सों पर भी गिरा।
फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस के अनुसार बचाव दल सुबह से मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। स्थानीय लोगों ने भी बचावकर्मियों के साथ हाथों से मलबा हटाने में मदद की।
मृतकों की संख्या 12 तक पहुंची
हादसे के शुरुआती घंटों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी। बाद की रिपोर्टों में यह संख्या बढ़ती गई। रिपोर्ट ने कम से कम 12 लोगों की मौत की पुष्टि की, जिनमें 4 बच्चे शामिल हैं। 15 लोग घायल बताए गए हैं और दर्जनों अन्य के लापता या मलबे में फंसे होने की जानकारी है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के कार्यालय ने भी 16 सितंबर को गाज़ा सिटी के ऐश-शाती इलाके में एक रिहायशी इमारत से जुड़े अलग घटनाक्रम में 12 फिलिस्तीनियों की मौत, करीब 40 लोगों के घायल होने और अन्य लोगों के मलबे में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की है। इससे घटनास्थल और आंकड़ों की पहचान को लेकर रिपोर्टिंग में सावधानी जरूरी है।
100 लोगों के फंसे होने की रिपोर्ट
घटना से जुड़ी नवीनतम अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में कहा गया है कि करीब 100 लोग इमारत के मलबे में फंसे हो सकते हैं। इनमें कम से कम 50 बच्चे होने का दावा सामने आया है। यह आंकड़ा बचाव अभियान के शुरुआती आकलन पर आधारित है और अंतिम संख्या अलग हो सकती है।
मलबे से बच्चों को निकाला गया
घटना के बाद सामने आए सत्यापित वीडियो फुटेज में बचावकर्मियों को मलबे से बच्चों को निकालते देखा गया। एक बच्ची को जिंदा बाहर निकालकर एंबुलेंस तक ले जाया गया। कुछ अन्य बच्चे भी मलबे से निकाले गए।
मलबे के नीचे से मदद के लिए आवाजें आने की बात भी स्थानीय गवाहों और पत्रकारों ने कही। बचाव दल के लिए सबसे बड़ी चुनौती उन स्थानों तक पहुंचना है जहां लोगों के दबे होने की आशंका है।
इमारत पहले से क्षतिग्रस्त थी
स्थानीय अधिकारियों और रिपोर्टों के मुताबिक इमारत पहले सैन्य कार्रवाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थी। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस के प्रवक्ता ने कहा कि इमारत पर पहले हुए हमलों के कारण उसकी संरचना कमजोर हो गई थी।
हालांकि, मौजूदा समय में इमारत के ढहने के तत्काल तकनीकी कारण की स्वतंत्र जांच पूरी नहीं हुई है। इसलिए यह स्थापित तथ्य के तौर पर कहना जल्दबाजी होगी कि कौन-सी विशिष्ट वजह से इमारत इस समय गिरी।
विस्थापित परिवारों का संकट
गाज़ा में लंबे संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हैं। सुरक्षित आवास की कमी के कारण कई परिवार क्षतिग्रस्त या आंशिक रूप से नष्ट इमारतों के आसपास रहने को मजबूर हैं।
रिपोर्ट के अनुसार इस इमारत में 6 विस्थापित परिवार रह रहे थे। इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता थी।
यही स्थिति गाज़ा में एक व्यापक मानवीय समस्या को सामने लाती है। युद्ध से क्षतिग्रस्त इमारतें अब भी आवास के तौर पर इस्तेमाल हो रही हैं, जबकि उनके पुनर्निर्माण और सुरक्षित मलबा हटाने के लिए जरूरी संसाधन सीमित हैं।
बचाव अभियान में बड़ी चुनौती
मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए भारी मशीनरी की जरूरत है। लेकिन गाज़ा में सिविल डिफेंस टीमों के पास ऐसे उपकरणों की कमी लंबे समय से दर्ज की जाती रही है।
स्थानीय बचाव दल कई जगहों पर हाथों और सीमित उपकरणों से मलबा हटाने पर निर्भर हैं। इससे जीवित लोगों तक पहुंचने में समय बढ़ता है और बचाव अभियान और कठिन हो जाता है।
इस घटना में समय सबसे अहम है। मलबे के नीचे फंसे लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ ही स्पष्ट होगी।
गाज़ा में मलबे के नीचे अब भी हजारों लोग
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र ने गाज़ा में मलबे के नीचे दबे लोगों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख फोल्कर तुर्क के अनुसार 630 से अधिक मानव अवशेष और शव मलबे के नीचे से बरामद किए जा चुके हैं। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस का अनुमान है कि 8000 से अधिक लोग अब भी मलबे के नीचे लापता हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने इन अवशेषों की पहचान, फॉरेंसिक दस्तावेजीकरण और संभावित कानूनी जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं की पहुंच की मांग की है।
आगे क्या
बचाव दल अब मलबे के नीचे बचे लोगों की तलाश पर केंद्रित है। अंतिम मृतक संख्या, घायलों की स्थिति और लापता लोगों की संख्या अभियान पूरा होने के बाद अधिक स्पष्ट होगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है और 15 लोग घायल हैं। दर्जनों लोग लापता हैं। करीब 100 लोगों के मलबे में फंसे होने और उनमें कम से कम 50 बच्चों के होने की रिपोर्ट सामने आई है, लेकिन इस हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
यह हादसा गाज़ा में युद्ध से क्षतिग्रस्त इमारतों, विस्थापित परिवारों और सीमित बचाव संसाधनों से जुड़े मानवीय संकट को फिर सामने लाता है। बचाव अभियान के अगले चरण में सबसे अहम सवाल यही है कि मलबे के नीचे कितने लोग हैं और उनमें से कितनों को समय रहते सुरक्षित निकाला जा सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।