9/11 की 25वीं बरसी पर यांकी स्टेडियम में यांकीज़-मेट्स मुकाबले के दौरान रात 9:11 बजे एक व्यक्ति फ़िलिस्तीनी झंडा लेकर मैदान में घुस गया। सुरक्षा ने उसे पकड़कर बाहर निकाला और मैच दोबारा शुरू हुआ।
न्यूयॉर्क | 12 सितंबर 2026
By Mohd Haris
न्यूयॉर्क के यांकी स्टेडियम में 11 सितंबर 2026 की रात यांकीज़ और मेट्स के बीच मुकाबला चल रहा था। यह मैच सामान्य खेल मुकाबला नहीं था। अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर स्टेडियम में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इसी भावनात्मक माहौल के बीच रात 9:11 बजे एक व्यक्ति फ़िलिस्तीनी झंडा लेकर मैदान में घुस गया। घटना सातवें इनिंग में हुई और कुछ देर के लिए खेल रोकना पड़ा।
रिपोर्टों के मुताबिक व्यक्ति आउटफील्ड की तरफ दौड़ा। उसके हाथ में फ़िलिस्तीनी झंडा था। सुरक्षा कर्मियों ने कुछ ही सेकंड में उसका पीछा किया और उसे मैदान से बाहर ले गए।
घटना के दौरान स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शकों ने विरोध जताया। कुछ दर्शकों ने “यूएसए” के नारे लगाए और रिपोर्टों के अनुसार व्यक्ति को बाहर ले जाते समय उसकी तरफ बीयर के कैन भी फेंके गए।
इस घटना का समय इसे सामान्य मैदान में घुसने की घटना से अलग बनाता है। 11 सितंबर 2026 को अमेरिका 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी मना रहा था।
यांकी स्टेडियम में भी मैच से पहले 9/11 पीड़ितों और प्रभावित परिवारों को श्रद्धांजलि दी गई थी। ऐसे में रात 9:11 बजे मैदान में यह व्यवधान हुआ।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि व्यक्ति ने 9:11 बजे का समय जानबूझकर चुना था या नहीं। इसलिए इस पहलू को फिलहाल तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
यांकीज़ ने इस मैच को 9/11 की 25वीं बरसी के लिए विशेष कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया था। टीम की आधिकारिक घोषणा के अनुसार मैच से पहले न्यूयॉर्क पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य संस्थाओं के योगदान को सम्मानित किया जाना था।
मेजर लीग बेसबॉल ने भी 11 सितंबर के सभी मुकाबलों के लिए विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखे थे। खिलाड़ियों और अधिकारियों ने 9/11 की स्मृति से जुड़े विशेष कैप पहने और कई स्टेडियमों में स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यांकी स्टेडियम के कार्यक्रम में 2001 की यांकीज़ टीम से जुड़े प्रमुख सदस्य भी शामिल हुए। डेरिक जेटर और मारियानो रिवेरा जैसे नामों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भावुक बना दिया।
9/11 में अपने पिता को खोने वाली ब्रिएल सारासिनी और उनके पति शॉन मैकग्वायर ने मैच का ceremonial first pitch भी फेंका। दोनों ने 2001 के हमलों में अपने पिता खोए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक व्यक्ति ने ऐसा जर्सी पहना हुआ था जिस पर “नो किंग्स” संदेश लिखा था। वह फ़िलिस्तीनी झंडा लेकर मैदान में पहुंचा।
रिपोर्ट ने भी पुष्टि की कि फ़िलिस्तीनी झंडा लेकर एक व्यक्ति मैदान में घुसा और सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़कर बाहर निकाला।
मैदान में प्रवेश के कारण मुकाबला कुछ समय के लिए बाधित हुआ। उस समय यांकीज़ 5-2 से आगे थे और मेट्स के फ्रांसिस्को लिंडोर बल्लेबाजी के लिए तैयार थे।
सुरक्षा कार्रवाई के बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। यांकीज़ ने अंततः मेट्स को 6-4 से हराया।
मैदान में फ़िलिस्तीनी झंडे के साथ प्रवेश को एक राजनीतिक प्रदर्शन के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में उस व्यक्ति की स्पष्ट मंशा या उसके बयान की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि उसने घटना को किसी विशेष राजनीतिक संदेश के लिए ठीक 9:11 बजे अंजाम दिया। तथ्य यह है कि घटना 9:11 बजे हुई और यह 9/11 की 25वीं बरसी के मौके पर आयोजित मैच के दौरान हुई।
यह घटना एक और सवाल खड़ा करती है कि इतने संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मुकाबले में दर्शक मैदान तक कैसे पहुंच गया।
यांकी स्टेडियम में उस रात बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद व्यक्ति कुछ सेकंड के लिए मैदान तक पहुंचने में सफल रहा। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में सुरक्षा व्यवस्था की किसी बड़ी विफलता पर आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
यांकीज़-मेट्स मुकाबला उस दिन आयोजित हुआ जब न्यूयॉर्क शहर 25 साल पहले हुए हमलों को याद कर रहा था। स्टेडियम में श्रद्धांजलि और स्मरण का माहौल था।
इसी बीच फ़िलिस्तीनी झंडे के साथ मैदान में प्रवेश ने खेल को अचानक राजनीतिक और सुरक्षा विवाद के बीच ला दिया। दर्शकों की प्रतिक्रिया भी तीखी रही।
यांकी स्टेडियम में 11 सितंबर की रात हुई यह घटना कुछ ही सेकंड में खेल के माहौल को बदलने वाली घटना बन गई। रात 9:11 बजे फ़िलिस्तीनी झंडा लेकर मैदान में पहुंचे व्यक्ति को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया और खेल दोबारा शुरू हो गया।
घटना की खास अहमियत इसलिए है क्योंकि यह 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर हुई, जब यांकी स्टेडियम में पहले से ही पीड़ितों और प्रभावित परिवारों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम चल रहे थे। हालांकि व्यक्ति की मंशा और 9:11 का समय जानबूझकर चुने जाने को लेकर अभी निर्णायक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
यांकीज़ ने मुकाबला 6-4 से जीता, लेकिन उस रात स्टेडियम में दर्ज यह राजनीतिक प्रदर्शन भी मैच की प्रमुख घटनाओं में शामिल हो गया।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।