"ये इस्तीफ़ा नहीं, इंक़लाब है", छात्रों के आंदोलन पर अखिलेश यादव का बड़ा दावा
Asif Khan
•
2026-07-25 20:52:44
"नई पीढ़ी की जीत", धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान
"सरकार को पहले ही झुक जाना चाहिए था", NEET विवाद पर अखिलेश यादव का हमला
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को छात्रों के आंदोलन और नई पीढ़ी की जीत बताया। उन्होंने NEET परीक्षा, शिक्षा व्यवस्था, जौहर विश्वविद्यालय और भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
📍Azamgarh, Uttar Pradesh
📰 July 25, 2026
✍️ Asif Khan
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक इस्तीफ़ा नहीं बल्कि "नई पीढ़ी और छात्रों के संघर्ष की जीत" है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार पहले ही छात्रों की बात सुन लेती और समय रहते निर्णय लेती तो हालात इतने गंभीर नहीं बनते। उनके अनुसार सरकार को अपनी गलतियों को स्वीकार करना चाहिए था।
"ये इस्तीफ़ा नहीं, इंक़लाब है"
सपा अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों ने लंबे समय तक आंदोलन किया और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने दावा किया कि युवाओं के दबाव और जनसमर्थन के कारण सरकार को झुकना पड़ा।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने आंसू गैस, लाठीचार्ज और कथित अपमान के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखा और इसी का परिणाम आज दिखाई दे रहा है।
NEET परीक्षा व्यवस्था पर सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीयत साफ़ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह नहीं बनाया जाएगा, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
उन्होंने प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यापक सुधारों की मांग करते हुए कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिसमें किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो।
छात्रों के आंदोलन को बताया ऐतिहासिक
उन्होंने कहा कि प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ सहित देश के कई हिस्सों में छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। उनके अनुसार सोशल मीडिया और इंटरनेट ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अखिलेश यादव ने इसे युवाओं की संगठित शक्ति का उदाहरण बताया।
विपक्ष की भूमिका पर भी दिया ज़ोर
सपा प्रमुख ने कहा कि विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग संसद और सड़क दोनों जगह उठाता रहा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष अपने रुख़ पर कायम रहा और अंततः सरकार को निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों, अभिभावकों और समर्थकों को बधाई भी दी।
जौहर विश्वविद्यालय का भी उठाया मुद्दा
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विश्वविद्यालय को निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो विश्वविद्यालय की सुरक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
आर्थिक सहायता की मांग
अखिलेश यादव ने मांग की कि यदि NEET विवाद के बाद किसी छात्र ने आत्महत्या की है तो ऐसे परिवारों को सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई।
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रह सकते हैं। छात्रों के आंदोलन और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संबंधित संस्थाओं के औपचारिक बयान भी राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण रहेंगे।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
अखिलेश यादव का यह बयान स्पष्ट रूप से छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करता है। वहीं, शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुरक्षा और युवाओं के भरोसे को लेकर उठे सवाल आने वाले समय में भी राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बने रह सकते हैं। किसी भी राजनीतिक दावे का मूल्यांकन आधिकारिक तथ्यों और संस्थागत पुष्टि के साथ किया जाना आवश्यक है।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।