बुलंदशहर में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर सपा और प्रशासन के बीच अनुमति का विवाद सामने आया है। 11 सितंबर को प्रेसवार्ता और कार्यकर्ता संवाद का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
📍 बुलंदशहर 🗓️ 11 सितंबर 2026 ✍️ Mohd Naved
कार्यक्रम को लेकर बदली तस्वीर
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खींचतान सामने आई है। पार्टी के प्रस्तावित पीडीए महासम्मेलन की तारीख और स्थल में बदलाव के बाद अब 11 सितंबर को अखिलेश यादव के प्रेसवार्ता करने और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने की सूचना सामने आई है। सपा की ओर से प्रशासन पर कार्यक्रम को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
मामले की अहम बात यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों में कार्यक्रम की अनुमति को लेकर घटनाक्रम कई चरणों में बदला है। इसलिए प्रशासन द्वारा 11 सितंबर के कार्यक्रम को रद्द कराने की कोशिश को फिलहाल एक राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पीडीए महासम्मेलन से शुरू हुआ विवाद
समाजवादी पार्टी ने पहले बुलंदशहर में पीडीए महासम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की थी। कार्यक्रम की तारीख पहले बदली गई और बाद में 12 सितंबर के लिए कार्यक्रम प्रस्तावित हुआ। पार्टी ने शहर के नुमाइश मैदान सहित अन्य स्थानों पर आयोजन की अनुमति मांगी थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन और सपा के बीच कार्यक्रम स्थल को लेकर सहमति नहीं बन सकी। बाद में कमालपुर गांव में जनसभा आयोजित करने की अनुमति दिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस-प्रशासन की ओर से अनुमति जारी किए जाने की पुष्टि भी एक स्थानीय रिपोर्ट में की गई थी।
नुमाइश मैदान को लेकर सपा की आपत्ति
सपा नेताओं का कहना है कि पार्टी ने नुमाइश मैदान में कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिली। पार्टी ने प्रशासन के इस रुख पर सवाल उठाए।
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि नुमाइश मैदान में अतीत में अलग-अलग राजनीतिक कार्यक्रम होते रहे हैं। पार्टी ने इसी आधार पर मौजूदा रोक को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, कार्यक्रम स्थल की अनुमति से जुड़े प्रशासनिक फैसले के पीछे सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का पहलू भी रिपोर्टों में सामने आया है।
कमालपुर में मिली थी अनुमति
6 सितंबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और प्रशासन ने सपा के कार्यक्रम को कमालपुर गांव में आयोजित करने की सशर्त अनुमति दी थी। इसके बाद वहां कार्यक्रम की तैयारियां शुरू होने की जानकारी सामने आई।
इससे संकेत मिलता है कि उस चरण में प्रशासन ने कार्यक्रम पर पूर्ण रोक नहीं लगाई थी, बल्कि स्थल को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की थी। यही वजह है कि पूरे विवाद को समझने के लिए अनुमति और स्थल परिवर्तन के अलग-अलग चरणों को देखना जरूरी है।
अब 11 सितंबर को क्या कार्यक्रम है
बाद की रिपोर्टों में बताया गया कि 12 सितंबर के प्रस्तावित बड़े कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया और अखिलेश यादव के 11 सितंबर को बुलंदशहर पहुंचने का कार्यक्रम तय किया गया।
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव 11 सितंबर को डीएम रोड स्थित ग्रीन इंडिया होटल में प्रेसवार्ता करेंगे और इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। सपा जिलाध्यक्ष ने भी इस कार्यक्रम की जानकारी दी है।
एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट में भी 11 सितंबर को प्रेसवार्ता और कार्यकर्ता संवाद की जानकारी दी गई है। इससे मौजूदा समय में इतना स्पष्ट है कि पार्टी का कार्यक्रम बड़े सार्वजनिक महासम्मेलन से बदलकर सीमित संवाद और प्रेसवार्ता के प्रारूप में आया है।
प्रशासन पर क्या आरोप है
सपा की ओर से आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने पहले नुमाइश मैदान और अन्य प्रस्तावित स्थानों पर कार्यक्रम की अनुमति को लेकर अड़चन पैदा की। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक कार्यक्रम को सीमित करने की कोशिश के तौर पर पेश किया है।
लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं होती। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के बजाय कमालपुर में अनुमति दिए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इसलिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग रखना जरूरी है।
कार्यक्रम में बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है
बुलंदशहर का घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि समाजवादी पार्टी पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक गठजोड़ को अपनी राजनीतिक रणनीति का प्रमुख हिस्सा मानती है। ऐसे में बड़े सार्वजनिक सम्मेलन की जगह प्रेसवार्ता और कार्यकर्ता संवाद का प्रारूप पार्टी की स्थानीय राजनीतिक गतिविधि के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
हालांकि, कार्यक्रम में बदलाव को सीधे किसी राजनीतिक दबाव का परिणाम बताना जल्दबाजी होगी। उपलब्ध जानकारी में पार्टी संगठन, कार्यक्रम प्रबंधन और प्रशासनिक अनुमति से जुड़े कई पहलू एक साथ दिखाई देते हैं।
अब नजर 11 सितंबर पर
अब मुख्य सवाल यह है कि 11 सितंबर को अखिलेश यादव का बुलंदशहर दौरा किस रूप में होता है और वह प्रशासन तथा कार्यक्रम को लेकर क्या बयान देते हैं।
अगर प्रेसवार्ता और कार्यकर्ता संवाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होते हैं, तो सपा के पास प्रशासनिक अनुमति और कार्यक्रम स्थल से जुड़े अपने सवाल सार्वजनिक रूप से रखने का मंच होगा। दूसरी ओर, प्रशासन की तरफ से यदि कार्यक्रम की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है, तो उससे विवाद की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।
बुलंदशहर में अखिलेश यादव के कार्यक्रम को लेकर विवाद का केंद्र फिलहाल अनुमति, स्थल और कार्यक्रम के प्रारूप में हुए बदलाव हैं। सपा प्रशासन पर कार्यक्रम प्रभावित करने का आरोप लगा रही है, जबकि उपलब्ध रिपोर्टों में प्रशासन की ओर से वैकल्पिक स्थल पर अनुमति दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इसलिए मौजूदा स्थिति में किसी एक पक्ष के दावे को अंतिम तथ्य मानने के बजाय आधिकारिक अनुमति, प्रशासनिक आदेश और 11 सितंबर के वास्तविक कार्यक्रम के आधार पर तस्वीर साफ करना अधिक अहम होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।