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अमेरिका में लापता-हत्या के मामलों पर FBI का 25 हजार डॉलर इनाम

Shah Times 2026-08-25 14:46:50
अमेरिका में लापता-हत्या के मामलों पर FBI का 25 हजार डॉलर इनाम

FBI का बड़ा ऐलान, 50 से ज्यादा केस में 25 हजार डॉलर इनाम

अमेरिका में लापता और हत्या के मामलों का खुलेगा राज?

पुराने मर्डर केस में FBI का 25 हजार डॉलर का इनाम


अमेरिकी FBI ने नेटिव अमेरिकी समुदायों में हत्या, अपहरण और संदिग्ध गुमशुदगी के 50 से ज्यादा अनसुलझे मामलों के लिए न्यूनतम 25 हजार डॉलर इनाम तय किया है। नई ‘वॉइसेज़ नॉट फॉरगॉटन’ पहल का मकसद लोगों से जानकारी जुटाकर पुराने मामलों को सुलझाना और पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाना है।


वॉशिंगटन/साउथ डकोटा, अमेरिका | 25 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स 

By Mohd Haris


FBI ने क्यों बढ़ाया इनाम

अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI ने नेटिव अमेरिकी समुदायों में लंबे समय से अनसुलझे हत्या, अपहरण और गुमशुदगी के मामलों पर नया अभियान शुरू किया है। इसके तहत ऐसे मामलों में सूचना देने वालों के लिए 25 हजार डॉलर तक का न्यूनतम इनाम तय किया गया है। FBI ने इस पहल को “वॉइसेज़ नॉट फॉरगॉटन” नाम दिया है। FBI के मुताबिक नई व्यवस्था उन सार्वजनिक रूप से विज्ञापित मामलों पर लागू होगी जिनमें हत्या, अपहरण या ऐसी गुमशुदगी शामिल है जिसमें हत्या की आशंका हो और जिस पर FBI को अधिकार क्षेत्र प्राप्त है। इसमें “मिसिंग ऑर मर्डर्ड इंडिजिनस पर्सन्स” यानी MMIP से जुड़े मामले भी शामिल हो सकते हैं। यह कदम ऐसे समय आया है जब कई परिवार वर्षों से अपने परिजनों के मामलों में जवाब का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के विश्लेषण के मुताबिक 50 से ज्यादा अनसुलझे हत्या और गुमशुदगी मामलों को इस नए न्यूनतम इनाम ढांचे में शामिल किया गया है। इनमें करीब एक दर्जन मामले दो दशक से ज्यादा पुराने हैं।

मामला किस समुदाय से जुड़ा है

यहां “इंडियन कंट्री” शब्द भारत के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका के नेटिव अमेरिकी ट्राइबल समुदायों और उनके आरक्षण क्षेत्रों के लिए इस्तेमाल होता है। FBI के मुताबिक उसे देशभर में करीब 200 इंडियन रिजर्वेशन में संघीय अपराधों की जांच की जिम्मेदारी हासिल है और वह ब्यूरो ऑफ इंडियन अफेयर्स के साथ काम करती है। इसलिए खबर को भारत या भारतीय नागरिकों से जुड़े हत्या मामलों के रूप में समझना गलत होगा। यह अमेरिका के मूल निवासी समुदायों में लापता लोगों और हत्या के मामलों से संबंधित संघीय जांच का मामला है। इन समुदायों में कई मामलों में परिवारों को लंबे समय से यह पता नहीं चल पाता कि उनके साथ क्या हुआ। ऐसे में FBI का नया अभियान पुराने केसों को फिर सार्वजनिक चर्चा में लाने की कोशिश है।

‘वॉइसेज़ नॉट फॉरगॉटन’ क्या है

FBI ने 18 अगस्त को “वॉइसेज़ नॉट फॉरगॉटन” पहल की घोषणा की। FBI निदेशक काश पटेल ने कहा कि अभियान का मकसद इंडियन कंट्री में अनसुलझे मामलों पर सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना और लोगों को जांचकर्ताओं तक सूचना पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस पहल के तहत FBI ने एक इंटरैक्टिव मैप भी तैयार किया है। इसमें अलग-अलग ट्राइबल समुदायों से जुड़े मामलों की जानकारी और सूचना देने के लिए पोस्टर उपलब्ध कराए गए हैं। FBI ने शुरुआती तौर पर छह मामलों को प्रमुखता से सामने रखा है। इनमें एंजेल बीच, सा'वाडे बर्डिंगराउंड, मलीका “मॉली” बून, लोगन वॉरियर गोइंग्स, मैरी जॉनसन और एमिली पाइक के मामले शामिल हैं।

25 हजार डॉलर का इनाम कैसे मिलेगा

यह समझना जरूरी है कि FBI हर व्यक्ति को केवल सूचना देने पर 25 हजार डॉलर देने की गारंटी नहीं दे रही है। इनाम उस सूचना से जुड़ा है जो जांच में उपयोगी हो और संबंधित मामले में गिरफ्तारी या दोषसिद्धि जैसे परिणाम तक पहुंचने में मदद करे। FBI के अलग-अलग केस पोस्टर में इनाम की शर्तें स्पष्ट की जाती हैं। उदाहरण के लिए पैट्रिक कार्लो सीनियर के 2023 हत्या मामले में FBI ने 25 हजार डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। इसी तरह अल्टन मेस्तेथ की 2024 हत्या के मामले में भी 25 हजार डॉलर तक के इनाम की पेशकश की गई है। FBI के अनुसार उन्हें जनवरी 2024 में उनके घर पर वाहन से की गई गोलीबारी में मार दिया गया था और जांचकर्ताओं को संदेह है कि वह हमले का वास्तविक लक्ष्य नहीं थे।

कुछ लोग घर से निकले और फिर नहीं लौटे

इस पहल के मामलों में ऐसी घटनाएं भी हैं जहां लोग घर या परिचित स्थान से निकले और बाद में लापता पाए गए। कुछ मामलों में बाद में उनके शव मिले, जबकि कुछ मामलों में अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। मलीका “मॉली” बून का मामला इसका एक उदाहरण है। FBI के मुताबिक आठ वर्षीय बून 15 जनवरी 2026 को एरिजोना के कोलमाइन इलाके में लापता हुई थीं। अगले दिन उनका शव एक मैदान में मिला। FBI ने उनकी मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या लोगों की जानकारी देने पर 25 हजार डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। इस तरह के मामलों में शुरुआती घंटों और दिनों की जांच बेहद अहम होती है। लेकिन जब कोई मामला वर्षों तक अनसुलझा रह जाता है तो गवाहों की यादें, सबूत और जांच के शुरुआती सुराग कमजोर हो सकते हैं।

FBI के पास कितने लापता लोगों के मामले हैं

FBI के नेशनल क्राइम इंफॉर्मेशन सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक 2025 के अंत में करीब 1,500 सक्रिय मामले ऐसे थे जिनमें नेटिव अमेरिकी लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज थी। हालांकि FBI ने स्पष्ट किया है कि इनमें से सभी मामले संघीय अपराध के दायरे में नहीं आते। यह आंकड़ा समस्या के पैमाने को समझने में मदद करता है। लेकिन इसे यह कहने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए कि सभी 1,500 मामलों में हत्या हुई है या सभी में FBI की जांच चल रही है। गुमशुदगी, हत्या और संघीय अधिकार क्षेत्र अलग-अलग कानूनी श्रेणियां हैं। इसी वजह से FBI की नई पहल का दायरा विशेष प्रकार के मामलों पर केंद्रित है।

50 से ज्यादा केस क्यों महत्वपूर्ण हैं

AP के विश्लेषण के मुताबिक नई न्यूनतम इनाम व्यवस्था में 50 से ज्यादा अनसुलझे हत्या और गुमशुदगी के मामले शामिल हैं। अधिकांश मामले 10 साल से कम पुराने हैं, लेकिन करीब एक दर्जन मामले 20 साल से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। इतने पुराने मामलों में जांच को फिर सक्रिय करना आसान नहीं होता। गवाह आगे आने से हिचक सकते हैं, पुराने दस्तावेज और भौतिक सबूत सीमित हो सकते हैं और जांचकर्ताओं को घटनाओं की पूरी टाइमलाइन दोबारा तैयार करनी पड़ सकती है। फिर भी पुराने मामलों में एक अहम संभावना बनी रहती है। कोई ऐसा व्यक्ति जो पहले चुप रहा हो, समय बीतने के बाद जांचकर्ताओं से संपर्क कर सकता है।

क्या 25 हजार डॉलर से लोग सामने आएंगे

यही इस अभियान का सबसे बड़ा सवाल है। कुछ परिवारों और विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी इनामी रकम लोगों को सूचना देने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। लेकिन दूसरी तरफ समुदाय में कानून प्रवर्तन संस्थाओं के प्रति डर और अविश्वास बड़ी बाधा बना हुआ है। AP से बातचीत में नेटिव अमेरिकी परिवारों के लिए काम करने वाली वकील मैरी कैथरीन नगले ने कहा कि कुछ समुदायों में गवाह बदले की कार्रवाई के डर से चुप रहते हैं। उनके मुताबिक ज्यादा इनाम लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है और परिवारों को यह संकेत भी दे सकता है कि उनके मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों ने यह भी सवाल उठाया है कि इनाम की रकम अकेले समस्या का समाधान नहीं करेगी। अगर किसी व्यक्ति को अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस होता है, तो 25 हजार डॉलर भी उसके लिए पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं हो सकते।

परिवारों की सबसे बड़ी चिंता क्या है

लंबे समय से अनसुलझे मामलों में परिवारों की सबसे बड़ी शिकायत अक्सर केवल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जांच की स्थिति को लेकर जानकारी की कमी होती है। पैट्रिक कार्लो सीनियर के परिवार ने बताया कि इनाम बढ़ने के बाद कुछ नए फोन आए, लेकिन जांच में निर्णायक सफलता नहीं मिली। परिवार के लिए हर नई सूचना उम्मीद पैदा करती है, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर निराशा भी बढ़ती है। ओग्लाला समुदाय के कुछ लोगों ने AP से बातचीत में कानून प्रवर्तन पर भरोसे की समस्या का जिक्र किया। इससे स्पष्ट होता है कि इस अभियान की सफलता केवल पैसे पर निर्भर नहीं करेगी। समुदाय के साथ भरोसेमंद संपर्क और गवाहों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होगी।

एक केस में दो भाई भी शामिल हैं

FBI की इंडियन कंट्री केस सूची में मैथ्यू और फिलिप रीगन नाम के दो भाइयों का मामला भी शामिल है। वे नेटिव अमेरिकी नहीं थे, लेकिन उनकी हत्या नवाजो नेशन क्षेत्र में हुई थी, इसलिए मामला FBI की इंडियन कंट्री केस सूची में शामिल है। FBI के अनुसार दोनों भाई यात्रा के दौरान कैलिफोर्निया जा रहे थे। उनकी SUV कीचड़ में फंस गई थी और मदद लेने के लिए पैदल निकलने के बाद उन पर गोली चलाई गई। बाद में इस मामले में इनाम को बढ़ाकर 25 हजार डॉलर तक किया गया। यह उदाहरण बताता है कि “इंडियन कंट्री केस” का मतलब केवल पीड़ित का नेटिव अमेरिकी होना नहीं है। घटना का स्थान और संघीय अधिकार क्षेत्र भी जांच की प्रकृति तय करते हैं।

क्या यह अमेरिका की बड़ी सुरक्षा नीति का हिस्सा है

FBI ने इस पहल को इंडियन कंट्री में हिंसक अपराधों से निपटने के लिए संसाधनों की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया है। एजेंसी की “ऑपरेशन स्टेडफास्ट प्रॉमिस” और “ऑपरेशन नॉट फॉरगॉटन” जैसी पहलों के तहत हिंसक अपराध, गैंग गतिविधियों और पुराने मामलों पर संसाधन बढ़ाने की बात कही गई है। यहां नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू सार्वजनिक भागीदारी है। FBI का मानना है कि स्थानीय समुदाय के लोगों के पास ऐसे सुराग हो सकते हैं जो जांचकर्ताओं के पास उपलब्ध नहीं हैं। लेकिन स्थानीय समुदाय के साथ विश्वास का रिश्ता इस पूरी रणनीति की बुनियाद है। अगर लोग सूचना देने में सुरक्षित महसूस नहीं करते, तो सबसे बड़ा इनाम भी सीमित असर डाल सकता है।

आगे क्या होगा

अब FBI के सामने दोहरी चुनौती है। पहली, पुराने मामलों में नए सुराग जुटाना। दूसरी, ट्राइबल समुदायों में ऐसा भरोसा बनाना जिससे लोग जांच एजेंसियों से संपर्क करने को तैयार हों। नए इंटरैक्टिव मैप और सार्वजनिक पोस्टरों से FBI मामलों की दृश्यता बढ़ाना चाहती है। इससे ऐसे लोग भी जानकारी दे सकते हैं जिन्होंने पहले किसी घटना को महत्वपूर्ण नहीं समझा या समय बीतने के कारण अब सामने आने का फैसला किया। अगले कुछ महीनों में इस पहल की असली कामयाबी का आकलन नए सुराग, गिरफ्तारी और पुराने मामलों में जांच की प्रगति से होगा। केवल इनाम बढ़ाने से कितने केस सुलझते हैं, इसका जवाब अभी भविष्य में मिलेगा।

निष्कर्ष

FBI का 25 हजार डॉलर तक का नया इनाम अमेरिकी नेटिव समुदायों में वर्षों से लंबित हत्या और गुमशुदगी के मामलों को फिर जांच के केंद्र में लाने की कोशिश है। 50 से ज्यादा अनसुलझे मामलों को इस नई न्यूनतम इनाम व्यवस्था में शामिल किया गया है और कुछ मामले दो दशक से भी पुराने हैं।

लेकिन इस कहानी का सबसे अहम पहलू रकम नहीं, भरोसा है। परिवार और विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर गवाह डर या अविश्वास के कारण सामने नहीं आते, तो 25 हजार डॉलर का इनाम भी सीमित असर डाल सकता है। FBI की “वॉइसेज़ नॉट फॉरगॉटन” पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पुराने मामलों को दोबारा सार्वजनिक निगाह में ला रही है। अब असली कसौटी यह होगी कि नई जानकारी कितनी मिलती है और कितने परिवारों को वर्षों के इंतजार के बाद इंसाफ का रास्ता दिखाई देता है।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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