सोमवार, 07 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
World

इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ का विस्फोट, 2.70 लाख यात्री प्रभावित

Harish Qureshi 2026-09-07 11:57:30
इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ का विस्फोट, 2.70 लाख यात्री प्रभावित

इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ का विस्फोट, 2.70 लाख यात्री प्रभावित


इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी के लगातार सक्रिय रहने से हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ज्वालामुखीय राख के कारण कई एयरपोर्टों पर परिचालन रोकना पड़ा और 2,300 से ज्यादा उड़ानों में देरी, रद्दीकरण या डायवर्जन हुआ। इससे 2.70 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए हैं।


जकार्ता, 7 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स

By Mohd Haris


जकार्ता का प्रमुख एयरपोर्ट भी बंद


जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत कई एयरपोर्टों को ज्वालामुखीय राख के कारण बंद रखा गया है। सोमवार को सात एयरपोर्टों के बंद

रहने की जानकारी दी गई, जबकि अन्य रिपोर्टों में आठ एयरपोर्टों पर परिचालन प्रभावित होने की बात सामने आई है।


सोएकार्नो-हट्टा एयरपोर्ट का परिचालन कम से कम सोमवार शाम 6 बजे तक रोकने की घोषणा की गई थी। परिवहन मंत्री डुडी पुर्वागंधी ने कहा कि बदलते

मौसम के कारण यह तय करना मुश्किल है कि सामान्य हवाई परिचालन कब बहाल होगा।


2.70 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित


इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, 2,300 से अधिक उड़ानों की देरी, रद्दीकरण या डायवर्जन से 2.70 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए हैं।


इससे पहले 6 सितंबर को करीब 1,558 उड़ानों और 1.70 लाख यात्रियों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में उड़ानों और प्रभावित यात्रियों

का आंकड़ा बढ़ गया।


एयरपोर्टों पर यात्रियों की भीड़


जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा एयरपोर्ट पर यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस की जानकारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने उड़ानों के बार-बार स्थगित

होने और एयरलाइनों से स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने की शिकायत की।


अधिकारियों और एयरपोर्ट ऑपरेटरों ने प्रभावित यात्रियों के लिए भोजन, रिफ्रेशमेंट और वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था शुरू की है। कुछ वैकल्पिक

एयरपोर्टों को 24 घंटे संचालन के लिए तैयार किया गया है।


राख 15 किलोमीटर तक ऊंचाई पर पहुंची


इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी BMKG के मुताबिक ज्वालामुखीय राख का एक गुबार जावा की ओर करीब 6,000 मीटर तक और सुमात्रा की ओर लगभग

15,000 मीटर तक पहुंचा। राख के फैलाव ने विमानन सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित किया।


विमानों के लिए ज्वालामुखीय राख खास तौर पर खतरनाक होती है। राख के कण विमान के इंजन और दूसरे सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं और दृश्यता

भी घटा सकते हैं। इसी वजह से अधिकारियों ने हवाई परिचालन रोकने का फैसला किया।


स्कूलों की पढ़ाई ऑनलाइन


ज्वालामुखीय राख का असर हवाई यातायात तक सीमित नहीं रहा। जकार्ता और लांपुंग में स्कूलों की कई गतिविधियों को ऑनलाइन किया गया। स्वास्थ्य

अधिकारियों ने लोगों से बाहर निकलते समय मास्क पहनने और राख के संपर्क को कम करने की सलाह दी है।


राख से आंखों और सांस संबंधी परेशानी की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। वाहन चलाने वालों को भी कम

दृश्यता के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


अनाक क्राकाटोआ लगातार सक्रिय


अनाक क्राकाटोआ जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित है। यह 1883 के विनाशकारी क्राकाटोआ विस्फोट के बाद बने क्षेत्र में विकसित हुआ ज्वालामुखी है।


मौजूदा गतिविधि शुक्रवार से शुरू हुई और सप्ताहांत में कई विस्फोट दर्ज किए गए। अधिकारियों के मुताबिक ज्वालामुखीय गतिविधि आगे भी जारी रहने की

आशंका है।


2018 की त्रासदी की याद


अनाक क्राकाटोआ का नाम 2018 की उस त्रासदी से भी जुड़ा है, जब ज्वालामुखी के हिस्से के ढहने के बाद सुनामी आई थी। उस घटना में 400 से ज्यादा लोगों

की मौत हुई थी।


हालांकि मौजूदा विस्फोट के बाद इंडोनेशियाई आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने तत्काल सुनामी के खतरे की पुष्टि नहीं की है। ज्वालामुखी के सक्रिय क्रेटर से

कम से कम 3 किलोमीटर दूर रहने की हिदायत दी गई है।


समुद्री यातायात पर भी नजर


अनाक क्राकाटोआ सुंडा जलडमरूमध्य के बीच स्थित है, इसलिए ज्वालामुखीय गतिविधि का असर समुद्री यातायात पर भी पड़ सकता है। स्थानीय

अधिकारियों ने जहाजों को सतर्क रहने और ज्वालामुखी के आसपास निर्धारित निषिद्ध क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने को कहा है।


वैकल्पिक एयरपोर्टों का इस्तेमाल


इंडोनेशियाई सरकार ने यात्रियों की आवाजाही बनाए रखने के लिए कई वैकल्पिक एयरपोर्टों को 24 घंटे संचालन के लिए तैयार किया है। इनमें केर्ताजाती,

अहमद यानी, जुआंडा, योग्याकार्ता इंटरनेशनल और आदि सोएमार्मो एयरपोर्ट शामिल हैं।


सरकार प्रभावित यात्रियों को बंद एयरपोर्टों से वैकल्पिक एयरपोर्टों तक पहुंचाने के लिए ट्रेन और बस सेवाओं का भी इस्तेमाल कर रही है।


कब सामान्य होगा हवाई परिचालन?


फिलहाल इसका निश्चित जवाब नहीं है। इंडोनेशियाई परिवहन मंत्री ने मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए कहा है कि बंद एयरपोर्टों को दोबारा

खोलने का समय निश्चित करना मुश्किल है। एयरस्पेस में राख की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।


अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा आकलन के बाद ही उड़ानों को दोबारा शुरू किया जाएगा। इसका मतलब है कि एयरलाइनों के शेड्यूल में और बदलाव

हो सकते हैं।


इंडोनेशिया में ज्वालामुखीय संकट का असर


अनाक क्राकाटोआ के मौजूदा विस्फोट ने इंडोनेशिया के विमानन नेटवर्क के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। 2.70 लाख से ज्यादा यात्रियों का प्रभावित

होना बताता है कि प्राकृतिक आपदा का असर किस तरह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क तक पहुंच सकता है।


फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता राख से जुड़े विमानन जोखिम को कम करना, यात्रियों को वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध कराना और ज्वालामुखी की गतिविधि

पर लगातार निगरानी रखना है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर