मध्य प्रदेश के बैतूल में देवशयनी एकादशी के अवसर पर पहली बार भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। इस्कॉन इंदौर के मार्गदर्शन में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शहरभर में भक्ति, उत्साह और अनुशासन का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
📍 स्थान: बैतूल, मध्य प्रदेश
📰 तारीख: 25 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
बैतूल में पहली बार निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
देवशयनी एकादशी पर ऐतिहासिक आयोजन
मध्य प्रदेश के बैतूल शहर ने शनिवार को एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बना, जब पहली बार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गई। देवशयनी एकादशी के शुभ अवसर पर आयोजित इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। फूलों से सजे रथ के दर्शन के लिए पूरे शहर से श्रद्धालु उमड़ पड़े।
इस्कॉन इंदौर के मार्गदर्शन में हुआ शुभारंभ
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा समिति द्वारा माता मंदिर गंज से शाम चार बजे यात्रा की शुरुआत की गई। रथ प्रस्थान से पहले इस्कॉन इंदौर के संतों ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती कराई। इसके बाद संकीर्तन, मृदंग और मंजीरों की मधुर ध्वनि के बीच रथयात्रा प्रारंभ हुई।
भक्ति गीतों से गूंजा पूरा शहर
यात्रा में इस्कॉन इंदौर की संकीर्तन मंडली भगवान श्रीकृष्ण के भजनों का गायन करती हुई आगे बढ़ी। श्रद्धालु "जय जगन्नाथ", "हरि बोल" और अन्य भक्ति गीतों पर झूमते हुए रथ के साथ चलते रहे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ रथ खींचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इन मार्गों से होकर निकली रथयात्रा
रथयात्रा माता मंदिर गंज से शुरू होकर कांतिशिवा चौक, दिल बहार चौक, मस्जिद चौक, एचडीएफसी बैंक, तांगा स्टैंड चौक और आदित्य होंडा शोरूम मार्ग से होते हुए रामकृष्ण बगिया पहुंची। यहां धार्मिक सभा, भजन-कीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया गया।
हर जगह हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत
यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर भगवान के रथ का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए फल, जलपान, चाय और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
आयोजन समिति ने जताया आभार
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस रथयात्रा की तैयारी पिछले एक महीने से की जा रही थी। श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी और जनसहयोग से यह आयोजन सफल रहा। समिति ने जिला प्रशासन, पुलिस और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
हर वर्ष निकलेगी रथयात्रा
समिति ने घोषणा की कि बैतूल में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा अब हर वर्ष आयोजित की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि पहली रथयात्रा को जिस तरह लोगों का प्रेम और सहयोग मिला, वह शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के लिए एक नई शुरुआत है।
बैतूल की पहली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी का भी प्रतीक बनी। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और अनुशासित आयोजन ने इसे शहर के इतिहास में यादगार बना दिया।