स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट समेत कई संवेदनशील स्थानों को बम धमकी मिली। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल तलाशी और जांच अभियान चलाया। हाईकोर्ट परिसर तथा अन्य स्थानों पर अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों ने एहतियाती सुरक्षा बढ़ाई है और धमकी के स्रोत की जांच जारी है।
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नई दिल्ली | 14 अगस्त 2026 | अपूर्वा चौधरी
स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में सुरक्षा अलर्ट
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई संवेदनशील स्थानों को बम धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। दिल्ली हाईकोर्ट, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 और कुछ सरकारी कार्यालयों को ईमेल अथवा धमकी भरे संदेश मिलने की सूचना सामने आई। इसके बाद संबंधित परिसरों में तत्काल सुरक्षा जांच शुरू की गई।
धमकी की सूचना मिलते ही बम डिस्पोजल टीम, स्निफर डॉग स्क्वॉड, दमकल कर्मियों और स्थानीय पुलिस को सक्रिय किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित जोखिम को देखते हुए संबंधित इलाकों की व्यापक स्क्रीनिंग की। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई।
दिल्ली हाईकोर्ट को ईमेल से धमकी
दिल्ली हाईकोर्ट प्रशासन को शुक्रवार को एक धमकी भरा ईमेल मिला। रिपोर्टों के अनुसार ईमेल की विषय पंक्ति में हाईकोर्ट में विस्फोट का उल्लेख करते हुए दोपहर 2:11 बजे का समय बताया गया था। संदेश की जानकारी मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने पुलिस के साथ समन्वय किया और सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए।
हाईकोर्ट परिसर में बम डिस्पोजल टीम और स्निफर डॉग्स की मदद से जांच की गई। दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव कुणाल मल्होत्रा ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा कि जरूरी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। शुरुआती तलाशी में किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं थी।
धमकी भरे संदेश में दिल्ली के अन्य न्यायिक परिसरों और संवेदनशील स्थानों को लेकर भी दावे किए गए थे। हालांकि ऐसे संदेश में किए गए दावों को स्वतः वास्तविक खतरे का प्रमाण नहीं माना जा सकता। सुरक्षा एजेंसियां संदेश की विश्वसनीयता और उसके स्रोत की अलग से जांच कर रही हैं।
IGI एयरपोर्ट समेत कई स्थानों पर जांच
धमकी की सूचना केवल हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रही। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 के अलावा जामनगर हाउस, झंडेवालान स्थित एक सरकारी परिसर, साकेत स्थित कार्यालय और दिल्ली कैंट के एसडीएम कार्यालय समेत कई स्थानों का नाम सामने आया।
इन जगहों पर भी सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती तलाशी अभियान चलाया। दमकल विभाग की टीमें और अन्य आपातकालीन संसाधन संबंधित स्थानों पर भेजे गए। अब तक उपलब्ध अपडेट में किसी भी स्थान से विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ रिपोर्टों में अलग-अलग स्थानों पर धमकी मिलने के समय में भी अंतर सामने आया है। इससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां इन संदेशों की कड़ी, संभावित स्रोत और आपसी संबंध की पड़ताल कर रही हैं।
धमकी के बाद दिल्ली में सुरक्षा और कड़ी
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है जब स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त है। लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं। शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर जांच बढ़ाई गई है और संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों की निगरानी भी तेज की गई है। �
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख बाजारों की ओर पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर रिस्क असेसमेंट कर रही हैं। हाई अलर्ट के बीच वाहनों और लोगों की स्क्रीनिंग बढ़ाना सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है।
क्या धमकी वास्तविक थी?
अब तक उपलब्ध जांच अपडेट में किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं हुई है। कुछ रिपोर्टों में संबंधित धमकियों को जांच के बाद होक्स यानी फर्जी धमकी बताया गया है। हालांकि ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की विस्तृत पड़ताल के बाद ही माना जाना चाहिए।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी वाले ईमेल या संदेश कहां से भेजे गए, क्या अलग-अलग स्थानों को भेजे गए संदेशों के पीछे एक ही स्रोत था और इसका उद्देश्य क्या था। साइबर जांच के जरिए संदेशों के तकनीकी स्रोत और डिजिटल ट्रेल की भी पड़ताल की जा सकती है।
हाईकोर्ट में कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था
धमकी मिलने के बाद हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा जांच शुरू की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार स्थिति को नियंत्रण में रखा गया और सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर की स्क्रीनिंग की। फिलहाल किसी वास्तविक विस्फोटक खतरे की पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां पहले खतरे को गंभीर मानकर जांच करती हैं और उसके बाद ही उसकी विश्वसनीयता का आकलन करती हैं। यही वजह है कि धमकी फर्जी होने की आशंका के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल ढील नहीं दी जाती।
पुलिस और एजेंसियों की जांच जारी
दिल्ली में एक साथ कई संवेदनशील स्थानों को धमकी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। एजेंसियां ईमेल की भाषा, भेजे जाने के समय, तकनीकी विवरण और संभावित कनेक्शन की जांच कर रही हैं।
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सामने आया यह मामला सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि तलाशी अभियानों में किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी एहतियात के तौर पर सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी जारी है।