नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ सार्वजनिक चर्चा में भी बनी हुई है। फिल्म की कम बजट में बनी कहानी ने दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बनाई है और अब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित फिल्म दर्शन को लेकर चर्चा सामने आई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ६ सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिल्म देख सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस कार्यक्रम की उत्तर प्रदेश सरकार या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। लिहाजा फिलहाल इसे संभावित कार्यक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
‘हनुमान अंश’ की टीम हाल में आगरा जिला जेल पहुंची थी। वहां कलाकारों ने जेल में निरुद्ध लोगों के साथ राम नाम संकीर्तन किया और फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए। इसी कार्यक्रम के दौरान फिल्म को उत्तर प्रदेश में टैक्स-फ्री किए जाने का अनुरोध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करने की बात सामने आई।
यह पहल फिल्म के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को केंद्र में रखकर की गई है। हालांकि, टैक्स-फ्री करने को लेकर सरकार की ओर से किसी अंतिम फैसले की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।
‘हनुमान अंश’ का आधार नीम करोली बाबा का जीवन और उनकी आध्यात्मिक विचारधारा है। फिल्म में आस्था, सेवा और राम नाम से जुड़े पहलुओं को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है।
फिल्म में शोभिनव सत्य ने नीम करोली बाबा की भूमिका निभाई है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी हैं। उपलब्ध फिल्म विवरण के अनुसार फिल्म ७ अगस्त २०२६ को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
फिल्म की कास्टिंग भी चर्चा में रही। निर्देशक के मुताबिक शोभिनव सत्य पहले फिल्म से सहायक निर्देशक के तौर पर जुड़े थे। मुख्य अभिनेता की तबीयत खराब होने के बाद उनका स्क्रीन टेस्ट लिया गया और उन्हें नीम करोली बाबा की भूमिका मिली।
फिल्म की सबसे उल्लेखनीय बात उसका बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन है। शुरुआती दौर में इसे सीमित दर्शक और कम शो मिले, लेकिन बाद में माउथ पब्लिसिटी और दर्शकों की प्रतिक्रिया से इसकी कमाई में तेज इजाफा हुआ।
एनडीटीवी की ३ सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म करीब २ करोड़ रुपये के बजट में बनी और २७ दिनों में ६० करोड़ रुपये से अधिक की नेट कमाई का आंकड़ा पार कर गई।
इस प्रदर्शन ने ट्रेड विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। फिल्म की सफलता इस वजह से भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसके पीछे बड़े बजट या पारंपरिक सुपरस्टार-केंद्रित प्रचार अभियान की भूमिका सीमित रही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ६ सितंबर को फिल्म देखने की चर्चा के बीच सबसे जरूरी सवाल इसकी आधिकारिक पुष्टि का है। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में इस तारीख के कार्यक्रम की स्पष्ट सरकारी घोषणा नहीं मिली है।
इसलिए इसे फिलहाल संभावित स्क्रीनिंग या संभावित फिल्म दर्शन के रूप में रिपोर्ट करना अधिक उचित होगा। जब तक मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार या किसी अधिकृत प्रतिनिधि की पुष्टि नहीं होती, तब तक इसे निश्चित कार्यक्रम कहना पत्रकारिता के लिहाज से सही नहीं होगा।
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी मुख्यमंत्री का किसी फिल्म की स्क्रीनिंग में शामिल होना महज मनोरंजन से जुड़ा घटनाक्रम नहीं रहता। इससे फिल्म को सार्वजनिक दृश्यता मिलती है और उसके संभावित सरकारी समर्थन को लेकर भी चर्चा शुरू हो सकती है।
‘हनुमान अंश’ को उत्तर प्रदेश में टैक्स-फ्री करने की मांग सामने आने के बाद अब सरकार के रुख पर भी निगाह रहेगी। इससे पहले मई २०२६ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘कृष्णावतारम्’ फिल्म देखने के बाद उसे उत्तर प्रदेश में टैक्स-फ्री करने की घोषणा की थी।
हालांकि दोनों फिल्मों के संदर्भ और सरकारी निर्णय अलग हैं। इसलिए ‘हनुमान अंश’ को लेकर भी किसी संभावित फैसले को आधिकारिक घोषणा के बाद ही निश्चित माना जाना चाहिए।
फिल्म की घरेलू सफलता के बाद अब इसके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक ११ सितंबर २०२६ को फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज निर्धारित की गई है और होम्बले फिल्म्स की अंतरराष्ट्रीय वितरण इकाई इससे जुड़ी है।
इससे फिल्म के निर्माताओं को घरेलू बाजार के बाहर भी दर्शक आधार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। खासकर नीम करोली बाबा से जुड़ी आध्यात्मिक पहचान को देखते हुए विदेशों में रहने वाले भारतीय दर्शकों के बीच फिल्म की मांग पर निगाह रहेगी।
फिल्म की शुरुआती रिलीज के दौरान इसकी व्यावसायिक स्थिति अपेक्षाकृत सीमित थी। बाद में दर्शकों की प्रतिक्रिया और माउथ पब्लिसिटी ने तस्वीर बदल दी। मीडिया रिपोर्टों में फिल्म के लगातार मजबूत होते कलेक्शन का उल्लेख किया गया है।
पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी फिल्म की सराहना की है और सोशल मीडिया के जरिए इसके बारे में अपनी प्रतिक्रिया साझा की। इससे फिल्म की सार्वजनिक चर्चा को और गति मिली।
अब दो घटनाक्रम महत्वपूर्ण हैं। पहला, ६ सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फिल्म देखने की खबर की आधिकारिक पुष्टि होती है या नहीं। दूसरा, उत्तर प्रदेश सरकार फिल्म को टैक्स-फ्री करने की मांग पर क्या रुख अपनाती है।
अगर मुख्यमंत्री फिल्म देखते हैं, तो उनकी प्रतिक्रिया और उसके बाद सरकार की ओर से लिया गया कोई निर्णय फिल्म के प्रचार और उत्तर प्रदेश में उसके कारोबारी प्रदर्शन पर असर डाल सकता है। लेकिन किसी भी सरकारी फैसले को आधिकारिक आदेश या घोषणा के बाद ही तथ्य के रूप में पेश किया जाना चाहिए।
‘हनुमान अंश’ फिलहाल एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आई है जिसने सीमित बजट और शुरुआती धीमी रफ्तार के बाद दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई। ६ सितंबर से जुड़ी मुख्यमंत्री की संभावित स्क्रीनिंग और टैक्स-फ्री की मांग ने इसके इर्द-गिर्द सार्वजनिक दिलचस्पी को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में सरकारी रुख और अंतरराष्ट्रीय रिलीज फिल्म के अगले सफर की दिशा तय करेंगे।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।