उत्तर प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों का अभियान तेज हुआ है। सरकार ने 6 महीने में 1 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा है। 19 सितंबर से 818 चयनित अभ्यर्थियों को पत्र दिए जा रहे हैं।
📍 लखनऊ 🗓️ 19 सितंबर 2026 ✍️Mohd Naved
यूपी में 1 लाख सरकारी नियुक्तियों का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नियुक्तियों से जुड़ी प्रक्रिया तेज होने की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा है। इस अभियान की शुरुआत के तौर पर 19 सितंबर को लखनऊ के लोकभवन में 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने का कार्यक्रम रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने अगस्त में लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान अगले छह महीने में 1 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने की घोषणा की थी। बाद में 16 सितंबर को गोरखपुर में उन्होंने विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले इस लक्ष्य को पूरा करने की बात दोहराई।
818 अभ्यर्थियों से अभियान की शुरुआत
19 सितंबर को लोकभवन में होने वाले नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास तथा उद्योग विभाग से जुड़े चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यक्रम में 21 चयनित अभ्यर्थियों को स्वयं नियुक्ति पत्र देंगे। बाकी 797 अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों की ओर से नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
किन विभागों में कितनी नियुक्तियां
इस चरण में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के विभिन्न ट्रेडों में 48 अनुदेशकों का चयन हुआ है। इनमें तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़े अलग-अलग पद शामिल हैं।
उद्योग विभाग के उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के 9 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में 357 एक्सरे-टेक्नीशियन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जानी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में इन नियुक्तियों का संबंध सरकारी चिकित्सा सेवाओं में तकनीकी मानव संसाधन से है।
आयुष विभाग में होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी सेवाओं से जुड़े कुल 404 चयनित अभ्यर्थी इस चरण में शामिल हैं। इनमें फार्मासिस्ट और विभिन्न शैक्षणिक पदों पर चयनित अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों से भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अधियाचन भेजे जाने के बाद परिणाम जारी होने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने पिछले कार्यक्रमों में राज्य में सरकारी नौकरियों की संख्या का भी उल्लेख किया है।
एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य क्यों अहम है
उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और यहां सरकारी भर्ती बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार का एक अहम माध्यम रही है। ऐसे में 6 महीने में 1 लाख नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य भर्ती प्रक्रिया की गति और विभिन्न चयन संस्थाओं की कार्यक्षमता से सीधे जुड़ा है।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केवल नियुक्ति पत्र वितरण पर्याप्त नहीं होगा। चयनित अभ्यर्थियों की विभागीय नियुक्ति, पदस्थापन और ज्वाइनिंग की प्रक्रिया भी समय पर पूरी करना महत्वपूर्ण होगा।
युवाओं के लिए इसका क्या मतलब है
जिन अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और विभागों से नियुक्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी हैं, उनके लिए नियुक्ति पत्र वितरण अभियान सीधे रोजगार से जुड़ा कदम है।
दूसरी ओर, जो अभ्यर्थी अभी भर्ती परीक्षाओं, परिणाम या दस्तावेज सत्यापन के चरण में हैं, उनके लिए अलग-अलग भर्ती बोर्ड और आयोग की आधिकारिक अधिसूचनाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। 1 लाख का लक्ष्य सभी युवाओं के लिए स्वतः नियुक्ति की गारंटी नहीं है। नियुक्ति चयन प्रक्रिया और संबंधित पद की पात्रता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही मिलेगी।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
अगले 6 महीनों में 1 लाख नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य पूरा करने के लिए अलग-अलग विभागों और भर्ती संस्थाओं को लगातार परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी। 19 सितंबर का 818 नियुक्तियों वाला कार्यक्रम इसी व्यापक लक्ष्य के शुरुआती चरण के रूप में सामने आया है।
युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह रहेगी कि भर्ती विज्ञापन, परीक्षा परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति संबंधी सूचनाएं संबंधित सरकारी विभागों और भर्ती संस्थाओं से ही सत्यापित की जाएं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा है। 19 सितंबर को 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के साथ इस अभियान की शुरुआत हो रही है।
अब इस घोषणा की वास्तविक प्रगति इस बात से तय होगी कि अलग-अलग विभागों में लंबित चयन प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र के बाद समय पर पदस्थापन और ज्वाइनिंग मिलती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।