भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा पाल के खाते से 1.55 लाख रुपये की अनधिकृत यूपीआई निकासी का मामला सामने आया है। लखनऊ एयरपोर्ट पर 40 लाख रुपये के आईफोन-मैकबुक भी पकड़े गए।
📍 प्रयागराज/लखनऊ
🗓️ 19 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved
पूजा पाल की शिकायत के अनुसार, उनके बैंक खाते से 22 अगस्त से 13 सितंबर के बीच कई बार यूपीआई के माध्यम से रकम निकाली गई। कुल अनधिकृत लेनदेन करीब 1.55 लाख रुपये का बताया गया है। उन्हें इस निकासी की जानकारी 14 सितंबर को बैंक खाते का विवरण देखने के बाद हुई।
शिकायत में आशंका जताई गई है कि उनके आईफोन में अनधिकृत प्रवेश के बाद बैंकिंग और निजी डाटा तक पहुंच बनाई गई हो सकती है। हालांकि, मोबाइल में सेंध या निजी डाटा के लीक होने की बात अभी जांच का विषय है। इसे पुलिस जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
मामले में प्रयागराज के धूमनगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस साइबर सेल की मदद से संबंधित यूपीआई लेनदेन, यूटीआर, ट्रांजेक्शन आईडी और बैंकिंग गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। जांच का मकसद अनधिकृत लेनदेन के स्रोत और इसमें इस्तेमाल किए गए डिवाइस या यूपीआई माध्यम की पहचान करना है।
पुलिस के सामने एक अहम पहलू यह भी है कि रकम एक ही बार में निकाली गई या अलग-अलग लेनदेन के जरिए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, निकासी कई बार में हुई थी। आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि खाते और मोबाइल तक पहुंच किस तरीके से बनाई गई।
दूसरे मामले में लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अमौसी पर राज्य कर विभाग की टीम ने करीब 40 लाख रुपये मूल्य के आईफोन और मैकबुक पकड़े। विभाग के मुताबिक, यह सामान अहमदाबाद से लाया जा रहा था और इसके साथ बिल तथा ई-वे बिल मौजूद नहीं था।
राज्य कर विभाग की कार्रवाई के दौरान माल का भौतिक सत्यापन किया गया। अहमदाबाद के व्यापारी ने सामान पर अपना स्वामित्व स्वीकार किया। इसके बाद विभाग ने देय कर की दोगुनी राशि के तौर पर 14.32 लाख रुपये का अर्थदंड जमा कराया।
रिपोर्ट के अनुसार, जब्त खेप में आईफोन के अलग-अलग मॉडल और मैकबुक शामिल थे। विभाग ने बिना बिल वाले महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है। एयरपोर्ट के अलावा रेलवे, बस और सड़क मार्ग से आने वाले माल की भी जांच की जा रही है।
राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के मामले में कर राशि भी उल्लेखनीय होती है। ऐसे में दस्तावेजों के बिना दूसरे राज्य से आने वाले माल की जांच कर चोरी की संभावनाओं की पड़ताल का हिस्सा है।
पूजा पाल से जुड़ा मामला साइबर अपराध और अनधिकृत डिजिटल लेनदेन की जांच के दायरे में है। इसमें पुलिस और साइबर सेल बैंकिंग रिकॉर्ड तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं।
अमौसी एयरपोर्ट का मामला राज्य कर विभाग की कार्रवाई से जुड़ा है। यहां मुद्दा माल के दस्तावेज, कर देयता और नियमों के अनुपालन का है। दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और इनके बीच किसी संबंध की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
पूजा पाल के मामले में जांच एजेंसियों के सामने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनधिकृत लेनदेन की कड़ी स्थापित करने की चुनौती है। बैंक रिकॉर्ड, यूपीआई विवरण और संबंधित डिजिटल उपकरणों की जांच से मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
लखनऊ एयरपोर्ट मामले में कर विभाग की कार्रवाई दस्तावेजों और कर भुगतान से जुड़े नियमों के आधार पर आगे बढ़ेगी। 14.32 लाख रुपये के अर्थदंड के भुगतान की जानकारी सामने आई है।
इन दोनों घटनाओं से उत्तर प्रदेश में डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा और महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की कर अनुपालन व्यवस्था से जुड़े सवाल फिर चर्चा में आए हैं। फिलहाल पूजा पाल मामले में आरोपी की पहचान और साइबर सेंध के तरीके की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।