Uttar Pradesh
गोमती पुस्तक महोत्सव का आगाज़, योगी बोले, युवा अपनी राह खुद तैयार करें
Mohammad Naved
•
2026-09-12 12:23:51
लखनऊ में गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से पाठ्यक्रम से आगे किताबें पढ़ने और अपनी राह खुद तैयार करने की अपील की। आयोजन 20 सितंबर तक चलेगा।
📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश
🗓️ 12 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved
लखनऊ विश्वविद्यालय में शनिवार को पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन के दौरान युवाओं से किताबों को अपनी जिंदगी और ज्ञान की यात्रा का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी दिशा तय करनी चाहिए और पुस्तकों के जरिए अपने ज्ञान का दायरा बढ़ाना चाहिए।
नौ दिवसीय यह महोत्सव 12 से 20 सितंबर तक चलेगा। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और समकालीन विषयों पर संवाद के साथ पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
डिजिटल दौर में किताबों की वापसी पर जोर
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल दौर में युवाओं की पढ़ने की आदत को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उनके मुताबिक सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच युवाओं को पुस्तकों से भी लगातार जुड़ना चाहिए।
योगी ने कहा कि केवल पाठ्यक्रम की किताबों तक पढ़ाई को सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। समाज, इतिहास, संस्कृति और देश को समझने के लिए अलग-अलग विषयों की पुस्तकें पढ़ना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं को अपने घर या निजी स्तर पर पुस्तक संग्रह तैयार करने की सलाह दी। साहित्य, धार्मिक ग्रंथ, महापुरुषों की आत्मकथाएं, वैज्ञानिक शोध और यात्रा साहित्य जैसी अलग-अलग विधाओं को पढ़ने से ज्ञान और रचनात्मकता का विस्तार होने की बात उन्होंने कही।
250 के करीब पुस्तक स्टॉल
महोत्सव में करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं। आयोजकों के मुताबिक 121 प्रकाशक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। हिंदी, उर्दू, अवधी और दूसरी भारतीय भाषाओं के साथ अंग्रेजी की किताबें भी पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक के अनुसार आयोजन में पुस्तक बिक्री के साथ लेखकों, युवा रचनाकारों, बुद्धिजीवियों और कलाकारों को संवाद का मंच भी दिया जा रहा है।
महोत्सव में प्रवेश निःशुल्क रखा गया है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की पुस्तकों पर छूट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आयोजकों की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक महोत्सव का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा।
साहित्य से विज्ञान तक कई विषयों पर संवाद
गोमती पुस्तक महोत्सव को केवल पुस्तक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा गया है। यहां साहित्य और संस्कृति के साथ विज्ञान, अंतरिक्ष, अनुवाद, विरासत, लोक परंपरा, आध्यात्मिकता, युवा साहित्य और समकालीन पत्रकारिता जैसे विषयों पर संवाद प्रस्तावित हैं।
महिला अस्मिता और सतत विकास जैसे विषय भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इससे आयोजन में पुस्तक पाठकों के साथ विद्यार्थियों, शोधार्थियों और साहित्य में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए भी अलग-अलग तरह की गतिविधियों का दायरा तैयार किया गया है।
बच्चों के लिए अलग गतिविधियां
महोत्सव में बच्चों के लिए विशेष बाल मंडप बनाया गया है। यहां कहानी-कथन, कठपुतली नाटक, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस, क्ले आर्ट, सुलेख, कैरिकेचर, कविता-पाठ और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इसका मकसद बच्चों को किताबों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। आयोजन में प्रतियोगिताओं और संवाद कार्यक्रमों के जरिए युवा पाठकों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने की तैयारी है।
शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम
महोत्सव में शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इनमें कथक, लोक प्रस्तुतियां, मुशायरा, नाट्य प्रस्तुति और दास्तानगोई शामिल हैं।
कार्यक्रम में अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, लोक गायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री से सम्मानित विद्या विंदु सिंह समेत कई प्रमुख हस्तियों की भागीदारी प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय पर भी फोकस
महोत्सव में राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के बारे में भी पाठकों और विद्यार्थियों को जानकारी दी जा रही है। आयोजकों के मुताबिक इस डिजिटल मंच पर भारतीय भाषाओं में हजारों ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब किताबों और डिजिटल कंटेंट के बीच युवाओं की पढ़ने की आदत को लेकर लगातार बहस होती रही है। ऐसे में पुस्तक महोत्सव का फोकस पारंपरिक पुस्तकों और डिजिटल संसाधनों के बीच पाठकों के लिए व्यापक विकल्प उपलब्ध कराने पर भी है।
पढ़ने की संस्कृति को लेकर बड़ी तस्वीर
गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण लखनऊ में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश का हिस्सा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास और लखनऊ विश्वविद्यालय की भागीदारी से आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, लेखकों, प्रकाशकों और पाठकों को एक साझा मंच उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश भी इसी व्यापक संदर्भ में रहा। उन्होंने युवाओं से ज्ञान को केवल परीक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखने की अपील की। उनके अनुसार पढ़ने की व्यापक आदत व्यक्ति की समझ और रचनात्मक क्षमता को मजबूत करती है।
20 सितंबर तक चलेगा महोत्सव
गोमती पुस्तक महोत्सव 20 सितंबर तक लखनऊ विश्वविद्यालय में जारी रहेगा। आयोजकों ने साहित्यिक संवाद, पुस्तक प्रदर्शनी, बाल गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कार्यक्रम तैयार किया है।
लखनऊ के पाठकों के लिए यह आयोजन अलग-अलग भाषाओं और विषयों की पुस्तकों तक एक ही परिसर में पहुंच का अवसर देता है। वहीं विद्यार्थियों और युवा पाठकों के लिए लेखकों तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद कार्यक्रम इसकी खासियत हैं।
मुख्यमंत्री के उद्घाटन संबोधन का मुख्य संदेश पढ़ने की आदत और ज्ञान के व्यापक दायरे पर केंद्रित रहा। महोत्सव के आगे के दिनों में यह देखना अहम होगा कि कितनी बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा इन गतिविधियों से जुड़ते हैं और पुस्तक संस्कृति को लेकर यह पहल स्थानीय स्तर पर कितना असर पैदा करती है।
Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।