📍 सियोल 🗓️ 19 सितंबर 2026 ✍️ मोहम्मद नावेद
भारत ने डेविस कप में दक्षिण कोरिया के खिलाफ डबल्स मुकाबला जीतकर स्कोर 1-2 किया। धक्शिणेश्वर सुरेश और बालाजी ने निर्णायक प्रदर्शन किया।
सियोल में भारत ने डेविस कप क्वालिफायर्स के दूसरे दौर में दक्षिण कोरिया के खिलाफ वापसी की उम्मीदें कायम रखी हैं। शुक्रवार को दोनों सिंगल्स गंवाने के बाद भारतीय टीम ने शनिवार को डबल्स रबर अपने नाम किया। धक्शिणेश्वर सुरेश और एन श्रीराम बालाजी की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के जिसुंग नाम और उइसुंग पार्क को तीन सेट के मुकाबले में शिकस्त दी।
भारत ने यह मुकाबला 6-3, 3-6, 6-3 से अपने नाम किया। इस जीत के साथ दक्षिण कोरिया की बढ़त 2-1 रह गई है और भारत अभी भी टाई में बना हुआ है।
डबल्स में बदली भारतीय रणनीति
भारत ने इस मुकाबले के लिए अपनी डबल्स रणनीति में बदलाव किया। शुरुआती कार्यक्रम में एन श्रीराम बालाजी के साथ निखिल कालीयंदा पूनाचा को उतारने की योजना थी। मुकाबले के दौरान धक्शिणेश्वर सुरेश को पूनाचा की जगह बालाजी के साथ जोड़ा गया।
यह बदलाव भारत के लिए असरदार साबित हुआ। सुरेश और बालाजी ने शुरुआत से मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी और पहला सेट 6-3 से जीत लिया। दक्षिण कोरियाई जोड़ी ने दूसरे सेट में वापसी करते हुए 6-3 से बराबरी की।
निर्णायक सेट में भारत ने फिर नियंत्रण हासिल किया। सुरेश और बालाजी ने अहम मौकों पर अंक जुटाए और तीसरा सेट 6-3 से जीतकर भारत को टाई में पहली जीत दिलाई।
पहले दिन भारत को मिली थी शिकस्त
इससे पहले शुक्रवार को भारत दोनों सिंगल्स मुकाबले हार गया था। धक्शिणेश्वर सुरेश को सूनवू क्वोन ने हराया, जबकि सुमित नागल को ह्योन चुंग के खिलाफ शिकस्त मिली।
नागल ने चुंग के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत मजबूत तरीके से की थी और पहला सेट 6-2 से अपने नाम किया था। इसके बाद दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने वापसी करते हुए दूसरा सेट 6-4 और निर्णायक सेट 7-5 से जीत लिया। इससे पहले क्वोन ने भी सुरेश को हराकर मेजबान टीम को बढ़त दिलाई थी।
अब सिंगल्स पर टिकी निगाहें
डबल्स में जीत के बाद भारत के सामने अब शेष दोनों सिंगल्स मुकाबले हैं। भारत को टाई जीतने के लिए दोनों मुकाबले अपने नाम करने होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक सुमित नागल का सामना सूनवू क्वोन से और धक्शिणेश्वर सुरेश का सामना ह्योन चुंग से होना है।
दक्षिण कोरिया के पास अभी 2-1 की बढ़त है। इसलिए अगले मुकाबले में मेजबान टीम की एक जीत टाई का फैसला उसके पक्ष में कर देगी। भारत को अगले दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी।
फाइनल-8 की दौड़ में बड़ा दांव
यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए डेविस कप के फाइनल-8 चरण तक पहुंचने की अहम कोशिश है। मौजूदा प्रारूप में इस दौर की विजेता टीम नवंबर में इटली के बोलोन्या में होने वाले फाइनल चरण में जगह बनाएगी।
भारत इससे पहले स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड्स के खिलाफ जीत दर्ज करके क्वालिफायर्स के इस दौर तक पहुंचा था। दक्षिण कोरिया के खिलाफ टाई में शुरुआती 0-2 की स्थिति ने भारतीय टीम पर दबाव बढ़ा दिया था, लेकिन डबल्स की जीत ने मुकाबले को फिर खुला रखा है।
धीमी कोर्ट बनी रणनीति का हिस्सा
सियोल में कोर्ट की परिस्थितियां भी मुकाबले की चर्चा में रही हैं। भारतीय टीम के कप्तान रोहित राजपाल के अनुसार दक्षिण कोरिया ने ऐसी धीमी कोर्ट तैयार की थी, जिससे भारतीय खिलाड़ियों के खेल की रफ्तार और उछाल पर असर पड़े। भारतीय टीम ने इन परिस्थितियों को चुनौती के रूप में लिया।
पहले दिन के सिंगल्स में दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों ने इन्हीं परिस्थितियों के अनुरूप अपने खेल में बदलाव किया। हालांकि डबल्स में भारत ने परिस्थितियों के बीच बेहतर तालमेल दिखाया और निर्णायक सेट जीत लिया।
भारत के सामने अब स्पष्ट चुनौती
डबल्स की जीत ने भारत को राहत दी है, लेकिन समीकरण अभी भी दक्षिण कोरिया के पक्ष में है। भारत को टाई बचाने और फाइनल-8 की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए शेष दोनों सिंगल्स जीतने होंगे।
सियोल में अब हर गेम और हर सेट का महत्व बढ़ गया है। भारतीय टीम के लिए डबल्स जीत वापसी का मौका लेकर आई है, लेकिन अंतिम नतीजा शेष सिंगल्स मुकाबलों पर निर्भर करेगा।
भारत के लिए अब मुकाबला सीधा है। एक और जीत उसे बराबरी के करीब ले जाएगी, जबकि दूसरी जीत टाई का फैसला भारतीय पक्ष में कर देगी। दक्षिण कोरिया के पास एक जीत से मुकाबला समाप्त करने का मौका है।
डबल्स में मिली सफलता ने भारत को 0-2 की स्थिति से 1-2 तक पहुंचाया है। अब भारतीय टीम को उसी लय को सिंगल्स में दोहराना होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।