बेन शेल्टन ने यूएस ओपन सेमीफाइनल में हमवतन फ्रांसिस टियाफो को चार सेटों में हराया। यह शेल्टन का पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल है। खिताबी मुकाबले में उनका सामना अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा।
By Mohd Haris
शेल्टन ने टियाफो को 4-6, 6-3, 6-3, 7-5 से हराया। अब 23 वर्षीय अमेरिकी खिलाड़ी के सामने फाइनल में जर्मनी के शीर्ष वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव होंगे।
मुकाबले की शुरुआत टियाफो के पक्ष में रही। उन्होंने पहला सेट 6-4 से जीतकर शेल्टन पर दबाव बनाया।
लेकिन शेल्टन ने दूसरे सेट से अपना खेल बदल दिया। उनकी सर्विस की ताकत और बेसलाइन से आक्रामक खेल ने टियाफो को लगातार दबाव में रखा। उन्होंने दूसरा और तीसरा सेट 6-3, 6-3 से जीतकर मुकाबले में बढ़त हासिल कर ली।
चौथे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। शेल्टन ने निर्णायक मौके पर बढ़त बनाई और 7-5 से सेट जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
शेल्टन की सर्विस इस मुकाबले में उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने मुकाबले में 20 ऐस लगाए।
बाएं हाथ से खेलने वाले शेल्टन ने अहम मौकों पर अपनी तेज सर्विस का प्रभावी इस्तेमाल किया। टियाफो ने पहले सेट में बढ़त बनाई, लेकिन बाद के तीन सेटों में शेल्टन ने मैच की दिशा बदल दी।
इस जीत के साथ शेल्टन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे हैं। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ यूएस ओपन प्रदर्शन सेमीफाइनल तक था।
23 साल की उम्र में फाइनल तक पहुंचना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है। अब उनके पास अपने देश के पुरुष टेनिस के लंबे खिताबी इंतजार को खत्म करने का मौका है।
अमेरिका के किसी पुरुष खिलाड़ी ने आखिरी बार 2003 में ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीता था। तब एंडी रॉडिक ने यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था।
शेल्टन की जीत का एक और ऐतिहासिक पहलू है। वह आर्थर ऐश के बाद यूएस ओपन पुरुष फाइनल में पहुंचने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी बने हैं। ऐश ने 1972 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
ग्रैंड स्लैम स्तर पर भी यह उपलब्धि लंबे अंतराल के बाद आई है। इससे पहले किसी अश्वेत अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी के ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने का उदाहरण 1996 के विंबलडन में मालीवाइ वॉशिंगटन का था।
फ्रांसिस टियाफो के लिए यह एक और करीबी सेमीफाइनल रहा। अमेरिकी खिलाड़ी इससे पहले भी यूएस ओपन के अंतिम चार में पहुंच चुके थे, लेकिन ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह नहीं बना पाए।
टियाफो ने क्वार्टर फाइनल में एलेक्स माइकेलसन के खिलाफ पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी। इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना अपने हमवतन शेल्टन से हुआ।
दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला अमेरिकी पुरुष टेनिस की नई पीढ़ी के लिए भी महत्वपूर्ण था।
सेमीफाइनल का माहौल 9/11 की 25वीं बरसी के कारण भावनात्मक भी रहा। न्यूयॉर्क में मैच से पहले हमलों के पीड़ितों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
मैच के बाद शेल्टन ने 9/11 से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने न्यूयॉर्क के लिए इस दिन की संवेदनशीलता को स्वीकार किया।
यह संदर्भ मुकाबले के भावनात्मक माहौल में भी दिखाई दिया।
फाइनल में शेल्टन के सामने आसान चुनौती नहीं होगी। अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने सेमीफाइनल में रूस के करेन खाचानोव को 6-3, 7-6, 7-6 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
ज्वेरेव इस समय टूर्नामेंट के शीर्ष वरीय खिलाड़ी हैं। वह 2026 में फ्रेंच ओपन का खिताब भी जीत चुके हैं और लगातार तीसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने में सफल रहे हैं।
यूएस ओपन में उनका इससे पहले एक फाइनल अनुभव भी रहा है। 2020 में वह डोमिनिक थीम के खिलाफ फाइनल में हार गए थे।
फाइनल से पहले आंकड़े ज्वेरेव के पक्ष में हैं। यूएस ओपन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार शेल्टन ने ज्वेरेव के खिलाफ अपने पिछले मुकाबलों में अभी तक जीत दर्ज नहीं की है। दोनों खिलाड़ियों के बीच 5 मुकाबले हुए हैं।
हालांकि, ग्रैंड स्लैम में दोनों पहली बार आमने-सामने होंगे। इसका अर्थ है कि पिछले मुकाबलों के आंकड़े फाइनल की पूरी तस्वीर तय नहीं करते।
शेल्टन ने इस टूर्नामेंट में पहले ही मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्काराज को क्वार्टर फाइनल में हराकर अपनी क्षमता साबित की है।
शेल्टन की फाइनल में मौजूदगी अमेरिकी पुरुष टेनिस के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ा अवसर है।
अमेरिका के पुरुष खिलाड़ियों ने पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब नहीं जीता है। 2003 में रॉडिक के यूएस ओपन खिताब के बाद से यह सूखा जारी है।
अब अमेरिकी प्रशंसकों की निगाहें शेल्टन पर होंगी। उनके सामने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल ज्वेरेव होंगे।
फाइनल में शेल्टन को अपनी सर्विस और आक्रामक खेल को लंबे समय तक बनाए रखना होगा। ज्वेरेव की सर्विस, रिटर्न और लंबे रैलियों में स्थिरता उन्हें अलग चुनौती देती है।
यूएस ओपन की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक ज्वेरेव इस सीजन में ऐस के मामले में एटीपी टूर के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं।
इसलिए फाइनल में केवल पावर गेम ही निर्णायक नहीं होगा। महत्वपूर्ण मौकों पर मानसिक मजबूती और लंबी रैलियों में धैर्य भी बड़ा कारक रहेगा।
शेल्टन अब खिताब से केवल एक जीत दूर हैं। अगर वह ज्वेरेव को हराते हैं, तो 2003 के बाद ग्रैंड स्लैम पुरुष सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले अमेरिकी बन जाएंगे।
इसके साथ वह यूएस ओपन जीतने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी भी बनेंगे। यह उपलब्धि अमेरिकी टेनिस के इतिहास में अलग स्थान बनाएगी।
फिलहाल फाइनल से पहले शेल्टन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने सेमीफाइनल की लय को बरकरार रखना है।
बेन शेल्टन ने फ्रांसिस टियाफो को 4-6, 6-3, 6-3, 7-5 से हराकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई है। यह जीत उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं आगे है, क्योंकि वह अमेरिकी पुरुष टेनिस के लंबे खिताबी इंतजार को खत्म करने से एक कदम दूर हैं।
अब न्यूयॉर्क में खिताबी मुकाबले में शेल्टन का सामना अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। एक तरफ अमेरिकी टेनिस के 23 साल पुराने इंतजार का दबाव होगा, दूसरी तरफ ज्वेरेव अपने दूसरे ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में उतरेंगे।
फाइनल में दोनों खिलाड़ियों की सर्विस, मानसिक मजबूती और अहम पलों में प्रदर्शन खिताब की दिशा तय करेगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।