भारत ने महिला जूनियर एशिया कप के क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0 से हराया। पूजा मलिक ने 3 गोल किए। भारतीय टीम अब 12 सितंबर को सेमीफाइनल खेलेगी।
📍 मोकी, चीन
🗓️ 10 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
भारत की महिला जूनियर हॉकी टीम ने एशिया कप के क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 19-0 की बड़ी जीत दर्ज की। चीन के मोकी में 10 सितंबर को खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से लेकर अंतिम मिनट तक मैच की कमान अपने हाथ में रखी। पाकिस्तान की टीम पूरे मुकाबले में भारत के खिलाफ एक भी गोल नहीं कर सकी।
इस जीत के साथ भारत ने प्रतियोगिता के अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का सामना मलेशिया और कोरिया के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। सेमीफाइनल मुकाबले 12 सितंबर को खेले जाने हैं।
शुरुआत से भारत का दबदबा
मुकाबले के शुरुआती मिनटों में ही भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने लगातार हमले किए और पाकिस्तान के डिफेंस को व्यवस्थित होने का पर्याप्त मौका नहीं दिया।
भारत का पहला गोल 7वें मिनट में पूजा साहू ने किया। इसके बाद 9वें मिनट में रोशनी ऐंद ने बढ़त को आगे बढ़ाया। 11वें मिनट में दिनेश तुनश्री काडू ने गोल किया, जबकि 13वें मिनट में सानिका चंद्रकांत माने और सुखवीर कौर ने गोल करके भारतीय बढ़त को और मजबूत किया।
18वें मिनट में गीता यादव ने गोल किया। इसके बाद सानिका चंद्रकांत माने ने 23वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। 25वें मिनट में तनुजा टोप्पो और 27वें मिनट में पूजा मलिक ने गोल किया। पहले हाफ के समाप्त होने से पहले मधु सिदार ने भी स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया।
इस तरह मध्यांतर तक भारत 10-0 की बढ़त हासिल कर चुका था।
पूजा मलिक की हैट्रिक
भारत की ओर से पूजा मलिक सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में रहीं। उन्होंने 27वें मिनट के बाद 49वें और 51वें मिनट में भी गोल किए। इस तरह उनके खाते में कुल 3 गोल रहे।
सानिका चंद्रकांत माने, मधु सिदार, सुप्रिया और रोशनी ऐंद ने 2-2 गोल किए। पूजा साहू, दिनेश तुनश्री काडू, सुखवीर कौर, गीता यादव, तनुजा टोप्पो, पूर्णिमा यादव, कृष्णा शर्मा और बिनिमा धन ने 1-1 गोल किया।
भारतीय टीम के गोलों का वितरण यह दिखाता है कि जीत किसी एक खिलाड़ी के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर नहीं रही। अलग-अलग खिलाड़ियों ने आक्रमण में योगदान दिया और टीम ने लगातार गोल करने का दबाव बनाए रखा।
दूसरे हाफ में भी जारी रहा आक्रमण
मध्यांतर के बाद भी भारतीय टीम की रफ्तार कम नहीं हुई। तीसरे क्वार्टर में भारत ने 3 गोल किए। इस चरण में पूर्णिमा यादव और मधु सिदार सहित भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बरकरार रखा।
अंतिम क्वार्टर में भारत ने फिर तेजी पकड़ी और 6 गोल किए। पूजा मलिक ने इसी चरण में अपने दो गोल पूरे किए। सुप्रिया और रोशनी ऐंद ने भी स्कोर में इजाफा किया। मुकाबले का अंतिम गोल 60वें मिनट में रोशनी ऐंद ने किया।
मैच में भारत के 7 गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए, जबकि 2 गोल पेनल्टी स्ट्रोक से किए गए। बाकी 11 गोल फील्ड गोल रहे। यह आंकड़ा भारतीय टीम के आक्रमण की विविधता को दर्शाता है।
भारत का पूल चरण भी मजबूत रहा
क्वार्टर फाइनल से पहले भारतीय टीम ने प्रतियोगिता के एलीट पूल में भी प्रभावी प्रदर्शन किया था। भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1, मलेशिया को 11-1 और जापान को 7-0 से हराया। चीन के खिलाफ मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
पूल चरण के अंत में भारत और चीन दोनों के 10-10 अंक थे। बेहतर गोल अंतर के आधार पर भारत ने एलीट पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया।
इन मुकाबलों में भारतीय टीम ने आक्रमण और रक्षात्मक संतुलन दोनों पर पकड़ दिखाई। जापान के खिलाफ 7-0 की जीत ने भी क्वार्टर फाइनल से पहले टीम की स्थिति मजबूत की थी।
पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तान ने प्रतियोगिता के चैलेंजर पूल में मुकाबले खेले थे। उपलब्ध प्रतियोगिता रिकॉर्ड के अनुसार पाकिस्तान ने इस चरण में 7 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहा। बांग्लादेश और कजाखस्तान उससे ऊपर रहे।
क्वार्टर फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच स्तर का अंतर स्कोरलाइन में भी दिखाई दिया। पाकिस्तान भारतीय आक्रमण का प्रभावी जवाब नहीं दे सका और पूरे 60 मिनट में गोल नहीं कर पाया।
भारत के लिए क्या मायने रखती है यह जीत
19-0 की जीत केवल स्कोरलाइन के लिहाज से बड़ी नहीं है। यह भारतीय जूनियर टीम के मौजूदा टूर्नामेंट अभियान में उसके आक्रामक प्रदर्शन की निरंतरता भी दिखाती है।
भारत ने पूल चरण में बड़े अंतर से जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में भी उसी आक्रामक लय को कायम रखा। टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में पेनल्टी कॉर्नर, पेनल्टी स्ट्रोक और फील्ड गोल के जरिए स्कोर बनाया।
फिर भी नॉकआउट चरण में हर मुकाबला नए दबाव के साथ आता है। भारत को सेमीफाइनल में मलेशिया और कोरिया के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता का सामना करना है। इसलिए क्वार्टर फाइनल की बड़ी जीत के बावजूद अगले मैच के लिए तैयारी और रक्षात्मक अनुशासन अहम रहेगा।
खिताब बचाने की चुनौती
भारत मौजूदा चैंपियन है। 2024 में मस्कट में खेले गए टूर्नामेंट में भारत ने चीन को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता था। इससे पहले भारत ने 2023 में भी ट्रॉफी अपने नाम की थी।
इस लिहाज से मौजूदा अभियान भारत के लिए लगातार तीसरे खिताब की दिशा में एक और कदम है। हालांकि सेमीफाइनल और संभावित फाइनल में मुकाबले की चुनौती अलग होगी।
प्रतियोगिता के इतिहास में दक्षिण कोरिया सबसे सफल टीम रही है, जिसने 4 बार खिताब जीता है। चीन ने 3 बार ट्रॉफी अपने नाम की है। भारत अब तक 2 बार चैंपियन रहा है।
अब सेमीफाइनल पर नजर
क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी जीत के बाद भारतीय टीम का अगला लक्ष्य सेमीफाइनल है। उसका प्रतिद्वंद्वी मलेशिया और कोरिया के क्वार्टर फाइनल के नतीजे से तय होगा। मुकाबला 12 सितंबर को खेला जाना है।
भारत के लिए सबसे अहम चुनौती इस आक्रामक लय को बनाए रखते हुए नॉकआउट दबाव को संभालना होगी। पाकिस्तान के खिलाफ 19 गोलों ने टीम की गोल करने की क्षमता जरूर सामने रखी है, लेकिन खिताब की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए हर मैच में अलग रणनीति और अनुशासन की जरूरत होगी।
मोकी में भारत का अभियान फिलहाल मजबूत स्थिति में है। पाकिस्तान के खिलाफ 19-0 की जीत ने टीम को अंतिम चार में पहुंचा दिया है। अब भारतीय टीम के सामने खिताब की ओर बढ़ने का अगला इम्तिहान सेमीफाइनल में होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।