भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया, पूल डी में टॉप
महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की बड़ी जीत, दक्षिण अफ्रीका 6-1 से पस्त
6-1 की जीत से भारत का वर्ल्ड कप अभियान पटरी पर
भारत ने महिला हॉकी वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर पहली जीत दर्ज की। इस जीत से भारत पूल डी में शीर्ष पर पहुंचा। सुनिलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने गोल किए। अब इंग्लैंड के खिलाफ अगला मुकाबला भारत के लिए निर्णायक होगा।
अम्स्टेलवीन, नीदरलैंड्स | 18 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर अपने अभियान की पहली जीत दर्ज की। अम्स्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए पूल डी के मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मुकाबले पर लगातार पकड़ बनाए रखी। चीन के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत की सख्त जरूरत थी। इस नतीजे ने भारतीय टीम को चार अंक तक पहुंचाया और पूल डी में उसकी स्थिति मजबूत कर दी।
भारत ने मैच की शुरुआत तेज पासिंग और लगातार सर्कल अटैक के साथ की। 11वें मिनट में साक्षी राणा की पहल के बाद सुनिलिता टोप्पो ने गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह गोल भारतीय टीम के शुरुआती दबाव का नतीजा था। दूसरे क्वार्टर में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को वापसी का मौका नहीं दिया। नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर से शानदार शॉट लगाकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। नवनीत का यह टूर्नामेंट में दूसरा गोल था। भारत की डिफेंस लाइन ने भी दक्षिण अफ्रीकी हमलों को प्रभावी ढंग से रोका। दक्षिण अफ्रीका को मौके मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग ने उन्हें गोल में बदलने नहीं दिया।
मैच का तीसरा क्वार्टर भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ। टीम ने लगातार हमले बढ़ाए और दक्षिण अफ्रीका की डिफेंस संरचना पर दबाव बनाए रखा। 38वें मिनट में दीपिका ने शानदार टोमहॉक के जरिए गोल किया और भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। इसके बाद लालरेमसियामी ने 44वें मिनट में गोल किया। इसके तुरंत बाद साक्षी राणा ने फिर स्कोर किया और भारत की बढ़त 6-0 हो गई। दोनों गोलों में भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामक क्षमता और सर्कल के भीतर बेहतर फिनिशिंग साफ नजर आई। दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम क्वार्टर में एक गोल जरूर किया। 55वें मिनट में कायला डी वाल ने पेनल्टी कॉर्नर के बाद मिले मौके का फायदा उठाया और स्कोर 6-1 किया। इसके बाद भारत ने मुकाबले को नियंत्रण में रखा और जीत पक्की कर ली।
इस मुकाबले में भारत के छह गोल छह अलग-अलग मौकों पर आए। सुनिलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुशीला चानू, दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा के नाम स्कोरशीट में दर्ज हुए। उपलब्ध मैच रिपोर्टों के मुताबिक साक्षी राणा ने दो गोल किए। यह प्रदर्शन भारतीय टीम के अटैकिंग यूनिट के लिए अहम संकेत है। चीन के खिलाफ शुरुआती मैच में भारत ने दो गोल किए थे, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छह गोल ने टीम की फिनिशिंग में बड़ा सुधार दिखाया।
भारत ने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 ड्रॉ से की थी। उस मुकाबले में नवनीत कौर और दीपिका ने भारत के लिए गोल किए थे। चीन पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान की टीम के रूप में टूर्नामेंट में उतरी थी।
चीन के खिलाफ ड्रॉ ने भारत को एक अंक दिया था, लेकिन पूल डी में स्थिति कड़ी थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत इसलिए जरूरी थी क्योंकि भारत को शीर्ष दो स्थानों की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करनी थी। हॉकी इंडिया ने भी मुकाबले से पहले भारतीय टीम की जरूरत को स्पष्ट किया था। टीम को चीन के खिलाफ दिखाए गए अनुशासन और दबाव को बरकरार रखते हुए अटैकिंग थर्ड में ज्यादा क्लिनिकल होने की जरूरत बताई गई थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छह गोल इस रणनीति के सफल अमल की तरफ इशारा करते हैं।
6-1 की जीत के बाद भारत पूल डी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया। टीम के खाते में दो मैचों से चार अंक हैं। गोल डिफरेंस भी भारत के पक्ष में मजबूत हुआ है। इसी पूल के दूसरे मुकाबले में चीन ने इंग्लैंड को 4-2 से हराया। इस नतीजे ने ग्रुप की स्थिति को और प्रतिस्पर्धी बना दिया। भारत के लिए अब इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम पूल मैच अहम हो गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भारत को दूसरे दौर में जगह पक्की करने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ कम से कम ड्रॉ की जरूरत होगी। अगर भारत हारता है, तो दक्षिण अफ्रीका और चीन के बीच होने वाले मुकाबले का नतीजा तथा गोल डिफरेंस समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारत का अगला मुकाबला 20 अगस्त को इंग्लैंड से होगा। यह मैच पूल डी की अंतिम स्थिति तय करने में अहम रहेगा।
इंग्लैंड के खिलाफ चुनौती दक्षिण अफ्रीका से अलग होगी। भारत को ज्यादा संगठित डिफेंस और दबाव वाले मुकाबले के लिए तैयार रहना होगा। छह गोल की जीत ने टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ाया है, लेकिन नॉकआउट दौर में पहुंचने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ प्रदर्शन ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
भारत की मौजूदा स्थिति सकारात्मक है, लेकिन अभी टूर्नामेंट का लंबा सफर बाकी है। बड़े अंतर से मिली जीत ने गोल डिफरेंस को मजबूत किया है, इसलिए आगे किसी करीबी मुकाबले में यह पहलू उपयोगी साबित हो सकता है।
दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 की जीत को महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी जीत बताया गया है। इससे पहले टूर्नामेंट में भारत का सबसे बड़ा जीत अंतर 1974 में स्पेन के खिलाफ 4-1 की जीत था। यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है क्योंकि 1974 में भारत ने महिला हॉकी वर्ल्ड कप के उद्घाटन संस्करण में चौथा स्थान हासिल किया था। 2026 में टीम अब अपने अभियान को उससे आगे ले जाने की कोशिश कर रही है।
6-1 का स्कोर भारत के लिए मजबूत संदेश है, लेकिन इसे टूर्नामेंट की अंतिम सफलता का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। पूल डी में इंग्लैंड और चीन जैसी मजबूत टीमें मौजूद हैं और आगे के मुकाबलों में दबाव बढ़ेगा। भारत के लिए सबसे सकारात्मक पहलू अटैकिंग फिनिशिंग रहा। छह गोल और अलग-अलग खिलाड़ियों का स्कोर करना बताता है कि टीम के पास एक से ज्यादा गोल स्कोरिंग विकल्प मौजूद हैं। साथ ही, दक्षिण अफ्रीका को केवल एक गोल तक सीमित रखना डिफेंस के लिए भी अच्छा संकेत है।
भारत अब चार अंकों के साथ पूल डी में मजबूत स्थिति में है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच में ड्रॉ भारत को दूसरे दौर में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा, जबकि हार की स्थिति में ग्रुप के दूसरे मुकाबले और गोल डिफरेंस पर नजर रखनी होगी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 की जीत ने भारत के वर्ल्ड कप अभियान को नई रफ्तार दी है। लेकिन असली सवाल अब यह है कि क्या टीम इसी अनुशासन, फिनिशिंग और दबाव झेलने की क्षमता को इंग्लैंड के खिलाफ भी कायम रखती है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में अपनी ताकत दिखाई है। महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की पहली जीत ने उसे पूल डी में शीर्ष स्थिति तक पहुंचाया है, लेकिन दूसरे दौर की तस्वीर इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबले के बाद पूरी तरह साफ होगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।