सोमवार, 14 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
Sports

हॉकी इंडिया का डीजी आरके श्रीवास्तव पर बड़ा एक्शन, सभी अधिकार वापस; 8 आरोपों पर कारण बताओ नोटिस

Mohammad Naved 2026-09-14 12:00:27
हॉकी इंडिया का डीजी आरके श्रीवास्तव पर बड़ा एक्शन, सभी अधिकार वापस; 8 आरोपों पर कारण बताओ नोटिस

हॉकी इंडिया ने डीजी आरके श्रीवास्तव के सभी अधिकार वापस ले लिए हैं। जर्सी विवाद, वर्ल्ड कप यात्रा और प्रशासनिक मामलों समेत 8 आरोपों पर 4 सप्ताह में जवाब मांगा गया है।

📍 नई दिल्ली
🗓️ 14 सितंबर 2026
✍️ मोहम्मद नावेद

हॉकी इंडिया में प्रशासनिक विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। संगठन ने अपने महानिदेशक कमांडर आरके श्रीवास्तव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए उनके सभी अधिकार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए हैं। अध्यक्ष दिलीप टिर्की की ओर से कानूनी माध्यम से भेजे गए कारण बताओ नोटिस में श्रीवास्तव के खिलाफ 8 आरोप दर्ज किए गए हैं।

हॉकी इंडिया के मुताबिक, श्रीवास्तव अब संगठन की ओर से किसी भी तरह का कार्यकारी, प्रशासनिक, वित्तीय, संविदात्मक, पर्यवेक्षी, अनुमोदन या प्रतिनिधिक अधिकार इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। उन्हें संगठन के रिकॉर्ड, दस्तावेज, फाइल, आधिकारिक पहुंच और लंबित मामलों का प्रभार राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से नामित अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

8 आरोपों पर मांगा गया जवाब

कारण बताओ नोटिस में 8 अलग-अलग प्रशासनिक मामलों को उठाया गया है। इनमें भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी के रंग में बदलाव, विश्व कप के लिए श्रीवास्तव की यात्रा, मीडिया और पीआर व्यवस्था, दक्षिण अफ्रीका दौरे से जुड़े खिलाड़ी अनुशासन का मामला, मुख्य कोच क्रेग फुल्टन से संबंधित स्पष्टीकरण, विक्रम पाल से जुड़े रिकॉर्ड, विकास अंपायर के मामले और अंतरराष्ट्रीय हॉकी संस्थाओं के साथ संवाद जैसे मुद्दे शामिल हैं।

हॉकी इंडिया ने इन मामलों को प्रथम दृष्टया कार्यकारी जवाबदेही से जुड़े गंभीर और बार-बार सामने आए सवालों के रूप में पेश किया है। हालांकि, नोटिस में लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना गया है।

जर्सी विवाद सबसे प्रमुख मुद्दों में

विवाद का सबसे चर्चित हिस्सा भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने से जुड़ा है। पारंपरिक नीले रंग की जगह नारंगी रंग की जर्सी सामने आने के बाद हॉकी जगत में बहस शुरू हुई थी।

जुलाई में हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने इस फैसले की प्रक्रिया और मंजूरी को लेकर संगठन के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। टिर्की ने सवाल उठाया था कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी में बदलाव का फैसला किस प्राधिकरण के तहत लिया गया और क्या राष्ट्रपति तथा कार्यकारी बोर्ड से इस पर विचार-विमर्श हुआ था।

हॉकी इंडिया के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे भी सामने आए थे। एक पक्ष ने निर्णय प्रक्रिया में निर्वाचित नेतृत्व की पर्याप्त भागीदारी पर सवाल उठाया, जबकि संगठन के महासचिव भोला नाथ सिंह ने इसे तकनीकी जरूरत और खिलाड़ियों की मांग से जुड़ा फैसला बताया था।

अब जारी कारण बताओ नोटिस में आरोप लगाया गया है कि जर्सी बदलाव को राष्ट्रपति या कार्यकारी समिति से पूर्व परामर्श के बिना लागू और सार्वजनिक किया गया। नोटिस के मुताबिक, निर्णय के अधिकार, मंजूरी और परामर्श से जुड़े पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

वर्ल्ड कप यात्रा पर भी सवाल

दूसरा प्रमुख विवाद श्रीवास्तव की हॉकी विश्व कप यात्रा से जुड़ा है। नोटिस के अनुसार, उन्हें भारत में रुककर हॉकी इंडिया लीग और अन्य प्राथमिक प्रशासनिक मामलों पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया था।

नोटिस में कहा गया है कि 30 जुलाई को भी श्रीवास्तव को भारत में रहने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद उन्होंने नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित विश्व कप से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। हॉकी इंडिया ने इसे अध्यक्ष के निर्देश की अवहेलना के रूप में आरोपित किया है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि कुछ अन्य अधिकारियों और कोचों को विशेष संस्थागत जिम्मेदारियों के लिए भेजने की बात थी, लेकिन श्रीवास्तव स्वयं विश्व कप में पहुंचे। इसी घटनाक्रम को लेकर संगठन ने प्रशासनिक अधिकार और आदेश पालन से जुड़े सवाल उठाए हैं।

पीआर एजेंसी और मीडिया व्यवस्था का मामला

कारण बताओ नोटिस में जर्सी विवाद के दौरान पीआर एजेंसी और मीडिया संवाद से जुड़े फैसलों का भी उल्लेख है।

नोटिस के अनुसार, 31 जुलाई को तत्काल मीडिया एम्बार्गो लगाया गया था। इसके बाद संबंधित पीआर एजेंसी के खिलाफ अनुशासनात्मक और संविदात्मक प्रक्रिया को पूरी तरह लागू किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि राष्ट्रीय खेल संगठन में संकट के दौरान आधिकारिक संवाद, रिकॉर्ड और मीडिया प्रबंधन सीधे संस्थागत विश्वसनीयता से जुड़े होते हैं।

दक्षिण अफ्रीका दौरे से जुड़ा अनुशासन मामला

नोटिस में भारतीय खिलाड़ियों से जुड़े दक्षिण अफ्रीका दौरे के एक अनुशासनात्मक मामले को भी शामिल किया गया है। इसमें मनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और कृष्ण पाठक से जुड़े मामले का उल्लेख है।

हॉकी इंडिया का आरोप है कि इस मामले में कार्रवाई को लेकर दिए गए निर्देशों को बाद में दोहराना पड़ा। नोटिस के अनुसार, 23 जनवरी के निर्देशों के बाद 30 जनवरी और 3 फरवरी को भी संबंधित कार्रवाई को लेकर निर्देश जारी किए गए थे।

यहां भी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल यह मामला संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों का हिस्सा है और श्रीवास्तव को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।

कोच क्रेग फुल्टन से जुड़ा स्पष्टीकरण

नोटिस में भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन से जुड़ी एक रिपोर्ट का भी जिक्र है। मामला मनप्रीत सिंह के टीम से बाहर होने और कथित तौर पर कोच की प्रतिक्रिया से संबंधित बताया गया है।

हॉकी इंडिया का आरोप है कि फुल्टन की ओर से स्पष्ट बयान, पुष्टि, खंडन या कार्रवाई संबंधी पूरी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि इस बारे में बार-बार स्पष्टीकरण मांगा गया था।

विक्रम पाल से जुड़े रिकॉर्ड का मुद्दा

नोटिस में विक्रम पाल से संबंधित आईसीसी और पॉश रिकॉर्ड का मामला भी शामिल है। संगठन का आरोप है कि संबंधित रिकॉर्ड और कार्यवाही से जुड़े दस्तावेज मांगे जाने के बावजूद वे उपलब्ध नहीं कराए गए।

नोटिस के अनुसार, इस मामले में 15 जुलाई के बाद कई बार रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। हॉकी इंडिया ने आरोप लगाया है कि संबंधित प्रशासनिक निगरानी के स्तर पर रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उचित गोपनीय प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराने में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।

इस आरोप का स्वरूप संवेदनशील है, इसलिए इससे संबंधित किसी भी निष्कर्ष को आधिकारिक जांच या श्रीवास्तव के जवाब के बिना अंतिम तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

विकास अंपायर और अंतरराष्ट्रीय संवाद भी जांच के दायरे में

आरोपों में विकास अंपायर सुमित मोहिटे से जुड़ा मामला भी शामिल है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ, एशियाई हॉकी महासंघ और अन्य राष्ट्रीय महासंघों के साथ किए गए संवाद को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

नोटिस में आरोप है कि कुछ महत्वपूर्ण बाहरी संवाद और संपर्क राष्ट्रपति तथा निर्वाचित निकाय के समक्ष समय पर और पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए।

अधिकार वापस लेने का मतलब क्या है

यह कार्रवाई फिलहाल अंतिम बर्खास्तगी या अंतिम अनुशासनात्मक सजा के बराबर नहीं है। हॉकी इंडिया के नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह अंतिम रूप से किसी आरोप को सिद्ध करने का निर्णय नहीं है।

श्रीवास्तव को नोटिस प्राप्त होने के बाद 4 सप्ताह के भीतर अपना लिखित जवाब देना है। यदि वह निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देते हैं, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि तत्काल अधिकार वापस लेने की कार्रवाई अपने आप में उनके मौजूदा संविदात्मक पारिश्रमिक या सामान्य सेवा लाभों को प्रभावित नहीं करती।

हॉकी इंडिया के लिए आगे की चुनौती

इस घटनाक्रम का असर संगठन के प्रशासनिक कामकाज पर पड़ सकता है। खासकर हॉकी इंडिया लीग से जुड़े समन्वय, राष्ट्रीय टीमों के प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय निकायों के साथ संस्थागत संवाद में जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा महत्वपूर्ण होगा।

इस विवाद का दूसरा बड़ा पहलू संगठनात्मक पारदर्शिता है। राष्ट्रीय खेल महासंघों में बड़े फैसलों की प्रक्रिया, निर्वाचित नेतृत्व की भूमिका, रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था और अधिकारियों के बीच जवाबदेही भविष्य में भी महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे।

श्रीवास्तव का पक्ष अभी बाकी

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, आरके श्रीवास्तव को नोटिस पर अपना जवाब देने के लिए 4 सप्ताह का समय मिला है। उनकी ओर से आरोपों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि लगाए गए आरोप अंतिम रूप से सही साबित होंगे। मौजूदा स्थिति में इतना स्पष्ट है कि हॉकी इंडिया ने प्रशासनिक स्तर पर कठोर अंतरिम कदम उठाया है और मामले को औपचारिक जवाबदेही की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया है।

आगे क्या होगा

अब निगाहें आरके श्रीवास्तव के लिखित जवाब और उसके बाद हॉकी इंडिया की अगली कार्रवाई पर रहेंगी। जवाब मिलने के बाद संगठन आरोपों की समीक्षा, उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर आगे का फैसला ले सकता है।

फिलहाल इस पूरे विवाद का केंद्र केवल जर्सी का रंग नहीं है। मामला निर्णय लेने की प्रक्रिया, प्रशासनिक अधिकार, निर्देशों के पालन, दस्तावेजी पारदर्शिता और राष्ट्रीय खेल संस्था में जवाबदेही से जुड़ा है। अंतिम तस्वीर श्रीवास्तव के जवाब और उसके बाद होने वाली संस्थागत कार्रवाई से साफ होगी।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Mohammad Naved

Mohammad Naved

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

बेल्जियम से शूटआउट में हारा भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में 8वें स्थान पर रहा

2026-08-29 12:18:09

Hockey World Cup 2026: Wales से भिड़ेगा भारत

2026-08-15 12:57:33

ब्रिटेन दौरे पर रवाना भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम, एशिया कप की तैयारी तेज

2026-07-03 12:50:35

Junior Asia Cup: सुप्रिया की हैट्रिक से भारत फाइनल में, दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया

2026-09-12 21:19:42

भारत का पाकिस्तान पर 19-0 का दबदबा, महिला जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल में पहुंची टीम

2026-09-10 14:17:30

भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से रौंदा, वर्ल्ड कप में पहली जीत

2026-08-19 16:50:05

भारतीय हॉकी टीम वर्ल्ड कप के लिए तैयार, 15 अगस्त से अभियान

2026-08-11 16:11:52

भारत की पाकिस्तान पर 7-1 की ऐतिहासिक जीत, FIH प्रो लीग में एशियाई हॉकी का नया संदेश

2026-06-27 10:00:17

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर