भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 एफआईएच हॉकी विश्व कप अभियान 8वें स्थान के साथ खत्म हुआ। वावरे में खेले गए 7वें-8वें स्थान के मुकाबले में भारत और सह-मेजबान बेल्जियम के बीच निर्धारित समय में 3-3 की बराबरी रही, लेकिन शूटआउट में बेल्जियम ने 4-3 से जीत दर्ज कर ली। भारत एक समय मुकाबले में पीछे चल रहा था। आखिरी मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर बराबर किया और मुकाबले को शूटआउट तक पहुंचा दिया। यह टूर्नामेंट में हरमनप्रीत का 8वां गोल था। शूटआउट में भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए। हरमनप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह अपने प्रयासों को गोल में नहीं बदल सके। बेल्जियम के गोलकीपर विन्सेंट वानाश ने अहम बचाव करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई।
वावरे, बेल्जियम|29 अगस्त 2026|शाह टाइम्स
By Mohd Haris
भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और छठे मिनट में बढ़त हासिल कर ली। मनप्रीत सिंह ने मौका बनाया और अभिषेक ने गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद बेल्जियम ने दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को कुछ समय के लिए 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जब कप्तान हरमनप्रीत सिंह को अतिरिक्त खिलाड़ी मैदान पर होने के मामले में पीला कार्ड दिखाया गया। बेल्जियम ने इस संख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाते हुए भारतीय गोल पर लगातार दबाव बनाया।
दूसरे क्वार्टर में बेल्जियम ने तेजी से वापसी की। 22वें मिनट में रोमन डुवेकोट ने गोल कर स्कोर 1-1 किया। इसके करीब एक मिनट बाद ह्यूगो लाबूशेरे ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके बेल्जियम को 2-1 की बढ़त दिला दी। भारत ने दूसरे क्वार्टर के बाद अपनी रणनीति में बदलाव किया और मध्यांतर के बाद बेहतर दबाव बनाया। 31वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार ड्रैग-फ्लिक लगाकर स्कोर 2-2 कर दिया। बेल्जियम ने इस गोल को चुनौती दी, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद भारत का गोल बरकरार रहा।
2-2 की बराबरी के बाद दोनों टीमों ने बढ़त बनाने की कोशिश की। बेल्जियम को पेनल्टी कॉर्नर से एक और गोल मिला, लेकिन भारत ने वीडियो रेफरल लिया और समीक्षा के बाद गोल को ऊंचाई से जुड़े नियम के कारण रद्द कर दिया गया। तीसरे क्वार्टर के समाप्त होने तक स्कोर 2-2 रहा। मुकाबला लगातार तेज और प्रतिस्पर्धी बना रहा। दोनों टीमों के गोलकीपरों ने भी कई अहम बचाव किए।
चौथे क्वार्टर की शुरुआत में बेल्जियम ने फिर बढ़त हासिल कर ली। 47वें मिनट में निकोलस डी केरपेल ने गोल कर बेल्जियम को 3-2 से आगे कर दिया। इस दौरान भारतीय टीम को एक और झटका लगा। मनप्रीत सिंह गेंद लगने से चेहरे पर चोटिल हुए और कुछ समय के लिए मैदान से बाहर गए। बाद में वह शूटआउट के लिए वापस लौटे। बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में अपनी बढ़त बचाने की कोशिश की। भारत ने गोलकीपर सूरज करकेरा को हटाकर अतिरिक्त फील्ड खिलाड़ी उतारा और पूरी ताकत से बराबरी के लिए हमला किया।
भारत की कोशिशों का परिणाम मुकाबले के आखिरी क्षणों में मिला। भारत को अंतिम सीटी से केवल 26 सेकंड पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मौके को हाथ से जाने नहीं दिया। उनकी ड्रैग-फ्लिक सीधे गोल में गई और भारत ने स्कोर 3-3 कर दिया। इस गोल के साथ मुकाबला शूटआउट में पहुंच गया। यह हरमनप्रीत का टूर्नामेंट में 8वां गोल था। वह प्रतियोगिता के शीर्ष गोल स्कोररों में शामिल रहे।
शूटआउट में भारत के लिए शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए। हरमनप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह के प्रयास बेल्जियम के गोलकीपर विन्सेंट वानाश ने रोक दिए। बेल्जियम की ओर से टॉम बून, आर्थर डी स्लूवर, अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल किए। विक्टर फूबर्ट अपने प्रयास में सफल नहीं रहे। निर्णायक प्रयास में डुवेकोट ने गोल किया। भारतीय गोलकीपर मोहिथ एचएस ने रेफरल लिया, लेकिन समीक्षा के बाद गोल को मान्य कर दिया गया। इस तरह बेल्जियम ने शूटआउट 4-3 से जीतकर 7वां स्थान हासिल किया, जबकि भारत 8वें स्थान पर रहा।
भारतीय टीम इस विश्व कप में 51 साल बाद पदक जीतने की उम्मीद के साथ उतरी थी। शुरुआती दौर में भारत ने वेल्स को 3-1 और पाकिस्तान को 5-3 से हराकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 की हार का सामना करना पड़ा। दूसरे दौर में भारत को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नीदरलैंड्स ने भारत को 3-1 से हराया, जबकि अर्जेंटीना के खिलाफ भारत को 3-5 से हार मिली। इन नतीजों के बाद भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। बेल्जियम भी सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सका। दूसरे दौर में ऑस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ के बाद उसकी सेमीफाइनल की उम्मीदें खत्म हो गई थीं।
भारत के लिए इस विश्व कप में हरमनप्रीत सिंह सबसे प्रभावी गोल स्कोररों में रहे। उन्होंने 8 गोल किए और प्रतियोगिता के शीर्ष स्कोररों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे। आखिरी मुकाबले में भी उनकी भूमिका निर्णायक रही। उन्होंने एक गोल से भारत को बराबरी दिलाई और अंतिम 26 सेकंड में दूसरा गोल कर टीम को शूटआउट तक पहुंचाया। हालांकि शूटआउट में उनका प्रयास गोल में नहीं बदल सका और भारत को 8वें स्थान से संतोष करना पड़ा।
विश्व कप में 8वां स्थान भारतीय पुरुष हॉकी टीम की अपेक्षाओं से नीचे है। टीम ने शुरुआती दौर में पाकिस्तान और वेल्स के खिलाफ जीत हासिल की, लेकिन दूसरे चरण में लगातार हार ने पदक की राह बंद कर दी। मुकाबले का एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि भारत ने बेल्जियम जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अंतिम सेकंड तक संघर्ष किया। 3-2 से पीछे रहने के बावजूद टीम ने आखिरी 26 सेकंड में बराबरी हासिल की। अब भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि टूर्नामेंट में सामने आई कमियों को अगले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से पहले किस तरह दूर किया जाता है। खास तौर पर दूसरे दौर में गोल करने के अवसरों को भुनाने और दबाव वाले मुकाबलों में बढ़त बनाए रखने पर ध्यान देना होगा। भारत का विश्व कप अभियान पदक के बिना समाप्त हुआ, लेकिन बेल्जियम के खिलाफ आखिरी मुकाबले ने टीम की संघर्ष क्षमता जरूर दिखाई। अब अगले चक्र में भारतीय हॉकी के सामने लक्ष्य प्रदर्शन में निरंतरता और बड़े टूर्नामेंटों में नॉकआउट चरण तक पहुंचने के बाद उसे जीत में बदलने का होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।