दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन का शिकंजा, 700 रन के करीब पहुंची बढ़त
Mohammad Naved
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2026-09-10 12:47:38
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर निर्णायक बढ़त बना ली है। पहली पारी में 708 रन के जवाब में साउथ जोन 336 रन पर सिमटा। तिलक वर्मा 99 रन पर आउट हुए।
📍 चेन्नई 🗓️ 10 सितंबर 2026 ✍️ Mohd Naved
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन का दबदबा
दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले के 5वें दिन ईस्ट जोन की कुल बढ़त 693 रन तक पहुंच गई। टीम ने पहली पारी में 708 रन बनाए थे और साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर समाप्त हुई थी।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में 372 रन की बढ़त हासिल की। इसके बाद टीम ने दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी जारी रखी और साउथ जोन के सामने चुनौती को और मुश्किल बना दिया। उपलब्ध लाइव अपडेट के मुताबिक लंच तक ईस्ट जोन की बढ़त 693 रन हो चुकी थी।
ईशान किशन की बड़ी पारी ने बनाया अंतर
ईस्ट जोन की पहली पारी की सबसे बड़ी ताकत कप्तान ईशान किशन की 270 रन की शानदार पारी रही। उनके प्रदर्शन की बदौलत टीम ने 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कुमार कुशाग्र ने भी 101 रन की पारी खेलकर अहम योगदान दिया।
ईशान किशन ने दूसरी पारी में भी 80 रन बनाए। उनकी इस पारी के बाद चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक ईस्ट जोन 212 रन पर 5 विकेट था और उसकी कुल बढ़त 584 रन हो चुकी थी।
साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर खत्म
708 रन के जवाब में साउथ जोन की बल्लेबाजी अपेक्षित मजबूती नहीं दिखा सकी। पूरी टीम 336 रन पर आउट हो गई। इससे ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने जरूर संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी की। उन्होंने 211 गेंदों पर 99 रन बनाए और शतक से केवल 1 रन दूर रह गए। देवदत्त पडिक्कल ने 62 रन की पारी खेलकर उनका साथ दिया।
99 रन पर रुकी तिलक वर्मा की पारी
तिलक वर्मा की पारी साउथ जोन के लिए महत्वपूर्ण थी, लेकिन वह शतक पूरा नहीं कर सके। उन्हें कौनैन कुरैशी ने आउट किया। बीसीसीआई के आधिकारिक डिजिटल अपडेट में भी तिलक वर्मा की 99 रन की पारी का उल्लेख किया गया है।
तिलक की पारी ने साउथ जोन की पहली पारी को कुछ स्थिरता दी, लेकिन टीम ईस्ट जोन के विशाल स्कोर से काफी पीछे रही। अंततः 336 रन पर पूरी टीम के आउट होने से ईस्ट जोन को निर्णायक बढ़त मिल गई।
गेंदबाजी में मुकेश कुमार और शमी का असर
ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। मुकेश कुमार ने 3 विकेट लिए। मोहम्मद शमी, कौनैन कुरैशी और शिखर मोहन को 2-2 विकेट मिले।
मोहम्मद शमी के अनुभव ने भी साउथ जोन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। तीसरे दिन उनकी गेंदबाजी ने साउथ जोन की रन गति और साझेदारियों पर असर डाला था।
5वें दिन क्या स्थिति बनी
5वें दिन ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी जारी रखी। उपलब्ध लाइव अपडेट में टीम का स्कोर 321 रन पर 6 विकेट और कुल बढ़त करीब 693 रन बताई गई। इसके बाद लंच तक बढ़त इसी स्तर तक पहुंच गई थी।
ईस्ट जोन के लिए अब सबसे बड़ा सवाल पारी घोषित करने का था। इतनी बड़ी बढ़त के बावजूद टीम ने लंच तक पारी घोषित नहीं की थी। दूसरी ओर साउथ जोन को मैच में वापसी के लिए असाधारण प्रदर्शन की जरूरत थी।
ड्रॉ की स्थिति में भी ईस्ट जोन को फायदा
इस फाइनल की अहम बात घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट का वह नियम है, जिसके तहत दलीप ट्रॉफी के फाइनल में मुकाबला ड्रॉ रहने पर पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। इस मुकाबले में ईस्ट जोन पहले ही 372 रन की पहली पारी की बढ़त हासिल कर चुका है।
इसलिए ईस्ट जोन की मौजूदा स्थिति केवल बड़ी बढ़त तक सीमित नहीं है। उसके पास ड्रॉ की स्थिति में भी खिताब हासिल करने का मजबूत आधार मौजूद है।
फाइनल का आयोजन चेन्नई में
बीसीसीआई ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में स्थानांतरित किया था। फाइनल 6 से 10 सितंबर तक आयोजित किया गया।
ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन कर रहे हैं, जबकि साउथ जोन की कमान तिलक वर्मा के हाथों में है। बीसीसीआई के मुताबिक पिछले सत्र में साउथ जोन उपविजेता रहा था और इस बार तिलक वर्मा ने टीम की कप्तानी संभाली।
अब निगाहें ईस्ट जोन के फैसले पर
फाइनल के अंतिम दिन मुकाबले का रुख काफी हद तक ईस्ट जोन के फैसले पर निर्भर है। टीम के पास पहले से विशाल बढ़त है और साउथ जोन के लिए मैच बचाना कठिन स्थिति बन चुकी है।
ईशान किशन की 270 रन की पारी, पहली पारी में 708 रन का स्कोर और साउथ जोन को 336 रन पर समेटना ईस्ट जोन की बढ़त के प्रमुख आधार रहे। तिलक वर्मा की 99 रन की पारी और देवदत्त पडिक्कल के 62 रन साउथ जोन के लिए सकारात्मक पहलू रहे, लेकिन टीम की पहली पारी का घाटा बहुत बड़ा रहा।
फाइनल के अंतिम चरण में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईस्ट जोन कब पारी घोषित करता है और साउथ जोन को कितने ओवर मिलते हैं। मौजूदा समीकरण में ईस्ट जोन खिताब की मजबूत स्थिति में है, जबकि साउथ जोन के सामने मैच बचाने की कठिन चुनौती है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।