गुरुवार, 13 August 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
Sports

ऑक़िब नबी का India Call-up, ‘मेरा काम विकेट लेना है’

Shah Times 2026-08-13 13:24:25
ऑक़िब नबी का India Call-up, ‘मेरा काम विकेट लेना है’

ऑक़िब नबी का India Call-up, ‘मेरा काम विकेट लेना है’

रणजी के 60 विकेट से टीम इंडिया तक पहुंचे ऑक़िब नबी

लंबे इंतज़ार पर ऑक़िब नबी बोले, ‘बाकी सब ऊपर वाले पर’


ऑक़िब नबी को श्रीलंका के खिलाफ भारत की टेस्ट सीरीज़ के लिए पहला सीनियर Call-up मिला है। रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को पहला खिताब दिलाने वाले नबी चयन के इंतज़ार के दौरान प्रदर्शन पर कायम रहे। जसप्रीत बुमराह की चोट के बाद उनका चयन हुआ और अब उनका टेस्ट डेब्यू करीब है।


गाले, श्रीलंका | 13 अगस्त 2026 | Shah Times

By Mohd Haris


ऑक़िब नबी ने चयन के लंबे इंतज़ार पर क्या कहा

जम्मू-कश्मीर के तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडर ऑक़िब नबी ने टीम इंडिया में चयन के लंबे इंतज़ार को लेकर अपना नज़रिया सामने रखा है। रणजी ट्रॉफी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद जब उन्हें तुरंत सीनियर भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली, तब भी उन्होंने चयन की चिंता के बजाय विकेट लेने और लगातार प्रदर्शन करने पर ध्यान बनाए रखा। यही रवैया आखिरकार उन्हें भारत के टेस्ट स्क्वाड तक ले आया।

नबी ने बीसीसीआई की ओर से जारी वीडियो में कहा कि उन्हें अपने प्रदर्शन के बाद India Call-up की उम्मीद थी, लेकिन खिलाड़ी की जिम्मेदारी मैदान पर प्रदर्शन करना है। उनके मुताबिक अगर चयन आज नहीं होता तो कल हो सकता था, इसलिए उनका ध्यान अपनी गेंदबाज़ी पर रहा।

उनका सीधा संदेश था कि उनका काम विकेट लेना और प्रदर्शन करना है। चयन का फैसला उनके हाथ में नहीं है। यह सोच उनके घरेलू क्रिकेट के सफर में लगातार दिखाई दी और अब उन्हें इसका फल सीनियर भारतीय टीम में जगह के तौर पर मिला है।

रणजी ट्रॉफी में ऑक़िब नबी का शानदार प्रदर्शन

नबी के India Call-up की सबसे बड़ी बुनियाद उनका 2025-26 रणजी ट्रॉफी अभियान रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में 60 विकेट लिए और जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे और Player of the Season चुने गए।

उनका प्रदर्शन केवल ग्रुप स्टेज तक सीमित नहीं रहा। नॉकआउट मुकाबलों में भी नबी ने निर्णायक योगदान दिया। क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल तीनों में उन्होंने पांच विकेट लेने का कारनामा किया। Wisden के आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 10 मैचों में 60 विकेट 12.56 की औसत से लिए और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7/24 रहा।

इंडियन एक्सप्रेस के विश्लेषण के मुताबिक नबी ने 2025-26 सीज़न में 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक खिताबी जीत में केंद्रीय भूमिका निभाई। फाइनल में भी उनका पांच विकेट वाला स्पेल टीम को पहली पारी की बढ़त हासिल करने में अहम रहा।

दो रणजी सीज़न में 104 विकेट

नबी की कहानी केवल एक शानदार रणजी सीज़न तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने लगातार दो रणजी सीज़नों में कुल 104 विकेट लिए। इससे साफ होता है कि उनका India Call-up अचानक आए किसी एक प्रदर्शन का नतीजा नहीं था, बल्कि घरेलू क्रिकेट में लगातार किए गए काम का परिणाम था।

2024-25 रणजी सीज़न में भी नबी ने 44 विकेट हासिल किए थे। अगले सीज़न में उन्होंने इस प्रदर्शन को और आगे बढ़ाया और 60 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ों में अपनी जगह बनाई।

यही निरंतरता उनके चयन की कहानी को महत्वपूर्ण बनाती है। एक तेज़ गेंदबाज़ के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार दो सीज़नों तक विकेट लेना और फिर नॉकआउट मुकाबलों में प्रदर्शन दोहराना चयनकर्ताओं के लिए मजबूत डेटा पेश करता है।

फिर भी भारत का बुलावा तुरंत नहीं आया

रणजी ट्रॉफी में शानदार आंकड़ों के बावजूद नबी को भारत की सीनियर टेस्ट टीम में तुरंत जगह नहीं मिली। मई 2026 में उनके चयन को लेकर सवाल भी उठे थे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने उनके रणजी प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने पर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाया था।

इस पूरे दौर में नबी ने सार्वजनिक तौर पर चयन को लेकर किसी टकराव वाला रुख नहीं अपनाया। उन्होंने अपना ध्यान गेंदबाज़ी पर बनाए रखा। उनका कहना था कि खिलाड़ी का काम प्रदर्शन करना है और चयन का फैसला बाद की प्रक्रिया है।

यहीं उनकी कहानी का अहम पहलू सामने आता है। घरेलू प्रदर्शन और राष्ट्रीय चयन के बीच हमेशा सीधा रिश्ता नहीं होता। टीम की जरूरत, मौजूदा गेंदबाज़ों की उपलब्धता, टीम कॉम्बिनेशन और चोट जैसी परिस्थितियां भी चयन को प्रभावित करती हैं।

जसप्रीत बुमराह की चोट के बाद बदला समीकरण

नबी को भारत के टेस्ट स्क्वाड में जगह तब मिली जब जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ से बाहर हुए। बुमराह की जगह नबी को रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया। ICC ने भी बुमराह की अनुपलब्धता और नबी के India Call-up की पुष्टि की थी।

नबी के लिए यह खबर पूरी तरह अप्रत्याशित थी। उन्होंने बताया कि वह बेंगलुरु में एक कैंप के लिए यात्रा करने वाले थे। एयरपोर्ट पर उन्हें फोन आया और बताया गया कि उन्हें बेंगलुरु नहीं जाना है, बल्कि श्रीलंका जाना है क्योंकि उनका चयन भारतीय टीम में हो गया है। उन्होंने इस पल को अविश्वसनीय और अप्रत्याशित बताया।

इस तरह नबी का इंतज़ार एक अलग रास्ते से खत्म हुआ। उन्हें शुरुआती स्क्वाड में जगह नहीं मिली थी, लेकिन चोट के कारण बनी रिक्ति ने उनके लिए दरवाज़ा खोल दिया।

घरेलू क्रिकेट से IPL और India A तक सफर

नबी की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने की राह केवल रणजी ट्रॉफी तक सीमित नहीं रही। उनके घरेलू प्रदर्शन ने उन्हें IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स का पहला IPL कॉन्ट्रैक्ट भी दिलाया। रिपोर्ट अनुसार उन्होंने IPL में पांच मुकाबले खेले।

इसके बाद उन्हें India A के साथ श्रीलंका दौरे का अनुभव भी मिला। चार दिवसीय दो मुकाबलों में उन्होंने छह विकेट हासिल किए और India A ने सीरीज़ 1-0 से अपने नाम की। यह अनुभव उनके लिए भारतीय क्रिकेट के अगले स्तर की तैयारी का हिस्सा बना।

नबी इससे पहले भारत के अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के दौरान बैक-अप नेट गेंदबाज़ के तौर पर राष्ट्रीय सेटअप में रह चुके थे। हालांकि श्रीलंका सीरीज़ के लिए उनका चयन पहली बार सीनियर टेस्ट स्क्वाड में हुआ है।

टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में पहुंचना क्यों खास है

नबी ने भारतीय ड्रेसिंग रूम के अनुभव को भी खास बताया। उनके लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि जिन खिलाड़ियों को वह लंबे समय तक टीवी पर देखते रहे, अब उन्हीं के साथ ड्रेसिंग रूम और नेट्स साझा करने का मौका मिला।

यह बदलाव उनके करियर के एक बड़े पड़ाव को दिखाता है। कुछ महीने पहले तक वह घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर के लिए विकेट लेने पर ध्यान दे रहे थे। अब वह भारतीय टेस्ट टीम के वातावरण में हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे कठिन प्रारूप में खुद को साबित करने की स्थिति में हैं।

क्या नबी का इंतज़ार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाता है

नबी की कहानी से यह सवाल जरूर उठता है कि क्या घरेलू क्रिकेट में असाधारण प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने के लिए चोट या किसी अन्य रिक्ति का इंतज़ार करना चाहिए। उनके 60 विकेट, Player of the Season का सम्मान और जम्मू-कश्मीर की पहली रणजी ट्रॉफी जीत ने उन्हें मजबूत दावेदार बनाया था।

लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर यह कहना भी सही नहीं होगा कि उनका शुरुआती चयन न होना किसी निश्चित चयनात्मक गलती का प्रमाण है। टेस्ट टीम का कॉम्बिनेशन, पहले से मौजूद तेज़ गेंदबाज़ और टीम की जरूरतें चयन का हिस्सा होती हैं।

इसलिए नबी का मामला चयन प्रक्रिया पर एक व्यापक बहस जरूर शुरू करता है, लेकिन इससे अकेले चयनकर्ताओं के फैसले को गलत ठहराना निष्पक्ष निष्कर्ष नहीं होगा।

श्रीलंका सीरीज़ में अब क्या होगा

भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू होगी। नबी के लिए सबसे बड़ा सवाल अब चयन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का है।

उनका India Call-up हो चुका है। अब घरेलू क्रिकेट के आंकड़ों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बदलने की चुनौती सामने है। टेस्ट क्रिकेट में गेंद की लंबाई, बल्लेबाज़ों की तकनीक, परिस्थितियों और लंबे स्पेल की मांग अलग होती है।

नबी के लिए फिलहाल सबसे व्यावहारिक रास्ता वही है जिसे उन्होंने खुद बताया है, गेंदबाज़ी पर ध्यान देना और विकेट लेने की कोशिश करना। उनका चयन एक मौके के रूप में आया है, लेकिन टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए उन्हें मैदान पर प्रदर्शन करना होगा।

ऑक़िब नबी की कहानी का बड़ा सबक

नबी का सफर यह दिखाता है कि घरेलू क्रिकेट में निरंतरता राष्ट्रीय चयन की बुनियाद बन सकती है, लेकिन चयन का समय हमेशा खिलाड़ी के नियंत्रण में नहीं होता। उन्होंने दो रणजी सीज़नों में 104 विकेट लिए, जम्मू-कश्मीर को पहली रणजी ट्रॉफी जिताने में मदद की और फिर IPL तथा India A के रास्ते सीनियर टीम तक पहुंचे।

उनका लंबा इंतज़ार अब खत्म हो चुका है। लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में उन्हें मौका मिलता है या नहीं, यह टीम कॉम्बिनेशन पर निर्भर करेगा। अगर मौका मिलता है, तो उनकी घरेलू कामयाबी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराना उनके करियर का अगला बड़ा पड़ाव होगा।

ऑक़िब नबी का अपना नज़रिया इस पूरे सफर का सबसे साफ सार देता है। चयन की चिंता से ज्यादा जरूरी है प्रदर्शन। विकेट लेना उनके हाथ में है, चयन का फैसला नहीं। इसी सोच ने उन्हें लंबे इंतज़ार के बीच लगातार आगे बढ़ाया और आखिरकार टीम इंडिया के दरवाज़े तक पहुंचाया।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Shah Times

Shah Times

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर