बुधवार, 09 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
Sports

एमएस धोनी के 100 करोड़ मानहानि केस में नया मोड़, गवाही की प्रक्रिया पर उठे सवाल

Wasi Siddiqui 2026-09-09 16:03:25
एमएस धोनी के 100 करोड़ मानहानि केस में नया मोड़, गवाही की प्रक्रिया पर उठे सवाल

एमएस धोनी के 100 करोड़ रुपये के मानहानि केस में पूर्व आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार ने गवाही की रिकॉर्डिंग पर निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग समेत कई मांगें रखीं। हाईकोर्ट ने अर्जियों को नंबर करने का निर्देश दिया।

📍 चेन्नई
🗓️ 09 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui

एमएस धोनी के 100 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार ने मद्रास हाईकोर्ट के सामने धोनी की गवाही रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया को लेकर कई मांगें रखी हैं। अदालत ने 1 सितंबर 2026 को उनकी 3 अर्जियों को नंबर करने का निर्देश दिया, जिसके बाद इन मांगों पर आगे सुनवाई का रास्ता खुला है।

अहम बात यह है कि उपलब्ध अदालती घटनाक्रम को सीधे तौर पर धोनी को “वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा” या फाइव-स्टार होटल में गवाही पर अंतिम रोक के रूप में पेश करना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल मामला गवाही रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया और स्थान से जुड़ी अर्जियों की सुनवाई के चरण में है।

गवाही रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया पर सवाल

पूर्व आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार ने मद्रास हाईकोर्ट में 3 अलग-अलग अर्जियां दाखिल की हैं। इनमें एक मांग गवाही की रिकॉर्डिंग की निगरानी के लिए न्यायिक अधिकारी नियुक्त करने से संबंधित है।

दूसरी मांग पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर है। कुमार ने वीडियो रिकॉर्डिंग की बिना संपादन वाली और प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। तीसरी अहम मांग यह है कि धोनी की गवाही किसी निजी स्थान के बजाय अदालत परिसर या सरकारी भवन में रिकॉर्ड की जाए।

हाईकोर्ट ने क्या कहा

1 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति के. गोविंदराजन तिलकावती के सामने ये अर्जियां मेंटेनबिलिटी के सवाल पर रखी गई थीं। कुमार के वकील ने एक समान मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अर्जियों को सुनवाई योग्य बताया।

अदालत ने उस आदेश पर विचार करने के बाद रजिस्ट्री को अर्जियों को नंबर करने का निर्देश दिया। इसका अर्थ यह है कि अर्जियों को आगे की न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया गया है। यह अपने आप में कुमार की सभी मांगों को अंतिम रूप से मंजूर करने वाला फैसला नहीं है।

धोनी को जवाब देने का मौका

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्जियां नंबर होने के बाद एमएस धोनी को अपना काउंटर दाखिल करने का अवसर मिलेगा। इसलिए गवाही के अंतिम स्थान या पूरी प्रक्रिया को लेकर अंतिम स्थिति आगे की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।

100 करोड़ रुपये का मामला क्या है

यह विवाद 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग विवाद से जुड़ा है। एमएस धोनी ने 2014 में जी. संपत कुमार, जी मीडिया कॉरपोरेशन, सुधीर चौधरी और न्यूज नेशन नेटवर्क समेत अन्य पक्षों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

धोनी ने मुकदमे में 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी। उनका आरोप था कि उनके नाम को सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग से जोड़ने वाली सामग्री से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। मामले में स्थायी निषेधाज्ञा की मांग भी की गई थी।

संपत कुमार का पक्ष क्या है

संपत कुमार इस मामले में आरोपी पक्षों में शामिल हैं। उनका पक्ष यह रहा है कि उन्होंने संबंधित घटनाक्रम में एक पुलिस अधिकारी के तौर पर अपनी आधिकारिक भूमिका निभाई थी। उन्होंने पहले भी मुकदमे की कार्यवाही को चुनौती दी थी।

मद्रास हाईकोर्ट ने 2021 में उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने धोनी के मानहानि मुकदमे की कार्यवाही को समाप्त करने की मांग की थी। अदालत ने माना था कि उनके बचाव से जुड़े तर्क मुकदमे की सुनवाई के दौरान उठाए जा सकते हैं।

ट्रायल की दिशा पहले ही तय हो चुकी है

अगस्त 2025 में मद्रास हाईकोर्ट ने इस पुराने मुकदमे में ट्रायल शुरू करने का निर्देश दिया था। अदालत ने धोनी की गवाही रिकॉर्ड करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति भी की थी।

अदालत के सामने यह तर्क रखा गया था कि धोनी की अदालत में व्यक्तिगत मौजूदगी से सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ी कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। इसी संदर्भ में उनकी गवाही को एडवोकेट कमिश्नर के माध्यम से रिकॉर्ड करने की व्यवस्था की गई।

2025 में अपील भी खारिज हुई थी

संपत कुमार ने एडवोकेट कमिश्नर के जरिए धोनी की गवाही रिकॉर्ड करने के फैसले को भी चुनौती दी थी। मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नवंबर 2025 में उनकी अपील खारिज कर दी थी।

अदालत ने सुरक्षा संबंधी पहलू को ध्यान में रखते हुए माना था कि धोनी को हाईकोर्ट परिसर में मास्टर कोर्ट के सामने पेश होने के लिए मजबूर करने से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है। इसी वजह से गवाही रिकॉर्ड करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था में अदालत को कोई गंभीर खामी नहीं दिखी।

क्या फाइव-स्टार होटल में गवाही पर रोक लग चुकी है

यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार संपत कुमार की ओर से यह मांग रखी गई है कि धोनी की गवाही किसी फाइव-स्टार होटल या निजी बंगले में रिकॉर्ड न हो। उनका तर्क है कि गवाही की प्रक्रिया कोर्ट परिसर या सरकारी भवन में होनी चाहिए।

लेकिन 1 सितंबर के आदेश को अंतिम रूप से होटल में गवाही पर रोक का आदेश बताना सही नहीं होगा। अदालत ने फिलहाल इन अर्जियों को नंबर करने का निर्देश दिया है। आगे धोनी का जवाब और अदालत की सुनवाई इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी।

वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग क्यों अहम है

कुमार ने पूरी गवाही प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग और उसके बिना संपादन वाले प्रमाणित रिकॉर्ड की मांग की है। ऐसी मांग का सीधा संबंध कार्यवाही के दस्तावेजी रिकॉर्ड और पारदर्शिता से है।

हालांकि अंतिम तौर पर अदालत किस तरीके से गवाही रिकॉर्ड कराएगी, यह आगे के आदेशों पर निर्भर करेगा। अभी उपलब्ध जानकारी से किसी पक्ष के पक्ष में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

इससे पहले 10 लाख रुपये का आदेश भी आया था

फरवरी 2026 में इसी मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने धोनी को पुराने सीडी रिकॉर्ड की ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद प्रक्रिया के लिए 10 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

इन सीडी में हिंदी समाचार क्लिप और टेलीविजन बहसों से जुड़ी सामग्री थी। अदालत ने माना था कि सामग्री का अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन काफी समय लेने वाला काम है। यह रकम दंड के तौर पर नहीं, बल्कि अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन की लागत के तौर पर तय की गई थी।

मामले में आगे क्या होगा

अब मुख्य फोकस संपत कुमार की 3 अर्जियों पर होने वाली सुनवाई पर रहेगा। धोनी को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद अदालत तय करेगी कि गवाही की रिकॉर्डिंग में न्यायिक अधिकारी की निगरानी, वीडियो रिकॉर्डिंग, प्रमाणित प्रतियां और स्थान से संबंधित मांगों पर क्या आदेश दिया जाए।

इसलिए मौजूदा स्थिति को अंतिम फैसला मानना सही नहीं होगा। 100 करोड़ रुपये का मूल मानहानि मुकदमा भी अभी अपने निर्णायक चरण तक नहीं पहुंचा है।

कानूनी विवाद का व्यापक संदर्भ

यह मामला एक दशक से अधिक समय से अदालत में लंबित है। इसकी अहमियत केवल क्रिकेट से जुड़ी लोकप्रियता तक सीमित नहीं है। इसमें सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिष्ठा, मीडिया रिपोर्टिंग, पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयानों और मानहानि कानून से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।

मुकदमे में अदालत को यह भी देखना है कि संबंधित समाचार सामग्री किस आधार पर प्रकाशित या प्रसारित हुई थी और क्या उससे धोनी की प्रतिष्ठा को कानूनन क्षति पहुंची। ट्रायल के दौरान दोनों पक्षों को अपने-अपने दस्तावेज और दलीलें रखने का अवसर मिलेगा।


एमएस धोनी के 100 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में फिलहाल सबसे बड़ा घटनाक्रम गवाही रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया को लेकर सामने आया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार ने प्रक्रिया की निगरानी, पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग और कोर्ट या सरकारी परिसर में गवाही रिकॉर्ड करने जैसी मांगें रखी हैं।

मद्रास हाईकोर्ट ने 1 सितंबर 2026 को इन अर्जियों को नंबर करने का निर्देश दिया है। अब धोनी का जवाब और आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। इसलिए इस समय सबसे सटीक निष्कर्ष यही है कि मामले में गवाही की प्रक्रिया को लेकर नया कानूनी विवाद शुरू हुआ है, जबकि 100 करोड़ रुपये के मूल मानहानि दावे पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Wasi Siddiqui

Wasi Siddiqui

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

IPL क्रिकेटर Abishek Porel गिरफ्तार, रेप और धमकी के आरोपों की पुलिस जांच तेज

2026-08-11 15:30:13

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु गौवध आदेश पर लगाई रोक, कानूनी बहस तेज

2026-07-13 11:10:41

रोहित-विराट के भारत दौरे पर न्यूजीलैंड में टिकटों की बंपर बिक्री, 50,000 से ज्यादा टिकट बिके

2026-09-09 15:40:56

ईशान किशन का दलीप ट्रॉफी फाइनल में ऐतिहासिक दोहरा शतक, 250 रन पर रिटायर्ड हर्ट

2026-09-07 15:52:35

लॉर्ड्स टेस्ट की इंजरी पर इमाम-उल-हक की PCB जांच, 2 साल तक बैन की चर्चा; रिज़वान भी टीम से बाहर

2026-09-03 12:26:52

दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में शमी-मुकेश का कहर, ईस्ट जोन को फाइनल के लिए 159 रन का लक्ष्य

2026-09-01 14:47:19

दीप्ति शर्मा ने थाईलैंड के खिलाफ सिर्फ 7 गेंदों में 3 विकेट लेकर इतिहास रचा

2026-08-31 16:13:06

आईपीएल के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर फिर मंथन, बीसीसीआई ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों से मांगी राय

2026-08-31 12:00:32

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर