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लॉर्ड्स टेस्ट की इंजरी पर इमाम-उल-हक की PCB जांच, 2 साल तक बैन की चर्चा; रिज़वान भी टीम से बाहर
Mohammad Naved
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2026-09-03 12:26:52
लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम-उल-हक की पिंडली की चोट पर PCB ने जांच शुरू की है। इमाम दोनों पारियों में नहीं खेले। रिज़वान समेत 7 खिलाड़ियों को स्क्वाड से रिलीज़ किया गया।
📍 लंदन
🗓️ 3 सितंबर 2026
✍️ बाय Mohd Naved
लॉर्ड्स टेस्ट की चोट ने बढ़ाई मुश्किलें, इमाम-उल-हक PCB जांच के घेरे में
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के इंग्लैंड दौरे में मैदान के प्रदर्शन के साथ अब टीम के अंदरूनी फैसले भी चर्चा में हैं। लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम-उल-हक की पिंडली की चोट को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जांच का फैसला किया है। यह मामला इसलिए अहम हो गया है क्योंकि चोट के बाद इमाम ने मैच की दोनों पारियों में बल्लेबाज़ी नहीं की थी।
PCB के आधिकारिक बयान के मुताबिक इमाम को 27 अगस्त को लॉर्ड्स में शुरू हुए दूसरे टेस्ट के पहले दिन फील्डिंग के दौरान बाईं पिंडली की मांसपेशी में चोट लगी थी। स्कैन में लो-ग्रेड कैल्फ स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी और टीम की मेडिकल यूनिट उनकी निगरानी कर रही थी।
अब इसी चोट की परिस्थितियों की जांच किए जाने की खबर सामने आई है। इस जांच का मकसद चोट की वास्तविक स्थिति और उससे जुड़े फैसलों की समीक्षा करना है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, इमाम पर लगाए जा रहे आरोपों को स्थापित तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
लॉर्ड्स में क्या हुआ था
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरा टेस्ट 27 से 31 अगस्त तक लॉर्ड्स में खेला गया। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी। मैच के पहले दिन इमाम फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए।
PCB ने 28 अगस्त को बताया था कि इमाम की बाईं पिंडली में स्ट्रेन है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनके आगे खेलने का फैसला इलाज और रिकवरी पर निर्भर करेगा।
इमाम इसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी में मैदान पर नहीं उतरे। दोनों पारियों में उनकी अनुपस्थिति ने टीम के बल्लेबाज़ी संयोजन को प्रभावित किया।
पाकिस्तान दूसरी पारी में 389 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 194 रन पर ऑलआउट हो गया और इंग्लैंड ने 194 रन से मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 3 मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
चोट पर क्यों उठे सवाल
इमाम की चोट पर सवाल केवल इसलिए नहीं उठे कि वह बल्लेबाज़ी के लिए उपलब्ध नहीं हुए। मामले को तूल तब मिला जब पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े कुछ पूर्व अधिकारियों और विश्लेषकों ने उनकी पिछली इंजरी से जुड़े विवादों का हवाला देना शुरू किया।
पूर्व पाकिस्तानी मुख्य चयनकर्ता मोहम्मद वसीम ने इमाम की चोटों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बयानों के मुताबिक पहले भी इमाम की चोटों की प्रकृति पर सवाल उठ चुके हैं। हालांकि ये आरोप उनके व्यक्तिगत दावे हैं और इन्हें मौजूदा लॉर्ड्स इंजरी की पुष्टि के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
सबसे अहम तथ्य यह है कि PCB ने खुद लॉर्ड्स की चोट को स्कैन से प्रमाणित लो-ग्रेड कैल्फ स्ट्रेन बताया था। इसलिए मौजूदा विवाद में मेडिकल रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
2025 के पुराने विवाद की वापसी
मौजूदा मामले के साथ इमाम से जुड़ा 2025 का एक पुराना इंजरी विवाद भी फिर चर्चा में आया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक न्यूजीलैंड दौरे के दौरान पैर के अंगूठे की चोट को लेकर PCB की एक जांच समिति ने इमाम के मेडिकल दावे पर सवाल उठाए थे। कुछ रिपोर्टों में समिति की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश किए जाने का दावा किया गया है।
हालांकि उस मामले में इमाम पर कोई अंतिम प्रतिबंध लागू नहीं हुआ और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते रहे। इसलिए पुराने मामले को मौजूदा चोट के खिलाफ निर्णायक सबूत मानना पत्रकारिता की दृष्टि से सही नहीं होगा।
मौजूदा जांच इसी वजह से संवेदनशील है। बोर्ड को यह स्पष्ट करना होगा कि लॉर्ड्स की चोट मेडिकल तौर पर कितनी गंभीर थी और टीम प्रबंधन ने उपलब्ध मेडिकल जानकारी के आधार पर कौन से फैसले लिए।
PCB ने 7 खिलाड़ियों को किया रिलीज़
लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद PCB ने टेस्ट स्क्वाड में बड़ा फेरबदल किया। बोर्ड ने 31 अगस्त को 7 खिलाड़ियों को टीम से रिलीज़ करने की पुष्टि की।
इन खिलाड़ियों में इमाम-उल-हक, मोहम्मद रिज़वान, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मोहम्मद अवैस ज़फर और खुर्रम शहज़ाद शामिल हैं।
बोर्ड ने इनकी जगह 7 खिलाड़ियों को शामिल किया। इनमें साइम अयूब और अब्दुल्लाह फ़ज़ल जैसे अनुभवी टेस्ट बल्लेबाज़ भी हैं, जबकि कुछ खिलाड़ियों को पहली बार टेस्ट स्तर पर मौका मिला है।
इस फेरबदल के साथ कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया है। सरफ़राज़ अहमद और उमर गुल को रिलीज़ किया गया और माइक हेसन तथा एश्ले नॉफ्के को बैकरूम स्टाफ में शामिल किया गया।
रिज़वान का मामला अलग है
इमाम की इंजरी जांच और मोहम्मद रिज़वान का स्क्वाड से बाहर होना एक ही घटनाक्रम का हिस्सा जरूर है, लेकिन दोनों मामलों को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए।
PCB की आधिकारिक सूची में रिज़वान उन 7 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें लॉर्ड्स टेस्ट के बाद टेस्ट स्क्वाड से रिलीज़ किया गया। बोर्ड की घोषणा में रिज़वान के खिलाफ इंजरी से जुड़ी किसी जांच का उल्लेख नहीं किया गया है।
इसलिए रिज़वान के मामले में किसी कथित अनुशासनात्मक कार्रवाई या भविष्य के प्रतिबंध को तब तक स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए जब तक PCB की तरफ से औपचारिक जानकारी सामने न आए।
पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट
लॉर्ड्स की हार पाकिस्तान के लिए केवल सीरीज़ हार नहीं थी। पहले टेस्ट में पाकिस्तान पारी और 103 रन से हारा था। दूसरे टेस्ट में उसे 194 रन से शिकस्त मिली। इस तरह इंग्लैंड ने 3 मैचों की सीरीज़ में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली।
दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी एक बार फिर दबाव में रही। चौथी पारी में 389 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 194 रन पर सिमट गई। सऊद शकील ने 97 रन बनाकर सबसे ज्यादा प्रतिरोध दिखाया, लेकिन उन्हें पर्याप्त साझेदारी नहीं मिली।
इमाम की गैरमौजूदगी ने ओपनिंग संयोजन पर भी असर डाला। हालांकि हार की पूरी जिम्मेदारी एक खिलाड़ी की अनुपस्थिति पर डालना सही नहीं होगा। पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन जरूरी है।
जांच में क्या देखा जाएगा
PCB की जांच का सबसे अहम हिस्सा मेडिकल रिकॉर्ड होगा। इसमें चोट के समय की जानकारी, स्कैन रिपोर्ट, मेडिकल टीम की राय और मैच के दौरान इमाम की उपलब्धता से जुड़े रिकॉर्ड अहम हो सकते हैं।
बोर्ड को यह भी देखना होगा कि खिलाड़ी की चोट के बाद टीम प्रबंधन ने कौन से प्रोटोकॉल अपनाए। यदि मेडिकल टीम ने खिलाड़ी को बल्लेबाज़ी के लिए अनुपयुक्त माना था, तो उसी आधार पर निर्णय लिया गया होगा।
दूसरी तरफ यदि जांच में मेडिकल रिकॉर्ड और खिलाड़ी के व्यवहार के बीच कोई गंभीर विसंगति सामने आती है, तो बोर्ड उस पर अलग अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर सकता है।
लेकिन फिलहाल ऐसी कार्रवाई को अंतिम परिणाम मानना जल्दबाज़ी होगी।
2 साल के बैन की चर्चा कितनी पुख्ता है
कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों में इमाम के खिलाफ 1 से 2 साल तक के प्रतिबंध की संभावना का उल्लेख किया गया है। जियो की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से संभावित प्रतिबंध की बात कही गई है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह अभी संभावित कार्रवाई की रिपोर्ट है, PCB का अंतिम फैसला नहीं।
जब तक जांच पूरी नहीं होती और बोर्ड औपचारिक अनुशासनात्मक आदेश जारी नहीं करता, 2 साल के बैन को तय सज़ा के रूप में प्रकाशित करना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।
यही वजह है कि मौजूदा स्थिति में सबसे सटीक निष्कर्ष यही है कि इमाम जांच के दायरे में हैं और उनके खिलाफ किसी अंतिम सज़ा की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान में बदलाव
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एडबस्टन मैदान पर खेला जाना है। PCB ने दूसरे टेस्ट के बाद नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है।
सीरीज़ पहले ही इंग्लैंड के पक्ष में 2-0 हो चुकी है। पाकिस्तान के लिए तीसरा टेस्ट अब प्रतिष्ठा बचाने और टीम के नए संयोजन को परखने का मौका होगा।
बोर्ड के लिए यह दौर दो मोर्चों पर चुनौतीपूर्ण है। एक तरफ टीम के खराब प्रदर्शन की समीक्षा करनी होगी, दूसरी तरफ इमाम की इंजरी जैसे विवाद में पारदर्शिता बनाए रखनी होगी।
आगे क्या होगा
इमाम के मामले में अगला अहम पड़ाव PCB की जांच का निष्कर्ष होगा। यदि बोर्ड को मेडिकल रिकॉर्ड और चोट के दावे में कोई समस्या नहीं मिलती, तो विवाद का एक बड़ा हिस्सा समाप्त हो सकता है।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो PCB अपनी अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर सकता है। लेकिन ऐसी स्थिति में भी फैसला आधिकारिक जांच और उपलब्ध सबूतों पर आधारित होना चाहिए।
पाकिस्तान क्रिकेट के लिए मौजूदा घटनाक्रम एक व्यापक प्रशासनिक सवाल भी उठाता है। खिलाड़ी की फिटनेस, मेडिकल रिपोर्ट और चयन प्रक्रिया में स्पष्टता जितनी ज्यादा होगी, उतना ही टीम के फैसलों पर भरोसा मजबूत होगा।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि इमाम-उल-हक की लॉर्ड्स वाली पिंडली की चोट PCB की जांच के घेरे में है। बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर उनकी चोट को लो-ग्रेड कैल्फ स्ट्रेन बताया था। अब जांच यह स्पष्ट करेगी कि चोट और उसके बाद लिए गए फैसलों के बारे में उठे सवालों में कितना तथ्य है।
Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।