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IPL क्रिकेटर Abishek Porel गिरफ्तार, रेप और धमकी के आरोपों की पुलिस जांच तेज

Shah Times 2026-08-11 15:30:13
IPL क्रिकेटर Abishek Porel गिरफ्तार, रेप और धमकी के आरोपों की पुलिस जांच तेज

IPL क्रिकेटर Abishek Porel गिरफ्तार, रेप और धमकी के आरोप

Delhi Capitals के Abishek Porel गिरफ्तार, मेडिकल छात्रा की शिकायत पर कार्रवाई

रेप केस में IPL क्रिकेटर गिरफ्तार, हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस एक्शन


Delhi Capitals और Bengal के विकेटकीपर-बल्लेबाज Abishek Porel को 11 अगस्त 2026 को एक आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया। मामला एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें उसने Porel पर शादी का वादा करके यौन संबंध बनाने, assault और criminal intimidation समेत गंभीर आरोप लगाए। Calcutta High Court ने जुलाई में पुलिस को Porel को गिरफ्तार करने और उनके electronic devices जब्त करने का निर्देश दिया था। Porel ने आरोपों को गलत बताया था। मामले की जांच जारी है और गिरफ्तारी को दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। 


हुगली, पश्चिम बंगाल | 11 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स 

By Mohd Haris


Abishek Porel गिरफ्तार

IPL में Delhi Capitals के लिए खेलने वाले Bengal के विकेटकीपर-बल्लेबाज Abishek Porel को पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी एक मेडिकल छात्रा की शिकायत से जुड़े आपराधिक मामले में हुई है। पुलिस के मुताबिक Porel को Dum Dum पुलिस स्टेशन क्षेत्र के Emami City से गिरफ्तार किया गया। 

मामले में रेप, criminal intimidation और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

Porel पहले इन आरोपों को गलत बता चुके हैं। इसलिए मौजूदा स्थिति को “आरोप और गिरफ्तारी” के रूप में रिपोर्ट करना जरूरी है, न कि दोषसिद्धि के रूप में। 

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए

मेडिकल छात्रा ने आरोप लगाया कि वह और Porel करीब तीन साल से relationship में थे। शिकायत के मुताबिक Porel ने शादी का वादा किया और इसी आधार पर दोनों के बीच physical relationship बना। बाद में दोनों के बीच मतभेद हुए और Porel पर दूरी बनाने का आरोप लगाया गया। 

शिकायत में assault और criminal intimidation के भी आरोप लगाए गए हैं।

मामला Mogra Police Station में दर्ज हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक FIR जून 2026 में दर्ज की गई थी। 

यहां यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि complaint में लगाए गए आरोप investigation का subject हैं। केवल FIR या गिरफ्तारी से किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं होता।

Porel ने आरोपों को बताया था गलत

मामला सामने आने के बाद Abishek Porel ने आरोपों को deny किया था। जुलाई की NDTV रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आरोपों को false बताया और कहा था कि उस समय पुलिस ने उनसे संपर्क नहीं किया था। 

यह उनका शुरुआती सार्वजनिक पक्ष था।

अब गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां शिकायत में लगाए गए आरोपों, digital evidence और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेंगी।

अदालत में आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि prosecution के पास क्या evidence है और defense उसका किस तरह जवाब देता है।

Calcutta High Court ने क्यों दिया था गिरफ्तारी का आदेश

मामले में बड़ा कानूनी मोड़ जुलाई 2026 में आया।

Calcutta High Court ने पुलिस को Porel और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने electronic devices जब्त करने को भी कहा था। 

अदालत की चिंता digital material से जुड़ी थी। शिकायतकर्ता की ओर से यह आशंका जताई गई थी कि private photographs और videos को circulate किया जा सकता है।

इसी संदर्भ में court ने devices को secure करने और कथित objectionable material के आगे प्रसार को रोकने की जरूरत पर जोर दिया। 

Electronic devices क्यों अहम हैं

इस केस में digital evidence महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

High Court के सामने यह मुद्दा आया था कि आरोपियों के पास मौजूद mobile phones और दूसरे electronic devices को जांच के लिए सुरक्षित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने police को devices seize करने का निर्देश दिया था। 

ऐसे मामलों में investigators messages, call records, photographs, videos और दूसरे digital records की जांच करते हैं।

लेकिन किसी भी digital material की authenticity और context को कानूनी प्रक्रिया में साबित करना जरूरी होता है।

किसी screenshot या private message को अपने आप निर्णायक evidence नहीं माना जा सकता। उसकी source, integrity और chain of custody भी महत्वपूर्ण होती है।

मामला किस थाने में दर्ज हुआ

मामला West Bengal के Hooghly district के Mogra Police Station में दर्ज हुआ था।

रिपोर्टों के अनुसार FIR नंबर 346 of 2026 है। मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत कई गंभीर और non-bailable offences लगाए गए हैं। 

मामले में Information Technology Act से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख रिपोर्टों में हुआ है, खासकर alleged digital material के संदर्भ में। 

सटीक धाराओं और उनके अंतिम judicial interpretation को अदालत की proceedings के आधार पर ही तय किया जाना चाहिए।

14 जुलाई के कोर्ट आदेश से क्या बदला

Justice Saugata Bhattacharyya ने 14 जुलाई 2026 के आदेश में police को आरोपियों को trace और apprehend करने की कोशिश जारी रखने को कहा था।

अदालत ने electronic devices जब्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था ताकि शिकायतकर्ता से जुड़ी sensitive सामग्री के आगे प्रसार को रोका जा सके। 

इसके बाद 20 जुलाई को इस आदेश की व्यापक रिपोर्टिंग हुई और Porel की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कार्रवाई तेज हुई।

अब 11 अगस्त को गिरफ्तारी हो चुकी है।

शिकायतकर्ता कौन है

मामले में शिकायतकर्ता एक medical student है।

उसकी पहचान सार्वजनिक करना उचित नहीं है। Sexual offence से जुड़े मामलों में पीड़िता या शिकायतकर्ता की पहचान की सुरक्षा भारतीय कानून और responsible journalism दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

इसी वजह से इस रिपोर्ट में उसके नाम, निजी पते, medical institution या ऐसी पहचान योग्य जानकारी को शामिल नहीं किया गया है।

Porel का क्रिकेट करियर

Abishek Porel Bengal के प्रमुख युवा विकेटकीपर-बल्लेबाजों में रहे हैं। वह left-handed batter हैं और Indian cricket के A-team setup में भी दिखाई दे चुके हैं। 

IPL में वह Delhi Capitals के साथ जुड़े हुए हैं और 2023 से franchise का हिस्सा रहे हैं। 

उनकी क्रिकेट पहचान के कारण इस मामले ने sports और legal दोनों क्षेत्रों में ध्यान खींचा है।

लेकिन किसी खिलाड़ी की professional reputation और उसके खिलाफ चल रही criminal investigation को अलग-अलग रखना जरूरी है।

गिरफ्तारी का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं

यह इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु है।

गिरफ्तारी का अर्थ यह नहीं है कि Porel को अदालत ने दोषी करार दिया है।

Police arrest investigation और custody की प्रक्रिया का हिस्सा है। अंतिम criminal liability अदालत evidence की समीक्षा के बाद तय करेगी।

इसलिए फिलहाल “आरोपी क्रिकेटर” या “आरोपों में गिरफ्तार” जैसी भाषा अधिक सटीक है।

शादी के वादे से जुड़े आरोपों की कानूनी जटिलता

मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि physical relationship शादी के वादे के आधार पर बना था।

ऐसे मामलों में अदालत को केवल यह नहीं देखना होता कि शादी नहीं हुई। कानूनी सवाल यह भी होता है कि कथित promise के समय आरोपी की वास्तविक intention क्या थी और relationship किन परिस्थितियों में बना।

इसलिए “शादी नहीं हुई, इसलिए रेप” जैसी सीधी व्याख्या कानूनी रूप से अधूरी होगी।

मामले के तथ्य, दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध evidence के आधार पर अदालत को आरोपों की प्रकृति तय करनी होगी।

Criminal intimidation का आरोप

शिकायत में criminal intimidation के आरोप भी लगाए गए हैं।

रिपोर्टों में private photographs और videos के कथित circulation की धमकी का उल्लेख आया है। High Court ने भी electronic devices को सुरक्षित करने के निर्देश इसी संदर्भ में दिए थे। 

अगर investigators को digital evidence मिलता है, तो उसका forensic examination मामले की दिशा तय कर सकता है।

लेकिन अभी किसी specific threat या digital material को अदालत द्वारा सत्यापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

अब पुलिस जांच में क्या होगा

गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण evidence collection और interrogation से जुड़ा होगा।

Police complaint में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध records की जांच करेगी।

Electronic devices की forensic examination भी महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि High Court पहले ही devices की seizure पर निर्देश दे चुका है।

साथ ही complainant और दूसरे relevant witnesses के बयान भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।

हाई कोर्ट की भूमिका क्या थी

High Court ने इस चरण में यह तय नहीं किया कि Porel दोषी हैं या नहीं।

अदालत का जुलाई का आदेश मुख्य रूप से police investigation और accused को apprehend करने से जुड़ा था। साथ ही sensitive digital material को secure करने के लिए devices seize करने का निर्देश दिया गया था। 

Criminal trial में guilt या innocence का अंतिम फैसला अलग judicial process में होगा।

यह distinction खबर की credibility के लिए अहम है।

Delhi Capitals पर क्या असर

Abishek Porel Delhi Capitals के IPL setup का हिस्सा रहे हैं।

गिरफ्तारी के बाद franchise और cricket authorities की ओर से आगे क्या disciplinary या administrative कदम उठाए जाते हैं, यह अलग सवाल है।

Criminal case और sports disciplinary process अलग legal frameworks के तहत चल सकते हैं।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टिंग में किसी final cricketing sanction की पुष्टि नहीं हुई है।

Bengal क्रिकेट पर भी असर

Porel Bengal cricket से भी जुड़े हैं।

एक युवा खिलाड़ी के खिलाफ गंभीर criminal allegations का असर उसकी professional career पर पड़ सकता है, लेकिन इसका अंतिम आकलन legal proceedings के आगे बढ़ने के बाद ही किया जा सकता है।

Cricket authorities के लिए भी चुनौती यही होगी कि disciplinary action और due process के बीच संतुलन बना रहे।

Privacy और media responsibility

इस मामले में privacy का पहलू विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

High Court ने electronic devices की seizure का निर्देश शिकायतकर्ता की private material के कथित circulation को रोकने के संदर्भ में दिया था।

News organisations को ऐसे मामलों में alleged intimate material प्रकाशित या embed नहीं करना चाहिए।

पीड़िता की पहचान, private photographs और sexually explicit सामग्री का प्रसार रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि अतिरिक्त harm पैदा कर सकता है।

Social media पर सावधानी क्यों जरूरी

Porel से जुड़े मामले पर social media पर पहले से speculation दिखाई दे रही है।

ऐसे मामलों में social media posts को evidence मानना उचित नहीं है।

किसी व्यक्ति को “rapist” घोषित करना, private material share करना या complainant की पहचान उजागर करना कानूनी और नैतिक दोनों स्तरों पर गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।

फिलहाल verified facts इतने हैं कि complaint दर्ज हुई, High Court ने arrest और device seizure के निर्देश दिए और 11 अगस्त को police ने Porel को गिरफ्तार किया। 

आगे की कानूनी प्रक्रिया

अब अदालत के सामने custody, investigation और आगे की judicial proceedings के सवाल होंगे।

Prosecution को आरोपों के समर्थन में admissible evidence पेश करना होगा।

Defense को उन आरोपों और evidence को challenge करने का पूरा अधिकार रहेगा।

अंतिम फैसला judicial process के बाद ही आएगा।

क्रिकेट और कानून के बीच बड़ा सवाल

यह मामला फिर दिखाता है कि public figures के खिलाफ criminal allegations सामने आने पर media coverage में balance कितना जरूरी है।

एक तरफ शिकायतकर्ता के आरोपों को गंभीरता से लेना जरूरी है।

दूसरी तरफ आरोपी को conviction से पहले दोषी घोषित करना भी उचित नहीं है।

दोनों principles साथ-साथ चलते हैं। इसी वजह से Shah Times की रिपोर्टिंग में allegation, investigation, arrest और conviction को अलग-अलग legal stages के रूप में रखा जाना चाहिए।

निष्कर्ष

Delhi Capitals के क्रिकेटर और Bengal के विकेटकीपर-बल्लेबाज Abishek Porel को 11 अगस्त 2026 को पुलिस ने एक criminal case में गिरफ्तार किया। मामला एक medical student की शिकायत पर आधारित है, जिसमें rape, criminal intimidation और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। 

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि Porel ने शादी का वादा करके उसके साथ physical relationship बनाया और बाद में assault तथा intimidation की।

Porel ने इन आरोपों को पहले false बताया था। 

इससे पहले Calcutta High Court ने police को Porel को trace और arrest करने तथा उनके electronic devices जब्त करने का निर्देश दिया था। Court की चिंता alleged private material के संभावित circulation और digital evidence को सुरक्षित रखने से जुड़ी थी। 

अब गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण evidence collection, forensic examination और judicial proceedings पर केंद्रित होगा।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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