शेफाली वर्मा के 64 रन और दीप्ति शर्मा के 3 विकेट की बदौलत भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर महिला एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया।
दुबई | 11 सितंबर 2026
By Mohd Haris
फाइनल में पहुंचा भारत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने महिला एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए और फिर बांग्लादेश को 109 रन पर रोक दिया।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी लगातार उपस्थिति का सिलसिला कायम रखा। भारतीय टीम अब 13 सितंबर को खिताबी मुकाबला खेलेगी। फाइनल में उसका सामना पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा ने पारी को संभाला और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश के गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
शेफाली ने 40 गेंदों पर 64 रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। बांग्लादेश की फील्डिंग ने भी उन्हें कई मौके दिए और भारतीय सलामी बल्लेबाज ने इन मौकों का पूरा फायदा उठाया।
प्रतीका रावल ने 20 रन बनाकर शेफाली का साथ दिया। दोनों के बीच 50 रन की साझेदारी हुई, जिसने भारत को शुरुआती झटके से उबरने में मदद की। बाद के ओवरों में कप्तान हरमनप्रीत कौर, ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा ने उपयोगी रन जोड़कर भारत को 149 रन तक पहुंचाया।
149 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम शुरुआत से ही भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने रन बनाने के मौके सीमित किए और लगातार विकेट निकालकर बांग्लादेश को बड़ी साझेदारी बनाने से रोक दिया।
दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। उन्होंने बांग्लादेश के मध्यक्रम को खास तौर पर परेशान किया और लक्ष्य तक पहुंचने की उसकी उम्मीदों को कमजोर कर दिया।
श्री चरणी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बांग्लादेश की पारी में शुरुआती सफलता दिलाई और अपना 50वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। भारत की स्पिन गेंदबाजी ने दुबई की परिस्थितियों का प्रभावी इस्तेमाल किया।
बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी। शोरना अख्तर ने 22 रन बनाकर कुछ प्रतिरोध किया, जबकि दिलारा अख्तर ने 21 रन बनाए। कप्तान निगार सुल्ताना 19 रन बनाकर आउट हुईं।
भारतीय गेंदबाजों ने बांग्लादेश के बल्लेबाजों को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। जैसे-जैसे जरूरी रन रेट बढ़ता गया, बांग्लादेश के लिए मुकाबले में वापसी मुश्किल होती चली गई।
आखिरकार भारत ने 40 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया और फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
भारत की यह जीत सिर्फ एक और सेमीफाइनल सफलता नहीं है। महिला एशिया कप में भारतीय टीम की निरंतरता इसे खास बनाती है। भारत टूर्नामेंट के हर संस्करण में फाइनल तक पहुंचा है और अब उसकी नजर एक और खिताब पर है।
भारत पहले ही इस प्रतियोगिता में 7 बार चैंपियन रह चुका है। ऐसे में 2026 का फाइनल उसके लिए एक और खिताब जोड़ने का मौका है।
सेमीफाइनल में भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह एकतरफा नहीं रही। स्मृति मंधाना जल्दी आउट हुईं और मध्यक्रम को रन बनाने में संघर्ष करना पड़ा। इसके बावजूद शेफाली की तेजतर्रार पारी ने भारत को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया।
यही इस मुकाबले की अहम बात रही। भारत ने अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी नहीं की, लेकिन गेंदबाजी और स्पिन विभाग ने उस कमी की भरपाई कर दी। कठिन परिस्थितियों में 149 रन का स्कोर पर्याप्त साबित हुआ।
भारत की टीम के लिए यह संकेत भी महत्वपूर्ण है कि फाइनल में सिर्फ एक-दो बल्लेबाजों पर निर्भर रहने की रणनीति जोखिम भरी हो सकती है। खिताबी मुकाबले में मध्यक्रम से अधिक निरंतर योगदान की जरूरत होगी।
शेफाली वर्मा को उनकी 64 रन की प्रभावशाली पारी के लिए मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। उनकी बल्लेबाजी ने उस वक्त भारत को गति दी जब दूसरे छोर पर विकेट गिर रहे थे।
शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने बांग्लादेश के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। हालांकि उन्हें कई जीवनदान मिले, लेकिन इसका श्रेय उनकी आक्रामक सोच और परिस्थितियों का फायदा उठाने की क्षमता को भी जाता है।
दूसरी तरफ दीप्ति शर्मा ने गेंद से मुकाबले की दिशा बदल दी। उनके 3 विकेट ने बांग्लादेश के मध्यक्रम को टिकने नहीं दिया।
भारत का फाइनल मुकाबला पाकिस्तान या श्रीलंका से होगा। दोनों टीमों के बीच दूसरा सेमीफाइनल 11 सितंबर को खेला जाना है। इसके बाद 13 सितंबर को एशिया कप का फाइनल होगा।
यदि पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है तो भारत और पाकिस्तान के बीच एक और बड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। वहीं श्रीलंका के पहुंचने पर भारत के सामने टूर्नामेंट की मजबूत और अब तक प्रभावशाली टीम होगी।
फाइनल में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि सेमीफाइनल की जीत के आत्मविश्वास को बरकरार रखते हुए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अधिक संतुलित प्रदर्शन किया जाए।
बांग्लादेश के खिलाफ भारत की जीत ने यह साबित किया कि दबाव के मुकाबलों में टीम परिस्थितियों के अनुसार अपना खेल बदल सकती है। बल्लेबाजी में शेफाली की आक्रामकता और गेंदबाजी में दीप्ति समेत स्पिनरों के अनुशासित प्रदर्शन ने भारत को फाइनल तक पहुंचाया।
अब असली परीक्षा खिताबी मुकाबले में होगी। भारत के पास अनुभव, गहराई और बड़े मुकाबलों का दबाव झेलने वाली खिलाड़ी मौजूद हैं। लेकिन फाइनल में एक छोटी गलती भी पूरे अभियान का रुख बदल सकती है।
भारत अब एशिया कप की ट्रॉफी से सिर्फ एक जीत दूर है। 13 सितंबर का फाइनल यह तय करेगा कि भारतीय महिला टीम एक और खिताब अपने नाम करती है या इस बार किसी दूसरी टीम के हाथ ट्रॉफी जाती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।