स्माइलगेट संस्थापक का तलाक बना दक्षिण कोरिया का सबसे महंगा मामला, कोर्ट ने बांटी अरबों की संपत्ति
Harish Qureshi
•
2026-09-09 15:55:08
दक्षिण कोरिया की अदालत ने स्माइलगेट संस्थापक क्वोन ह्योक-बिन को पूर्व पत्नी ली ह्वा-जिन को 35% कंपनी शेयर और 65 अरब वॉन नकद देने का आदेश दिया। कुल मूल्य करीब 2.55 ट्रिलियन वॉन है।
सियोल | 9 सितंबर 2026
Mohd Haris
दक्षिण कोरिया में तलाक के एक ऐतिहासिक मामले में अदालत ने गेमिंग कारोबारी क्वोन ह्योक-बिन को अपनी पूर्व पत्नी ली ह्वा-जिन को करीब 2.55 ट्रिलियन वॉन की संपत्ति देने का आदेश दिया है। डॉलर में यह रकम करीब 1.87 अरब डॉलर बैठती है और इसे दक्षिण कोरिया के तलाक मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक रूप से ज्ञात संपत्ति बंटवारा बताया गया है।
यह फैसला स्माइलगेट के संस्थापक और उनकी पत्नी के करीब 4 साल पुराने तलाक विवाद के बाद आया है। अदालत ने कंपनी में पत्नी की हिस्सेदारी, शुरुआती कारोबारी योगदान, घरेलू जिम्मेदारियों और बच्चों की परवरिश समेत कई पहलुओं को संपत्ति बंटवारे में ध्यान में रखा।
रिकॉर्ड संपत्ति बंटवारे का फैसला
सियोल फैमिली कोर्ट ने बुधवार को तलाक मंजूर करते हुए क्वोन ह्योक-बिन को अपनी पूर्व पत्नी ली ह्वा-जिन को स्माइलगेट में 35% हिस्सेदारी हस्तांतरित करने का आदेश दिया।
इसके अलावा उन्हें 65 अरब वॉन नकद भी देने होंगे। अदालत के आकलन के मुताबिक शेयर और नकद को मिलाकर संपत्ति बंटवारे का कुल मूल्य करीब 2.55 ट्रिलियन वॉन है।
अदालत का फैसला इस वजह से भी अहम है क्योंकि क्वोन की ज्यादातर संपत्ति निजी कंपनियों में शेयर के रूप में है। इसलिए अदालत ने पूरी रकम नकद देने के बजाय शेयर और नकदी के संयोजन को आधार बनाया।
कौन हैं क्वोन ह्योक-बिन
क्वोन ह्योक-बिन दक्षिण कोरिया की प्रमुख गेमिंग कंपनी स्माइलगेट के संस्थापक हैं। कंपनी के चर्चित गेमों में क्रॉसफायर और लॉस्ट आर्क शामिल हैं।
क्वोन ने वर्ष 2002 में स्माइलगेट की स्थापना की थी। उनकी पूर्व पत्नी ली ह्वा-जिन से विवाह वर्ष 2001 में हुआ था। इस लिहाज से अदालत के सामने यह सवाल भी था कि कंपनी के निर्माण और विकास में वैवाहिक जीवन के दौरान दोनों पक्षों का योगदान किस हद तक संपत्ति बंटवारे का आधार बनता है।
पूर्व पत्नी ने कंपनी में योगदान का दावा किया
तलाक की कार्यवाही के दौरान ली ह्वा-जिन ने स्माइलगेट में अपने योगदान को महत्वपूर्ण बताया था। उनके पक्ष ने दावा किया कि उन्होंने कंपनी की शुरुआती स्थापना के लिए वित्तीय मदद की थी और बाद में कंपनी के शुरुआती प्रबंधन में भी भूमिका निभाई।
अदालत ने इस दावे के साथ उनके घरेलू योगदान को भी महत्व दिया। अदालत के अनुसार ली कंपनी की स्थापना और शुरुआती विकास के दौर में हिस्सेदारी रखने के साथ निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी पंजीकृत रही थीं।
इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक घर की जिम्मेदारियां संभालीं और बच्चों की परवरिश में प्रमुख भूमिका निभाई। अदालत ने इन योगदानों को वैवाहिक संपत्ति के आकलन में शामिल किया।
क्वोन के पक्ष की दलील क्या थी
क्वोन ह्योक-बिन के पक्ष ने इस दावे का विरोध किया कि ली की कंपनी में वित्तीय या कारोबारी भूमिका इतनी बड़ी थी कि उसे कंपनी की मौजूदा संपत्ति में हिस्सा दिया जाए।
स्माइलगेट की ओर से पहले जारी बयान में कहा गया था कि कंपनी की शुरुआती पूंजी पूरी तरह क्वोन की ओर से आई थी।
अदालत ने हालांकि केवल शुरुआती पूंजी के आधार पर मामला तय नहीं किया। उसने कंपनी के निर्माण और विकास में दोनों पक्षों के योगदान, वैवाहिक जीवन की परिस्थितियों, आर्थिक संसाधनों और घरेलू जिम्मेदारियों को सामूहिक रूप से देखा।
अदालत ने किस आधार पर 35% हिस्सा तय किया
अदालत ने क्वोन को 65% और ली को 35% संपत्ति का हिस्सा निर्धारित किया।
फैसले में क्वोन की कारोबारी क्षमता और प्रबंधन संबंधी फैसलों को भी कंपनी के विकास का निर्णायक कारण माना गया। साथ ही अदालत ने ली के योगदान और लंबे वैवाहिक जीवन के दौरान उनकी घरेलू भूमिका को भी संपत्ति बंटवारे में अहम माना।
इससे स्पष्ट होता है कि दक्षिण कोरिया में वैवाहिक संपत्ति के मामलों में अदालत केवल कंपनी के औपचारिक मालिकाना हक को नहीं देखती, बल्कि संपत्ति निर्माण में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष योगदान का भी आकलन करती है।
गुजारा भत्ता देने से अदालत ने क्यों इनकार किया
अदालत ने तलाक मंजूर करते हुए दोनों पक्षों की गुजारा भत्ता संबंधी मांगों को स्वीकार नहीं किया।
अदालत का निष्कर्ष था कि विवाह का रिश्ता गंभीर रूप से टूट चुका था और दोनों पक्ष वैवाहिक संबंध खत्म होने के लिए समान रूप से जिम्मेदार थे। इसलिए संपत्ति बंटवारे और गुजारा भत्ते के सवाल को अलग-अलग आधार पर देखा गया।
यह अंतर महत्वपूर्ण है। अदालत द्वारा 2.55 ट्रिलियन वॉन की संपत्ति का बंटवारा किया जाना इस बात के बराबर नहीं है कि पूरी रकम नकद मुआवजे के रूप में दी जा रही है। अधिकांश राशि कंपनी के शेयरों के हस्तांतरण के रूप में है।
बच्चे की जिम्मेदारी भी तय
फैसले में अदालत ने दंपति के नाबालिग बच्चे की अभिभावकीय जिम्मेदारी भी ली ह्वा-जिन को दी।
क्वोन को बच्चे के पालन-पोषण के लिए हर महीने 20 मिलियन वॉन देने का आदेश दिया गया है। अदालत ने मुलाकात पर कोई विशेष प्रतिबंध भी नहीं लगाया।
इससे पता चलता है कि मामला केवल अरबों की संपत्ति के बंटवारे तक सीमित नहीं था। अदालत ने तलाक के बाद बच्चे की देखभाल और दोनों अभिभावकों की जिम्मेदारी को भी फैसले का हिस्सा बनाया।
दक्षिण कोरिया में पिछला रिकॉर्ड किसके नाम था
इस फैसले से पहले दक्षिण कोरिया में सबसे बड़ा चर्चित तलाक संपत्ति बंटवारा एसके ग्रुप के चे ते-वॉन और रो सो-यॉन्ग के मामले में था।
जुलाई 2026 में सियोल हाई कोर्ट ने चे ते-वॉन को अपनी पूर्व पत्नी रो सो-यॉन्ग को 944 अरब वॉन की संपत्ति देने का आदेश दिया था। इससे पहले निचली अपीलीय अदालत ने 1.38 ट्रिलियन वॉन का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया था।
अब क्वोन ह्योक-बिन के मामले में तय 2.55 ट्रिलियन वॉन की संपत्ति बंटवारा राशि उस पुराने रिकॉर्ड से काफी अधिक है।
दोनों मामलों को मिलाने से बचना जरूरी
क्वोन ह्योक-बिन और चे ते-वॉन के तलाक मामलों को एक ही मामला समझना गलत होगा।
चे ते-वॉन एसके ग्रुप के चेयरमैन हैं, जबकि क्वोन ह्योक-बिन स्माइलगेट के संस्थापक हैं। दोनों मामलों में अदालतों ने अलग-अलग तथ्यों और संपत्ति संरचना को देखते हुए अलग फैसले दिए हैं।
इसलिए 1.87 अरब डॉलर का नया रिकॉर्ड स्माइलगेट संस्थापक क्वोन ह्योक-बिन से संबंधित है, न कि एसके ग्रुप के चे ते-वॉन से।
फैसले का कारोबारी असर
इस फैसले का असर स्माइलगेट के मालिकाना ढांचे पर भी पड़ सकता है क्योंकि क्वोन को अपनी कंपनी में 35% हिस्सेदारी पूर्व पत्नी को हस्तांतरित करनी होगी।
हालांकि अदालत ने यह भी माना कि शेयरों का हस्तांतरण कंपनी पर क्वोन के नियंत्रण को खतरे में नहीं डालेगा। इसका अर्थ है कि फैसला संपत्ति के बड़े बंटवारे के बावजूद कंपनी के संचालन पर तत्काल नियंत्रण संकट पैदा करने वाला नहीं माना गया।
फिर भी निजी कंपनी में इतनी बड़ी हिस्सेदारी का हस्तांतरण कारोबारी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शेयरों के मूल्यांकन, भविष्य में हिस्सेदारी की बिक्री और कंपनी के नियंत्रण ढांचे पर आगे भी नजर रहेगी।
क्या फैसला अंतिम है
फैसले के खिलाफ दोनों पक्ष आगे कानूनी चुनौती दे सकते हैं।
इसलिए 2.55 ट्रिलियन वॉन का आंकड़ा फिलहाल सियोल फैमिली कोर्ट के फैसले के आधार पर तय संपत्ति बंटवारे का मूल्य है। आगे अपील होने पर अंतिम कानूनी स्थिति बदल सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला
यह फैसला दक्षिण कोरिया में वैवाहिक संपत्ति के मूल्यांकन को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
खास तौर पर निजी कंपनियों के संस्थापकों के मामलों में यह सवाल अहम है कि कंपनी की संपत्ति और संस्थापक की व्यक्तिगत संपत्ति के बीच वैवाहिक योगदान का आकलन कैसे किया जाए।
क्वोन के मामले में अदालत ने कंपनी के शुरुआती निर्माण में ली ह्वा-जिन की भूमिका और लंबे समय तक घरेलू तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों को संपत्ति बंटवारे के व्यापक मूल्यांकन का हिस्सा माना।
आगे क्या होगा
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या दोनों पक्ष फैसले को चुनौती देते हैं और यदि चुनौती दी जाती है तो ऊपरी अदालतें संपत्ति बंटवारे के अनुपात और शेयर हस्तांतरण पर क्या रुख अपनाती हैं।
फिलहाल सियोल फैमिली कोर्ट का आदेश स्पष्ट है। क्वोन ह्योक-बिन को 35% स्माइलगेट शेयर और 65 अरब वॉन नकद अपनी पूर्व पत्नी को देना होगा। कुल संपत्ति बंटवारे का मूल्य करीब 2.55 ट्रिलियन वॉन आंका गया है।
दक्षिण कोरिया के कारोबारी और कानूनी परिदृश्य में यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिखाता है कि अरबों की वैल्यू वाली निजी कंपनी के निर्माण में वैवाहिक और घरेलू योगदान का मूल्यांकन किस तरह किया जा सकता है। अंतिम तस्वीर आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद और साफ होगी।
वीडियो देखें
ADVERTISEMENT
Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।