लंदन | 3 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
ब्रिटिश फैशन डिजाइनर और पूर्व Spice Girls सदस्य विक्टोरिया बेकहम की कंपनी ने कारोबार की दिशा बदलने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
Victoria Beckham Holdings ने 2025 में पहली बार ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया।
कंपनी का रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर £129.8 मिलियन हो गया। इसके साथ ही ऑपरेटिंग प्रॉफिट £7.3 मिलियन रहा। एक साल पहले कंपनी को £1.6 मिलियन का ऑपरेटिंग लॉस हुआ था।
यह उपलब्धि इसलिए अहम है क्योंकि विक्टोरिया बेकहम ने 2008 में अपना फैशन ब्रांड शुरू किया था। करीब 18 साल तक कंपनी मुनाफे के स्तर
तक नहीं पहुंच सकी।
विक्टोरिया बेकहम ने फैशन कारोबार की शुरुआत ऐसे समय की जब उनके पास पहले से दुनिया भर में पहचान थी। लेकिन कंपनी को लंबे समय तक
यह साबित करना पड़ा कि उसका कारोबार केवल सेलिब्रिटी इमेज पर निर्भर नहीं है।
2008 में शुरू हुए ब्रांड ने धीरे-धीरे लग्ज़री फैशन में अपनी पहचान बनाई। शुरुआत में फोकस कपड़ों पर था। बाद में कंपनी ने ब्यूटी बिजनेस में
कदम रखा।
2019 में Victoria Beckham Beauty की शुरुआत हुई। यही फैसला आगे चलकर कंपनी के बिजनेस मॉडल का अहम हिस्सा बना।
कंपनी के मौजूदा कारोबार में Beauty division की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक ब्यूटी कारोबार अब
समूह के करीब दो-तिहाई रेवेन्यू में योगदान देता है।
मेकअप, स्किनकेयर और फ्रेगरेंस ने कंपनी को फैशन से आगे एक व्यापक कंज्यूमर ब्रांड में बदलने में मदद की।
Satin Kajal जैसे प्रोडक्ट ने ब्यूटी कारोबार को मजबूत पहचान दी। कंपनी ने इसके अलावा स्किनकेयर और दूसरे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का
पोर्टफोलियो भी बढ़ाया।
इस रणनीति का फायदा यह हुआ कि कंपनी को केवल महंगे फैशन पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
टर्नअराउंड में लागत नियंत्रण सबसे अहम बदलावों में रहा।
पिछले वर्षों में कंपनी की तेज बिक्री वृद्धि के बावजूद मुनाफा नहीं बन रहा था। 2024 में रेवेन्यू £112.7 मिलियन तक पहुंच गया था, लेकिन ऑपरेटिंग लॉस £1.6 मिलियन रहा।
कंपनी ने इसके बाद ऑपरेशनल खर्चों और बिजनेस स्ट्रक्चर पर ज्यादा फोकस किया।
2025 के नतीजों में कंपनी ने खुद बेहतर लागत नियंत्रण, मजबूत Direct-to-Consumer कारोबार और अंतरराष्ट्रीय Wholesale विस्तार को बेहतर
वित्तीय प्रदर्शन की वजहों में शामिल किया।
कंपनी ने अपनी वेबसाइट और अपने रिटेल चैनल के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाई।
2024 में कंपनी की Direct-to-Consumer बिक्री में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई थी। वेबसाइट और लंदन के फ्लैगशिप स्टोर ने भी बिक्री में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाई।
DTC मॉडल से कंपनी को ग्राहक व्यवहार, प्रोडक्ट डिमांड और बिक्री पर ज्यादा नियंत्रण मिलता है।
फैशन बिजनेस में यह रणनीति खास महत्व रखती है क्योंकि इससे ब्रांड Wholesale नेटवर्क पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहता।
कंपनी ने दूसरी तरफ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय Wholesale रिटेलर्स के जरिए अपना बाजार भी बढ़ाया।
ब्रांड की मौजूदगी ब्रिटेन के अलावा यूरोप और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ी। कंपनी का उद्देश्य बड़े पैमाने पर डिस्काउंटिंग के बजाय प्रीमियम
रिटेल वातावरण में अपनी पहचान बनाए रखना रहा।
इससे ब्रांड की लग्ज़री पोजिशनिंग और अंतरराष्ट्रीय पहुंच दोनों को समर्थन मिला।
विक्टोरिया बेकहम ब्रांड ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को भी विस्तार दिया।
फैशन में ड्रेस, टेलरिंग और occasion-wear प्रमुख श्रेणियां बनी रहीं। वहीं Beauty में मेकअप, स्किनकेयर और फ्रेगरेंस ने ग्राहक आधार को
व्यापक किया।
इस बदलाव ने कंपनी को एक ही तरह के ग्राहक पर निर्भर रहने से बचाया।
फैशन प्रोडक्ट्स की ऊंची कीमतों के मुकाबले ब्यूटी प्रोडक्ट्स कम कीमत वाले एंट्री पॉइंट देते हैं। इससे ग्राहक पहली बार ब्रांड के संपर्क में आ सकता है और बाद में दूसरे प्रोडक्ट खरीद सकता है।
बिजनेस के टर्नअराउंड में मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में बदलाव भी महत्वपूर्ण रहा।
Sybille Darricarrère Lunel को फैशन बिजनेस की CEO बनाया गया। वह Christian Dior Couture से कंपनी में आई थीं।
Beauty division की कमान Lauren Edelman के पास है। कंपनी ने फैशन और ब्यूटी को अधिक केंद्रित नेतृत्व देने की दिशा में काम किया।
यह मॉडल दोनों कारोबारों को अलग-अलग कंज्यूमर जरूरतों के हिसाब से संचालित करने में मदद करता है, जबकि दोनों एक ही ब्रांड पहचान के
तहत रहते हैं।
विक्टोरिया बेकहम की कंपनी का सफर सीधा नहीं रहा।
2024 में बिक्री में 26 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि के बावजूद कंपनी को £1.6 मिलियन का ऑपरेटिंग लॉस हुआ था। उसी साल कंपनी का रेवेन्यू £112.7
मिलियन रहा।
2022 के आसपास कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी दबाव में थी और मीडिया रिपोर्टों में लगभग £54 मिलियन के कर्ज का उल्लेख हुआ था।
2017 में NEO Investment Partners ने कंपनी में £30 मिलियन का निवेश किया और करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। इसके बाद
कंपनी के स्ट्रक्चर में बदलाव की प्रक्रिया तेज हुई।
2025 के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ने सिर्फ बिक्री नहीं बढ़ाई, बल्कि बिक्री को मुनाफे में बदलने की क्षमता भी हासिल की।
रेवेन्यू £112.7 मिलियन से बढ़कर £129.8 मिलियन हुआ।
ऑपरेटिंग रिजल्ट £1.6 मिलियन के घाटे से बदलकर £7.3 मिलियन के मुनाफे में पहुंच गया।
EBITDA भी करीब पांच गुना बढ़कर £12.1 मिलियन हो गया।
इस बदलाव से संकेत मिलता है कि कंपनी की समस्या केवल कम बिक्री नहीं थी। असल चुनौती बिक्री, लागत और बिजनेस मॉडल के बीच संतुलन
बनाने की थी।
इस कारोबार की सबसे बड़ी सीख यह है कि ब्रांड की पहचान और बिजनेस मॉडल दोनों जरूरी हैं।
विक्टोरिया की व्यक्तिगत पहचान ने शुरुआती दौर में ब्रांड को वैश्विक विजिबिलिटी दी। लेकिन लंबे समय की सफलता के लिए कंपनी को प्रोडक्ट
क्वालिटी, ग्राहक मांग और फाइनेंशियल अनुशासन पर निर्भर होना पड़ा।
Beauty division ने कंपनी को दूसरा मजबूत रेवेन्यू स्रोत दिया।
DTC कारोबार ने ग्राहक तक सीधी पहुंच मजबूत की।
Wholesale विस्तार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार बढ़ाया।
और लागत नियंत्रण ने बढ़ती बिक्री को मुनाफे में बदलने में मदद की।
कंपनी अब मुनाफे की स्थिति में पहुंचने के बाद अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर जोर दे रही है।
Financial Times के मुताबिक कंपनी अमेरिका और मध्य-पूर्व सहित प्रमुख बाजारों में विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है। Leather goods की
नई पेशकश और रिटेल विस्तार भी रणनीति का हिस्सा हैं।
कंपनी के लिए अगली चुनौती यह होगी कि वह विकास की रफ्तार बनाए रखते हुए दोबारा अनियंत्रित लागत की स्थिति पैदा न होने दे।
विक्टोरिया बेकहम की कंपनी की कहानी केवल फैशन की कहानी नहीं है। यह एक ऐसे ब्रांड के पुनर्गठन की मिसाल है जिसने लंबे समय तक बिक्री के बावजूद मुनाफा नहीं कमाया।
2025 में £7.3 मिलियन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट इस सफर का बड़ा पड़ाव है।
कंपनी ने अपनी पहचान को बनाए रखते हुए Beauty, DTC, Wholesale, लागत नियंत्रण और मैनेजमेंट बदलावों पर जोर दिया।
अब बाजार की निगाह इस बात पर होगी कि 2025 की कामयाबी एक स्थायी बिजनेस मॉडल साबित होती है या नहीं। फिलहाल उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि विक्टोरिया बेकहम का कारोबार पहली बार अपने इतिहास में मुनाफे की मजबूत बुनियाद पर खड़ा हुआ है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।