कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज है।
कोलकाता | 2 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन बुधवार, 2 सितंबर को कोलकाता पुलिस के सामने पेश हुए। वह कैमक स्ट्रीट स्थित टीएमसी कार्यालय में कथित अनधिकृत होर्डिंग हटाने के दौरान हुई झड़प के मामले में अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे।
ओ’ब्रायन को शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में जांच के लिए बुलाया गया था। इससे पहले वह 31 अगस्त को जारी पहले समन पर पेश नहीं हुए थे। उनके वकील ने समन की वैधता पर सवाल उठाते हुए पुलिस से अतिरिक्त समय मांगा था।
1 सितंबर को अभिषेक बनर्जी इसी मामले में पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उसी दौरान पुलिस ने ओ’ब्रायन को दूसरा नोटिस भेजकर बुधवार तक पेश होने को कहा था।
पुलिस इस मामले में घटनास्थल के वीडियो फुटेज और वहां मौजूद लोगों के बयानों की जांच कर रही है। जांच का मकसद झड़प की शुरुआत और नामजद नेताओं की भूमिका स्पष्ट करना है।
विवाद 27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट स्थित टीएमसी कार्यालय में शुरू हुआ था। कोलकाता नगर निगम के अधिकारी पुलिसकर्मियों के साथ इमारत पर लगे कथित अनधिकृत होर्डिंग को हटाने पहुंचे थे।
पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों के पहुंचने के बाद टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस और नगर निगम की टीम ने इमारत में प्रवेश कर होर्डिंग हटाया।
घटना के बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में तीन एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें डेरेक ओ’ब्रायन, अभिषेक बनर्जी, हुमायूं कबीर और बैश्वानोर चटर्जी समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोप सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने, पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट और गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने से जुड़े हैं।
पुलिस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। अलग-अलग रिपोर्टों में गिरफ्तार लोगों की संख्या 13 और 14 बताई गई है। इसलिए शाह टाइम्स इस संख्या को एक निश्चित आंकड़े के रूप में पेश नहीं कर रहा है।
डेरेक ओ’ब्रायन ने पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी ऐसे नोटिस के साथ कार्यालय पहुंचे थे, जिसे उन्होंने वैध नहीं माना।
ओ’ब्रायन ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने कार्यालय की सीढ़ियों पर उनके साथ धक्का-मुक्की की और वह गिर पड़े। उन्होंने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए बीजेपी पर भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना से सामने आए वीडियो में ओ’ब्रायन को सीढ़ियों पर गिरते हुए देखा गया है। हालांकि वीडियो अपने आप में यह स्थापित नहीं करता कि उन्हें जानबूझकर किसने धक्का दिया या गिरने की सटीक वजह क्या थी।
कोलकाता पुलिस के मुताबिक नगर निगम ने कथित अनधिकृत होर्डिंग हटाने के लिए पुलिस सहायता मांगी थी। पुलिस का आरोप है कि मौके पर मौजूद कुछ टीएमसी नेताओं और समर्थकों ने अधिकारियों को अपना काम करने से रोका।
पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले में दर्ज एफआईआर और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कैमक स्ट्रीट विवाद ने पश्चिम बंगाल की सियासत में एक नया टकराव पैदा किया है। टीएमसी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि वह दर्ज मामलों की जांच कर रही है।
अब ओ’ब्रायन का बयान जांच के रिकॉर्ड का हिस्सा होगा। आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि पुलिस को वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से क्या जानकारी मिलती है।
फिलहाल यह मामला आरोप और जांच के चरण में है। किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम तथ्य मानने से पहले जांच और कानूनी प्रक्रिया का परिणाम देखना जरूरी होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।