शुक्रवार, 31 July 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
India

देश में बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के नए तरीके, जानिए कैसे बचें

Neelam Saini 2026-07-31 17:34:47
देश में बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के नए तरीके, जानिए कैसे बचें
साइबर ठगों का नया जाल! एक क्लिक में खाली हो सकता है आपका खाता

देश में तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर फ्रॉड, जानिए ठगी के नए तरीके

फर्जी कॉल से लेकर डीपफेक तक, कैसे बदल रहा है साइबर अपराध का चेहरा

डिजिटल इंडिया की बढ़ती रफ्तार के साथ साइबर अपराधियों ने भी अपने तरीके बदल लिए हैं। आज साइबर ठगी केवल ओटीपी चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि डीपफेक वीडियो, डिजिटल अरेस्ट, स्क्रीन शेयरिंग एप्स और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बन सकती है।

📍 स्थान : नई दिल्ली
📰 दिनांक : 31 जुलाई 2026
✍️ नीलम सैनी

साइबर फ्रॉड का बदलता चेहरा

देश में डिजिटल क्रांति ने आम नागरिक की जिंदगी को आसान बनाया है। बैंकिंग से लेकर खरीदारी और सरकारी सेवाओं तक सब कुछ अब मोबाइल की स्क्रीन पर उपलब्ध है। लेकिन सुविधा के इस दौर में साइबर अपराधियों ने भी अपने तौर-तरीके बदल लिए हैं। पहले जहां साइबर ठगी केवल बैंक खाते से जुड़ी जानकारी चुराने तक सीमित थी, वहीं आज अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपफेक टेक्नोलॉजी और सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। यही वजह है कि साइबर फ्रॉड अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक अपराध भी बन चुका है।

डिजिटल अरेस्ट बना नई चुनौती

पिछले कुछ समय में “डिजिटल अरेस्ट” शब्द ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस प्रकार की ठगी में अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी, जांच एजेंसी या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल करते हैं। इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया जाता है। ठग पीड़ित को घंटों तक वीडियो कॉल पर रखकर उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं और फिर उससे पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। कई मामलों में लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवा दी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत में कोई भी सरकारी एजेंसी किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार का दावा करता है तो उसके प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।

डीपफेक वीडियो और एआई की नई चुनौती

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जहां कई क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं, वहीं इसका दुरुपयोग भी बढ़ रहा है। साइबर अपराधी अब किसी व्यक्ति की आवाज और तस्वीर का इस्तेमाल करके डीपफेक वीडियो तैयार कर रहे हैं। कल्पना कीजिए कि आपको किसी परिचित का वीडियो कॉल आए और वह आपसे तत्काल पैसों की मदद मांगे। ऐसे मामलों में केवल वीडियो देखकर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले अलग माध्यम से व्यक्ति की पहचान की पुष्टि अवश्य करें।

स्क्रीन शेयरिंग एप्स से बढ़ रहा खतरा

कई साइबर अपराधी बैंक अधिकारी या तकनीकी सहायता कर्मचारी बनकर लोगों से स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करवाते हैं। इसके बाद वे मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने वाली गोपनीय जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। इस प्रकार की ठगी में अक्सर कहा जाता है कि आपके खाते का केवाईसी अपडेट करना है या कोई रिफंड जारी किया जाना है। जैसे ही पीड़ित स्क्रीन शेयर करता है, अपराधी उसके बैंकिंग विवरण हासिल कर लेते हैं।

निवेश के नाम पर हो रही ठगी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से बढ़ रहे फर्जी निवेश विज्ञापन भी चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। कुछ ठग प्रसिद्ध व्यक्तियों की तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई निवेश योजना आपको असामान्य रूप से अधिक लाभ का वादा कर रही है तो उसके प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता की जांच करना आवश्यक है।

फर्जी नौकरी और पार्ट-टाइम जॉब का जाल

घर बैठे कमाई के नाम पर लोगों को ठगने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। शुरुआत में छोटे-छोटे भुगतान करके लोगों का भरोसा जीता जाता है और बाद में उनसे बड़ी रकम निवेश करवाने की कोशिश की जाती है। कुछ मामलों में लोगों को टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर विशेष टास्क दिए जाते हैं। इसके बाद अधिक कमाई का लालच देकर बड़ी रकम जमा करवाई जाती है और अंततः संपर्क समाप्त कर दिया जाता है।

क्या केवल बुजुर्ग ही बन रहे हैं शिकार?

यह मान लेना गलत होगा कि साइबर अपराध केवल बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। युवा वर्ग भी ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी निवेश और सोशल मीडिया आधारित फ्रॉड का शिकार हो रहा है। साइबर अपराधी व्यक्ति की उम्र, पेशा और डिजिटल आदतों के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करते हैं। यही कारण है कि जागरूकता हर आयु वर्ग के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।

कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

डिजिटल सुरक्षा केवल मजबूत पासवर्ड तक सीमित नहीं है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा न करना तथा किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले जानकारी की पुष्टि करना अत्यंत आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर आपसे तत्काल भुगतान की मांग करता है तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें। किसी भी दबाव में आकर आर्थिक निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। संदिग्ध परिस्थितियों में अपने बैंक से सीधे संपर्क करना और साइबर अपराध की शिकायत तुरंत दर्ज करवाना नुकसान को कम करने में मददगार हो सकता है।

डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा

तकनीक जितनी तेजी से विकसित हो रही है, साइबर अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके खोज रहे हैं। आज की सबसे बड़ी आवश्यकता केवल डिजिटल साक्षरता नहीं, बल्कि डिजिटल सतर्कता है। हर अनजान कॉल, लिंक और निवेश प्रस्ताव को संदेह की दृष्टि से देखने की आदत हमें बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है। डिजिटल दुनिया में सुरक्षा का पहला नियम यही है कि यदि कोई प्रस्ताव सच होने के लिए बहुत अच्छा लग रहा है, तो उसकी जांच अवश्य करें। साइबर फ्रॉड के नए तरीके हमें यह याद दिलाते हैं कि तकनीक जितनी शक्तिशाली है, उसका सुरक्षित उपयोग उतना ही आवश्यक है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित डिजिटल भारत की सबसे मजबूत नींव हैं।

ADVERTISEMENT
Neelam Saini

Neelam Saini

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

मुजफ्फरनगर साइबर ठगी केस: ₹1.01 करोड़ निवेश धोखाधड़ी में एक और आरोपी गिरफ्तार

2026-07-15 10:58:44

तुलसी के पत्ते: आस्था और सेहत का है अनमोल संगम?

2026-07-25 14:02:31

चंडीपुरा वायरस क्या है? क्यों बढ़ रही है स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता

2026-07-20 19:27:15

लखनऊ में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर बड़ा एक्शन, 119 लोग हिरासत में

2026-07-03 08:28:54

ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम अलर्ट: महिलाओं की निजी जानकारी लीक होने का खतरा, सुरक्षा को लेकर नई चेतावनी

2026-06-30 09:37:36

भारतनेट फेज-3 संकट में: केबल-राउटर महंगे, गांव-गांव इंटरनेट योजना अटकी

2026-06-23 08:19:51

साइबर सुरक्षा संकट: बढ़ती डाटा चोरी से देश में 28 लाख से ज्यादा मामले दर्ज

2026-06-20 10:31:46

जी7 में पीएम मोदी का ‘ह्यूमन एआई विजन’, सुरक्षित व समावेशी विकास पर जोर

2026-06-18 08:58:37

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर