गुरुवार, 10 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
Special Reports

मृत्यु के बाद बाल और नाखून बढ़ते हैं या नहीं? जानिए इस मशहूर दावे का सच

Neelam Saini 2026-09-10 18:18:52
मृत्यु के बाद बाल और नाखून बढ़ते हैं या नहीं? जानिए इस मशहूर दावे का सच

मृत्यु के बाद बाल और नाखून वास्तव में नहीं बढ़ते। शरीर में पानी की कमी और त्वचा के सिकुड़ने से वे अपेक्षाकृत लंबे दिखाई दे सकते हैं। जानिए इस धारणा के पीछे का वैज्ञानिक सच।

बाल और नाखून मृत्यु के बाद बढ़ते हैं या नहीं? जानिए सच

मृत्यु के बाद इंसान के बाल और नाखून बढ़ते रहते हैं—यह बात लंबे समय से लोगों के बीच कही जाती रही है। कई जगहों पर इसे लेकर तरह-तरह की कहानियां और धारणाएं भी सुनने को मिलती हैं। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से सवाल यह है कि क्या मृत्यु के बाद भी शरीर की कोशिकाएं उसी तरह काम करती रहती हैं, जिससे बाल और नाखून बढ़ सकें? इसका सीधा जवाब है—नहीं। मृत्यु के बाद बाल और नाखून वास्तविक रूप से बढ़ते नहीं हैं। हालांकि शरीर में होने वाले कुछ बदलावों की वजह से वे पहले की तुलना में अधिक लंबे दिखाई दे सकते हैं। 

बालों के बढ़ने के लिए क्या जरूरी है?

बालों की वृद्धि त्वचा के भीतर मौजूद बाल कूप यानी हेयर फॉलिकल से होती है। बाल कूप में मौजूद जीवित कोशिकाएं नए बालों के निर्माण और वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बालों के बढ़ने की प्रक्रिया कई चरणों में होती है और इसके लिए कोशिकीय गतिविधि के साथ रक्त से मिलने वाले पोषक तत्व और ऑक्सीजन भी जरूरी होते हैं। स्वस्थ व्यक्ति में बालों की जड़ के आसपास मौजूद संरचनाएं सक्रिय रहती हैं। नए बालों की कोशिकाएं बनती हैं और पुरानी कोशिकाएं केराटिन से भरकर बाल का हिस्सा बन जाती हैं। इसी प्रक्रिया की वजह से बाल धीरे-धीरे त्वचा से बाहर निकलते हुए लंबे होते हैं। लेकिन मृत्यु के बाद शरीर की सामान्य जैविक गतिविधियां बंद हो जाती हैं। ऐसे में बाल कूप को वह रक्त आपूर्ति और पोषण नहीं मिलता, जिसकी उसे नए बालों की वृद्धि के लिए जरूरत होती है। इसलिए मृत्यु के बाद बालों की सामान्य वृद्धि जारी नहीं रहती।

फिर बाल लंबे क्यों दिखाई देते हैं?

यहीं से इस पुराने भ्रम की शुरुआत होती है। मृत्यु के बाद शरीर में पानी की मात्रा धीरे-धीरे कम होने लगती है। त्वचा सूखती और सिकुड़ती है। जब चेहरे या सिर की त्वचा पीछे की ओर सिकुड़ती है, तो बालों का वह हिस्सा जो पहले त्वचा से कम बाहर दिखाई देता था, अधिक दिखाई देने लगता है। इससे देखने वाले को ऐसा लग सकता है कि बाल बढ़ गए हैं। वास्तव में बाल की लंबाई में उसी तरह की नई वृद्धि नहीं हुई होती, बल्कि आसपास की त्वचा के सिकुड़ने से बाल अपेक्षाकृत लंबे नजर आने लगते हैं। यानी दिखने में बदलाव और वास्तविक वृद्धि दो अलग-अलग बातें हैं।

नाखूनों के साथ भी यही भ्रम क्यों होता है?

नाखूनों की वृद्धि भी एक जीवित जैविक प्रक्रिया है। नाखून के आधार पर मौजूद मैट्रिक्स नई कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कोशिकाएं धीरे-धीरे कठोर होकर नाखून की प्लेट का हिस्सा बनती हैं। मृत्यु के बाद यह सामान्य वृद्धि प्रक्रिया जारी नहीं रहती। लेकिन शरीर के ऊतकों में पानी की कमी के कारण उंगलियों के आसपास की त्वचा सिकुड़ सकती है। इससे नाखून का अधिक हिस्सा बाहर दिखाई देने लगता है। इसी वजह से किसी मृत शरीर में नाखून अपेक्षाकृत लंबे दिखाई दे सकते हैं और यह धारणा बन सकती है कि मृत्यु के बाद भी नाखून बढ़ते रहे।

शरीर में पानी की कमी का क्या असर पड़ता है?

मृत्यु के बाद शरीर में कई प्राकृतिक परिवर्तन होते हैं। इनमें शरीर के तापमान में गिरावट, रक्त संचार का रुकना और ऊतकों में धीरे-धीरे होने वाले रासायनिक तथा जैविक परिवर्तन शामिल हैं। समय के साथ शरीर के ऊतक सूखने लगते हैं। वातावरण, तापमान, नमी और शरीर को किस तरह रखा गया है, इन सभी परिस्थितियों का शव में होने वाले बदलावों पर असर पड़ सकता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में शरीर के बाल और नाखून लंबे समय तक सुरक्षित भी रह सकते हैं। उदाहरण के लिए, अत्यधिक ठंडे, कम ऑक्सीजन वाले या विशेष रासायनिक वातावरण में शव के कुछ हिस्सों का संरक्षण सामान्य परिस्थितियों की तुलना में काफी लंबे समय तक हो सकता है। पुरातात्विक अध्ययनों में ऐसे संरक्षित शवों में बाल और नाखून भी पाए गए हैं। लेकिन सुरक्षित रहना और बढ़ना एक ही बात नहीं है।

क्या बाल मृत्यु के तुरंत बाद भी कुछ समय बढ़ सकते हैं?

इसे लेकर भी सावधानी जरूरी है। बालों का दिखाई देने वाला हिस्सा मुख्य रूप से केराटिन से बना होता है और उसमें जीवित कोशिकीय गतिविधि नहीं होती। वास्तविक वृद्धि बाल कूप के जीवित हिस्से में होने वाली कोशिकीय गतिविधि से जुड़ी होती है। मृत्यु के बाद शरीर की जीवन-समर्थक प्रक्रियाएं बंद होने के कारण सामान्य बाल-वृद्धि के लिए आवश्यक व्यवस्था भी समाप्त हो जाती है। इसलिए इसे मृत्यु के बाद बालों के लगातार बढ़ने के रूप में समझना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।

नाखूनों की वृद्धि भी जीवित कोशिकाओं पर निर्भर है

नाखून बाहर से कठोर और मृत ऊतक जैसा दिखाई देता है, लेकिन इसकी वृद्धि त्वचा के नीचे स्थित जीवित संरचनाओं से होती है। नाखून का मैट्रिक्स नई कोशिकाएं बनाता है, जो आगे बढ़कर नाखून की प्लेट का निर्माण करती हैं। इसलिए मृत्यु के बाद नाखून का उसी तरह बढ़ते रहना संभव नहीं है, जैसा जीवित व्यक्ति में होता है। अगर मृत्यु के बाद किसी व्यक्ति के नाखून पहले की तुलना में ज्यादा बाहर दिखाई दें, तो इसके पीछे त्वचा और आसपास के ऊतकों में होने वाले बदलाव को समझना अधिक उचित है।

यह धारणा इतनी लोकप्रिय कैसे हुई?

बाल और नाखून शरीर के ऐसे हिस्से हैं जो मृत्यु के बाद भी कुछ परिस्थितियों में लंबे समय तक दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा, मृत्यु के बाद त्वचा के सिकुड़ने से इनकी दृश्य लंबाई में अंतर दिखाई देता है। पुराने समय में शरीर में होने वाले इन बदलावों की वैज्ञानिक व्याख्या आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं थी। इसलिए जो चीज आंखों से दिखाई देती थी, उसके आधार पर यह धारणा बनना स्वाभाविक था कि बाल और नाखून बढ़ रहे हैं। बाद में शरीर विज्ञान और कोशिका विज्ञान के विकास के साथ यह समझ स्पष्ट हुई कि बाल और नाखूनों की वृद्धि के लिए जीवित कोशिकाओं की सक्रियता आवश्यक है।

क्या बाल और नाखून मृत्यु के बाद पूरी तरह गायब हो जाते हैं?

जरूरी नहीं। मृत्यु के बाद शरीर का विघटन धीरे-धीरे होता है और इसकी गति कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। तापमान, नमी, वातावरण और संरक्षण की स्थिति इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कारण पुरातात्विक और फोरेंसिक मामलों में कभी-कभी लंबे समय बाद भी बाल या नाखून के अवशेष मिल सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कुछ प्राकृतिक परिस्थितियों में संरक्षित प्राचीन शवों में बाल और नाखून सुरक्षित पाए गए हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि वे मृत्यु के बाद बढ़ते रहे। इसका अर्थ केवल इतना है कि वे परिस्थितियों के अनुकूल होने पर लंबे समय तक संरक्षित रह सकते हैं।

फोरेंसिक विज्ञान में भी इसका महत्व

मृत्यु के बाद शरीर में होने वाले बदलावों का अध्ययन फोरेंसिक विज्ञान में महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ शव की स्थिति और विभिन्न जैविक परिवर्तनों का अध्ययन करके मृत्यु के समय तथा परिस्थितियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। शव परीक्षण यानी ऑटोप्सी का उद्देश्य भी शरीर की चिकित्सकीय जांच करके मृत्यु के कारण और परिस्थितियों को समझना होता है। 
हालांकि केवल बाल या नाखून के दिखाई देने वाले आकार के आधार पर मृत्यु के बाद उनकी वृद्धि का निष्कर्ष निकालना वैज्ञानिक तरीका नहीं है।

निष्कर्ष: सच क्या है?

मृत्यु के बाद बाल और नाखून वास्तव में बढ़ते नहीं हैं। उनकी वृद्धि के लिए जरूरी जीवित कोशिकीय गतिविधियां और रक्त आपूर्ति मृत्यु के बाद सामान्य रूप से जारी नहीं रहतीं। मृत शरीर में त्वचा और आसपास के ऊतकों में पानी की कमी तथा सिकुड़न के कारण बाल और नाखून पहले से अधिक लंबे दिखाई दे सकते हैं। यही दृश्य परिवर्तन इस पुराने विश्वास का प्रमुख कारण माना जाता है। इसलिए अगली बार जब कोई कहे कि “मृत्यु के बाद भी बाल और नाखून बढ़ते हैं”, तो इसे वैज्ञानिक तथ्य के बजाय एक आम लेकिन गलत धारणा के रूप में समझना ज्यादा सही होगा।

ADVERTISEMENT
Neelam Saini

Neelam Saini

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

दुनिया में एक ऐसी जगह जहां छह महीने तक सूरज नहीं डूबता, जानिए क्या है कारण

2026-09-06 18:42:37

भारत की “उल्टी दिशा” में बहने वाली नदी कौन-सी है?

2026-09-01 22:25:46

पुराने समय में बिना घड़ी के लोग समय का पता कैसे लगाते थे? जानिए समय मापने के पुराने तरीके

2026-09-10 18:27:22

बस्तर में मिली अरबों साल पुरानी चट्टान ने बढ़ाई वैज्ञानिकों की दिलचस्पी

2026-09-06 18:56:47

भारत की वह नदी जो मौसम के साथ बदलती है रंग, जानिए क्या है इसके पीछे का सच

2026-09-06 18:25:51

बिजली चमकने के बाद गरज की आवाज देर से क्यों सुनाई देती है? जानिए विज्ञान का यह दिलचस्प राज

2026-09-01 18:43:19

भारत की कौन-सी जगह आज भी वैज्ञानिकों के लिए बनी हुई है रहस्य? महाराष्ट्र की लोनार झील में छिपे हैं कई सवाल

2026-09-01 18:20:42

रात को पेड़ के नीचे सोना क्यों नहीं माना जाता सुरक्षित? जानिए वैज्ञानिक कारण

2026-06-21 13:03:27

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर