पैरों में सूजन लंबे समय तक बैठने या अधिक नमक से भी हो सकती है, लेकिन लगातार या एक पैर में अचानक सूजन रक्त के थक्के समेत गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है।
पैरों में सूजन क्यों होती है?
पैरों, टखनों और पंजों में सूजन को चिकित्सकीय भाषा में एडेमा कहा जाता है। इसमें शरीर के ऊतकों में जरूरत से अधिक तरल पदार्थ जमा हो जाता है। यह समस्या केवल पैरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कुछ परिस्थितियों में हाथ, चेहरा या पेट भी प्रभावित हो सकता है। कई बार पैरों में सूजन का कारण सामान्य होता है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठना या खड़े रहना, बहुत अधिक नमक खाना, गर्भावस्था, चोट या कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव से भी सूजन हो सकती है। इसलिए हर तरह की सूजन को गंभीर बीमारी का संकेत मानना सही नहीं है। लेकिन अगर सूजन बार-बार हो रही है, लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ दूसरे असामान्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो इसके कारण की चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
कब पैरों की सूजन चिंता का कारण बन सकती है?
पैरों में लगातार रहने वाली या बिना स्पष्ट वजह के होने वाली सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ स्रोतों के मुताबिक, एडिमा कभी-कभी हृदय, गुर्दे, लिवर या नसों से जुड़ी समस्याओं के साथ भी दिखाई दे सकता है।
१. हृदय से जुड़ी समस्या
जब हृदय शरीर में रक्त को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के निचले हिस्से में तरल जमा हो सकता है और पैरों व टखनों में सूजन दिखाई दे सकती है। कुछ मामलों में पेट में भी तरल जमा हो सकता है। यदि पैरों की सूजन के साथ सांस फूलना, लेटने पर सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या दिल की धड़कन अनियमित महसूस होना जैसे लक्षण हों, तो चिकित्सकीय मदद लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
२. गुर्दों की परेशानी
गुर्दे शरीर में अतिरिक्त तरल और नमक को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुर्दों की बीमारी में शरीर में तरल और नमक जमा होने के कारण सूजन हो सकती है। यह पैरों के साथ आंखों के आसपास भी दिखाई दे सकती है। इसलिए अगर पैरों की सूजन लगातार बनी हुई है और इसके साथ शरीर के दूसरे हिस्सों में भी सूजन नजर आने लगे, तो चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है।
३. लिवर की बीमारी
लिवर की गंभीर बीमारी, खासकर सिरोसिस जैसी स्थिति में शरीर में तरल जमा हो सकता है। इससे पैरों में सूजन के अलावा पेट के आकार में भी वृद्धि हो सकती है। हालांकि केवल पैरों में सूजन देखकर लिवर की बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक होती है।
एक पैर में अचानक सूजन हो तो रहें सावधान
पैरों में सूजन का एक महत्वपूर्ण संकेत यह है कि वह एक पैर में अचानक दिखाई दे रही है या नहीं।एक पैर में अचानक सूजन, दर्द, गर्माहट या त्वचा के रंग में बदलाव डीप वेन थ्रॉम्बोसिस यानी नस में रक्त का थक्का बनने से जुड़ा हो सकता है। यह स्थिति तत्काल चिकित्सकीय मूल्यांकन की मांग कर सकती है। लंबी यात्रा या कई घंटों तक लगातार बैठे रहने से भी रक्त का प्रवाह धीमा होने के कारण रक्त के थक्के का जोखिम बढ़ सकता है।
सांस फूलने के साथ सूजन हो तो क्या करें?
अगर पैर में सूजन के साथ अचानक सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, चक्कर, बेहोशी या खून वाली खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह आपात स्थिति हो सकती है। ऐसे लक्षण फेफड़ों में रक्त का थक्का पहुंचने जैसी गंभीर स्थिति से जुड़े हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। ऐसे समय घरेलू उपचार आजमाने या लक्षणों के अपने-आप ठीक होने का इंतजार करना उचित नहीं है।
त्वचा दबाने पर गड्ढा बनना भी एक संकेत
कुछ प्रकार की एडिमा में सूजे हुए हिस्से पर कुछ सेकंड उंगली से दबाने के बाद त्वचा में हल्का गड्ढा रह जाता है। इसे पिटिंग एडिमा कहा जाता है। हालांकि केवल इस संकेत के आधार पर बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता। सूजन का कारण जानने के लिए चिकित्सक व्यक्ति के लक्षण, स्वास्थ्य इतिहास और शारीरिक जांच को ध्यान में रखते हैं।
किन लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए?
जिन लोगों को पहले से हृदय, गुर्दे या लिवर की बीमारी है, उनमें नई या बढ़ती हुई सूजन को गंभीरता से लेना चाहिए। गर्भावस्था, कुछ दवाओं का इस्तेमाल और लंबे समय तक निष्क्रिय रहना भी सूजन से जुड़े कारक हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ रक्तचाप और अन्य बीमारियों की दवाएं भी एडिमा का कारण बन सकती हैं। लेकिन किसी निर्धारित दवा को खुद से बंद करना सही नहीं है। दवा से संबंधित आशंका होने पर चिकित्सक से बात करनी चाहिए।
जांच कैसे होती है?
पैरों में सूजन का इलाज केवल सूजन कम करने तक सीमित नहीं होता। सबसे पहले उसके संभावित कारण का पता लगाना जरूरी होता है।चिकित्सक स्वास्थ्य इतिहास और शारीरिक जांच के बाद जरूरत के अनुसार रक्त जांच, अल्ट्रासाउंड या नसों से संबंधित जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जांच का चुनाव व्यक्ति के लक्षण और संभावित कारण पर निर्भर करता है।
सामान्य सूजन में क्या सावधानी बरतें?
यदि सूजन किसी गंभीर बीमारी से जुड़ी नहीं है, तो कुछ सामान्य उपाय मददगार हो सकते हैं। लंबे समय तक लगातार बैठने या खड़े रहने से बचना, जरूरत के अनुसार पैरों को ऊंचा रखकर आराम करना और भोजन में नमक की मात्रा पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक जैसा उपाय सही नहीं होता। खासकर यदि सूजन का कारण हृदय, गुर्दे, लिवर या रक्त के थक्के से संबंधित हो, तो उपचार मूल बीमारी के अनुसार किया जाता है।
निष्कर्ष
पैरों में कभी-कभार होने वाली हल्की सूजन हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। लंबे समय तक बैठना, खड़े रहना, अधिक नमक का सेवन, चोट और कुछ दवाएं इसके सामान्य कारण हो सकते हैं। लेकिन अचानक एक पैर में सूजन, तेज दर्द, गर्माहट या त्वचा के रंग में बदलाव, अथवा सूजन के साथ सांस फूलना और सीने में दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में जल्द चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर
यह लेख स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। पैरों में लगातार या अचानक होने वाली सूजन का सही कारण केवल चिकित्सकीय जांच से निर्धारित किया जा सकता है।