दिल्ली सरकार ने राजधानी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘वयो आनंद’ योजना शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत ऐसे मनोरंजन केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग अपने खाली समय में आराम कर सकेंगे, इनडोर गेम खेल सकेंगे और दूसरे वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे। योजना का मकसद बुजुर्गों को घर के आसपास सुरक्षित और सुविधाजनक सामाजिक स्थान उपलब्ध कराना है। इन केंद्रों में मनोरंजन के साथ स्वास्थ्य और मानसिक सक्रियता से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी। दिल्ली सरकार के मुताबिक पात्र मनोरंजन केंद्रों को ₹20,000 प्रति माह यानी एक वित्तीय वर्ष में ₹2.40 लाख की सहायता दी जाएगी। योजना को इस साल के बजट में शामिल किया गया था और हाल में कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
नई दिल्ली|29 अगस्त 2026|शाह टाइम्स
By Mohd Haris
योजना के तहत किसी मनोरंजन केंद्र के पात्र होने के लिए कम से कम 200 ऐसे सदस्यों का होना जरूरी होगा, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है। केंद्र दिल्ली में स्थित होना चाहिए और सामुदायिक स्थान से संचालित होना चाहिए। आवासीय कल्याण संघ, सहकारी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और चौपाल जैसे सामुदायिक स्थानों से संचालित केंद्र भी निर्धारित शर्तों के तहत योजना में शामिल हो सकेंगे। सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता 2 बराबर छमाही किस्तों में दिए जाने का प्रावधान है। केंद्र संचालकों को योजना में निर्धारित सुविधाएं और गतिविधियां उपलब्ध करानी होंगी।
‘वयो आनंद’ केंद्रों में बुजुर्गों के लिए मनोरंजन और समय बिताने की कई सुविधाएं होंगी। इनमें कैरम, लूडो जैसे इनडोर गेम शामिल हैं। केंद्रों में बैठने की व्यवस्था, पंखे, कूलर, टीवी, कंप्यूटर, समाचार पत्र, पत्रिकाएं और किताबें उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को अपने आसपास ही ऐसा स्थान देना है जहां वे नियमित रूप से आ-जा सकें। इन सुविधाओं के जरिए सरकार वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय सामाजिक जीवन से जोड़ने पर जोर दे रही है।
मनोरंजन केंद्रों को केवल खेल और मेलजोल तक सीमित नहीं रखा गया है। यहां योग और ध्यान की कक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार किट की व्यवस्था भी योजना का हिस्सा है। फिटनेस कक्षाएं और पोषण संबंधी परामर्श जैसी गतिविधियों का भी प्रावधान रखा गया है। सरकार का फोकस वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सक्रिय जीवनशैली और सामाजिक जुड़ाव को एक ही जगह बढ़ावा देने पर है।
योजना के तहत मनोरंजन केंद्र सप्ताह में कम से कम 5 दिन संचालित किए जाएंगे। इन्हें प्रतिदिन न्यूनतम 7 घंटे खुला रखने का प्रावधान है। संचालन का समय सुबह 7 बजे से रात 8 बजे के बीच रखा गया है। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए केंद्र का भूतल पर होना या भवन में लिफ्ट की सुविधा होना भी प्राथमिकता में रखा गया है। इससे उम्रदराज लोगों और चलने-फिरने में परेशानी का सामना करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए पहुंच आसान बनाने की कोशिश की गई है।
सरकार ने योजना में महिला वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता देने की बात कही है। कुछ गतिविधियों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि अलग-अलग जरूरतों वाले वरिष्ठ नागरिक भी उनमें शामिल हो सकें। केंद्रों को आसपास के पुलिस थानों और अस्पतालों के संपर्क में रखने का भी प्रावधान है, ताकि आपात स्थिति में सहायता जल्दी मिल सके।
इन केंद्रों में केवल रोजमर्रा के मनोरंजन की व्यवस्था नहीं होगी। साल में कम से कम 5 से 6 विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का प्रावधान है। इनमें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, वरिष्ठ नागरिक दिवस और विभिन्न राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक पर्वों के आयोजन शामिल हैं। कहानी सुनाना, पेंटिंग, क्राफ्ट, पॉटरी और आउटडोर भ्रमण जैसी गतिविधियां भी योजना में रखी गई हैं। इससे वरिष्ठ नागरिकों को अपनी रुचियों और सामाजिक संपर्क को बनाए रखने का अवसर मिलेगा।
बढ़ती उम्र में सामाजिक अलगाव वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की एक अहम चुनौती है। ‘वयो आनंद’ योजना का एक उद्देश्य इसी सामाजिक दूरी को कम करना है।
सरकार के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों को अपने हमउम्र लोगों के साथ समय बिताने, बातचीत करने और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराना जरूरी है। ऐसे केंद्र नियमित सामाजिक संपर्क का माध्यम बन सकते हैं। हालांकि योजना का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि केंद्र कितने इलाकों में खुलते हैं और उनकी सुविधाएं कितनी नियमितता से संचालित होती हैं।
दिल्ली में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनोरंजन केंद्रों की व्यवस्था पहले से मौजूद है। एनडीएमसी क्षेत्र में बाबर रोड, लक्ष्मीबाई नगर और ईस्ट किदवई नगर समेत कुछ स्थानों पर ऐसे केंद्र संचालित हैं। नई ‘वयो आनंद’ योजना का दायरा सामुदायिक स्तर पर मनोरंजन केंद्रों को आर्थिक सहायता देकर बढ़ाने पर केंद्रित है। इससे स्थानीय स्तर पर चलने वाले केंद्रों को नियमित गतिविधियों और सुविधाओं के लिए वित्तीय सहयोग मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार के 2025-26 बजट दस्तावेज में वरिष्ठ नागरिकों के मनोरंजन केंद्रों के लिए ₹20 करोड़ का प्रावधान किया गया था। बजट में इसे वरिष्ठ नागरिकों को विश्राम और सामाजिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं देने वाली योजना के रूप में शामिल किया गया था। अब ‘वयो आनंद’ योजना के तहत पात्र केंद्रों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था सामने आई है। इससे योजना को केवल घोषणा के बजाय जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि दिल्ली के कितने मनोरंजन केंद्र योजना के तहत पात्रता हासिल करते हैं। 200 वरिष्ठ नागरिकों की सदस्यता, स्थान, संचालन समय और निर्धारित सुविधाओं जैसी शर्तों को पूरा करना केंद्रों के लिए जरूरी होगा। सरकार के सामने दूसरी चुनौती यह सुनिश्चित करने की होगी कि आर्थिक सहायता का इस्तेमाल निर्धारित सुविधाओं और गतिविधियों पर ही हो। नियमित निरीक्षण और पारदर्शी व्यवस्था योजना की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण होगी। ‘वयो आनंद’ योजना का मूल उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को घर से बाहर सक्रिय सामाजिक जीवन के लिए बेहतर स्थान देना है। अगर केंद्र नियमित रूप से संचालित होते हैं और स्वास्थ्य, मनोरंजन तथा सामाजिक गतिविधियां प्रभावी ढंग से चलती हैं, तो यह दिल्ली के बुजुर्गों के लिए उपयोगी सामुदायिक व्यवस्था बन सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।