जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने 1,413 दिन पूरे कर इटली में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक लगातार चलने वाली सरकार का रिकॉर्ड बनाया। बर्लुस्कोनी का रिकॉर्ड टूटा।
रोम | 4 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को देश की युद्धोत्तर राजनीति में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। उनकी सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए और पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की 1,412 दिनों की लगातार सरकार का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
यह रिकॉर्ड इटालियन रिपब्लिक की स्थापना के बाद का है। इटली 1946 में रिपब्लिक बना था और उसके बाद से सरकारों के लगातार बदलने के लिए जाना जाता रहा है।
मेलोनी से पहले यह रिकॉर्ड सिल्वियो बर्लुस्कोनी के दूसरे कार्यकाल के नाम था। बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार जून 2001 से अप्रैल 2005 तक 1,412 दिनों तक लगातार सत्ता में रही थी।
मेलोनी सरकार ने इस आंकड़े को एक दिन से पीछे छोड़ा। इसके साथ ही मौजूदा सरकार इटली की रिपब्लिकन हिस्ट्री में सबसे लंबी uninterrupted administration बन गई।
हालांकि एक अहम फर्क समझना जरूरी है। यह रिकॉर्ड किसी प्रधानमंत्री के कुल कार्यकाल का नहीं, बल्कि एक ही सरकार के लगातार बने रहने का है।
जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
उनकी सरकार में Brothers of Italy के साथ Forza Italia और League समेत दक्षिणपंथी गठबंधन शामिल है। सरकार ने लगभग चार साल तक गठबंधन को बरकरार रखा है, जो इटली की राजनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इटली की राजनीति में सरकारों की औसत उम्र दूसरे प्रमुख यूरोपीय लोकतंत्रों की तुलना में कम रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक 1946 से 2026 तक इटली में लगभग 68 सरकारें बनीं। इस अवधि में एक कैबिनेट का औसत कार्यकाल करीब 14 महीने रहा है।
ऐसे राजनीतिक माहौल में मेलोनी सरकार का लगातार 1,413 दिन तक बने रहना एक अहम संस्थागत और राजनीतिक घटनाक्रम है।
यह स्थिरता केवल प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत लोकप्रियता का सवाल नहीं है। गठबंधन प्रबंधन, संसद में समर्थन बनाए रखना और राजनीतिक संकटों से बचना भी इसमें महत्वपूर्ण रहा है।
रिकॉर्ड बनने के बाद मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार का लंबे समय तक बने रहना केवल एक रिकॉर्ड नहीं है। उनके मुताबिक राजनीतिक स्थिरता देश को योजना बनाने, फैसले लेने और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की बेहतर स्थिति देती है।
उनकी टिप्पणी में राजनीतिक स्थिरता को शासन की व्यापक क्षमता से जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है।
हालांकि विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच बहस का केंद्र अलग है। सवाल यह है कि लंबे कार्यकाल के साथ सरकार ने आर्थिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और उत्पादकता जैसे क्षेत्रों में कितने संरचनात्मक सुधार किए।
Associated Press की रिपोर्टिंग के अनुसार मेलोनी सरकार अपने कार्यकाल में रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ों में सुधार तथा राजकोषीय अनुशासन को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती है। सरकार ने कारोबारी माहौल और निवेश को भी प्राथमिकता दी है।
दूसरी ओर आलोचकों का कहना है कि इटली की अर्थव्यवस्था की लंबे समय से चली आ रही कम उत्पादकता और धीमी विकास दर जैसी बुनियादी समस्याओं पर अपेक्षित स्तर के संरचनात्मक सुधार नहीं हुए।
इसलिए लंबी राजनीतिक उम्र और शासन की प्रभावशीलता को एक ही पैमाने पर देखना उचित नहीं होगा।
मेलोनी सरकार ने अनियमित इमिग्रेशन पर सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्टिंग में इसे उनकी सरकार की प्रमुख नीतिगत दिशाओं में शामिल किया गया है।
सरकार समर्थक इसे सीमा नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हैं। आलोचक मानवाधिकार और प्रवासी अधिकारों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
यह नीति मेलोनी की घरेलू राजनीतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
मेलोनी सत्ता में आने से पहले यूरोप की पारंपरिक मुख्यधारा राजनीति से अधिक दक्षिणपंथी और राष्ट्रवादी रुख के लिए जानी जाती थीं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण अपेक्षाकृत व्यावहारिक रहा है। Reuters के अनुसार उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ कामकाजी
संबंध बनाए रखे और यूक्रेन के समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाया।
इस वजह से मेलोनी की सरकार को यूरोपीय दक्षिणपंथ की राजनीति में एक अलग मॉडल के तौर पर भी देखा गया है।
रिकॉर्ड बनने के बावजूद मेलोनी के सामने राजनीतिक चुनौती खत्म नहीं हुई है।
इटली में अगला आम चुनाव 2027 में होना है। मौजूदा गठबंधन की स्थिरता, विपक्ष की स्थिति और दक्षिणपंथी खेमे के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरण चुनाव से पहले अहम भूमिका निभाएंगे।
रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि मौजूदा राजनीतिक स्थिरता चुनाव के बाद उसी रूप में जारी रहे, यह निश्चित नहीं है। नए राजनीतिक दलों और बदलते मतदाता रुझानों से दक्षिणपंथी गठबंधन के सामने नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 सितंबर को जॉर्जिया मेलोनी को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि इतालवी जनता के उनके नेतृत्व पर विश्वास और भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने भारत-इटली Special Strategic Partnership को मजबूत करने में मेलोनी की भूमिका का भी उल्लेख किया।
भारत और इटली के बीच रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहा है। इसलिए मोदी की बधाई को दोनों देशों के मौजूदा कूटनीतिक रिश्तों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
मेलोनी के लिए यह रिकॉर्ड राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन आगामी मूल्यांकन केवल कार्यकाल की अवधि पर निर्भर नहीं करेगा।
इटली के मतदाताओं के सामने रोजगार, महंगाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, उत्पादकता और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दे बने हुए हैं।
Euronews की रिपोर्टिंग में भी इन मुद्दों को आगामी चुनाव से पहले प्रमुख राजनीतिक चिंताओं में गिना गया है।
इसलिए 1,413 दिनों की स्थिरता मेलोनी की राजनीतिक क्षमता का प्रमाण है, लेकिन यह अपने आप में उनकी सरकार की नीतिगत सफलता का अंतिम प्रमाण नहीं है।
जॉर्जिया मेलोनी ने इटली की युद्धोत्तर राजनीति में एक दुर्लभ राजनीतिक स्थिरता हासिल की है। उनकी सरकार ने सिल्वियो बर्लुस्कोनी का लगातार सरकार चलाने का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
अब उनकी सियासी विरासत का अगला पैमाना यह होगा कि यह स्थिरता कितने ठोस आर्थिक और सामाजिक परिणामों में बदलती है और 2027 के चुनाव में इतालवी मतदाता इसे किस तरह आंकते हैं।
रिकॉर्ड बन गया है। अब उसकी सियासी कीमत और वास्तविक असर का फैसला आने वाला चुनाव करेगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।