बीटरूट का जूस पीना सेहत के लिए कैसे फायदेमंद, जानिए इसके फायदे और सावधानियां
नई दिल्ली। चुकंदर यानी बीटरूट को पोषक सब्जियों में शामिल किया जाता है। इसका गहरा लाल रंग इसमें मौजूद प्राकृतिक यौगिकों की वजह से होता है। चुकंदर से तैयार जूस में नाइट्रेट, फोलेट और कुछ एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जिसके चलते इसे संतुलित आहार का हिस्सा माना जाता है। वैज्ञानिक अध्ययनों में खासतौर पर चुकंदर के प्राकृतिक नाइट्रेट और रक्त वाहिकाओं के कामकाज के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि चुकंदर का जूस किसी बीमारी की दवा या इलाज है।
रक्तचाप को लेकर क्या कहते हैं अध्ययन?
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट मौजूद होता है। शरीर में नाइट्रेट से नाइट्रिक ऑक्साइड बनने की प्रक्रिया होती है, जो रक्त वाहिकाओं को फैलाने और रक्त प्रवाह से जुड़ी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है।कुछ अध्ययनों और व्यवस्थित समीक्षाओं में चुकंदर या नाइट्रेट के सेवन से रक्तचाप में मामूली कमी देखी गई है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में समान नहीं होता और यह दवाओं का विकल्प नहीं है।यदि किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप है और वह नियमित दवा ले रहा है, तो केवल चुकंदर का जूस पीकर दवा बंद करना उचित नहीं है।
व्यायाम और शारीरिक क्षमता में संभावित मदद
चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट को लेकर खेल और व्यायाम से संबंधित शोध भी हुए हैं। कुछ शोधों में पाया गया है कि नाइट्रेट का सेवन शरीर की ऑक्सीजन उपयोग करने की दक्षता और कुछ प्रकार के व्यायाम प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।इसी वजह से चुकंदर का जूस खिलाड़ियों और व्यायाम करने वाले लोगों के बीच भी लोकप्रिय हुआ है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्ति की फिटनेस, व्यायाम के प्रकार और सेवन की मात्रा जैसे कई कारकों पर निर्भर कर सकता है।
फोलेट का भी अच्छा स्रोत
चुकंदर में फोलेट यानी विटामिन बी-९ पाया जाता है। फोलेट शरीर में डीएनए के निर्माण और कोशिकाओं के विभाजन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है।इसलिए चुकंदर को संतुलित आहार में शामिल करना पोषण की दृष्टि से उपयोगी हो सकता है। लेकिन केवल चुकंदर के जूस को संपूर्ण पोषण का स्रोत नहीं माना जा सकता।
एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी मौजूद
चुकंदर में बेटालेन नामक प्राकृतिक रंगद्रव्य पाए जाते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुणों से जुड़े यौगिक शामिल हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं पर प्रभाव डाल सकते हैं।हालांकि, किसी खाद्य पदार्थ में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होने का अर्थ यह नहीं है कि वह कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी को रोकने या ठीक करने की गारंटी देता है।
जूस बेहतर या पूरा चुकंदर?
चुकंदर का जूस पीना आसान है, लेकिन पूरा चुकंदर खाने पर आहार संबंधी फाइबर भी मिलता है। जूस बनाने के दौरान फाइबर की मात्रा कम हो सकती है, खासकर तब जब गूदा अलग कर दिया जाए।इसलिए सामान्य डाइट में चुकंदर को सलाद, सब्जी या अन्य भोजन के रूप में शामिल करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। जूस लेते समय उसमें अतिरिक्त चीनी मिलाने से बचना बेहतर है।
कितना जूस पीना चाहिए?
चुकंदर के जूस की कोई एक सार्वभौमिक मात्रा सभी लोगों के लिए निर्धारित नहीं है। जरूरत व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, भोजन और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करती है। अगर आप पहली बार चुकंदर का जूस शुरू कर रहे हैं, तो कम मात्रा से शुरुआत करना और शरीर की प्रतिक्रिया देखना उचित है। अत्यधिक मात्रा में किसी भी एक खाद्य पदार्थ का सेवन संतुलित आहार का विकल्प नहीं है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
चुकंदर खाने या उसका जूस पीने के बाद पेशाब या मल का रंग लाल या गुलाबी दिखाई दे सकता है। इसे कई बार बीटूरिया कहा जाता है और यह चुकंदर के प्राकृतिक रंगद्रव्य के कारण हो सकता है।चुकंदर में ऑक्सालेट भी पाया जाता है। जिन लोगों को कैल्शियम ऑक्सालेट वाली किडनी स्टोन की समस्या रही है, उन्हें नियमित या अधिक मात्रा में चुकंदर लेने से पहले चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।इसी तरह यदि कोई व्यक्ति रक्तचाप कम करने वाली दवाएं ले रहा है या उसे कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो नियमित रूप से अधिक मात्रा में चुकंदर का जूस शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
स्वच्छता का रखें ध्यान
घर पर जूस बनाते समय चुकंदर को अच्छी तरह धोना जरूरी है। कच्ची सब्जियों की सतह पर मिट्टी और सूक्ष्मजीव हो सकते हैं। साफ पानी से अच्छी तरह धोकर और स्वच्छ उपकरणों का इस्तेमाल करके जूस तैयार करना चाहिए।ताजा तैयार जूस को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने के बजाय उचित तरीके से ठंडा रखना चाहिए।
निष्कर्ष
चुकंदर का जूस पोषक तत्वों और प्राकृतिक नाइट्रेट का स्रोत है। शोधों में इसके सेवन और रक्तचाप तथा व्यायाम प्रदर्शन से जुड़े कुछ संभावित लाभ सामने आए हैं। फिर भी इसे किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं देखना चाहिए।संतुलित मात्रा में चुकंदर को भोजन का हिस्सा बनाना, पर्याप्त फल-सब्जियां लेना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना स्वस्थ जीवनशैली का अधिक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।