फास्ट फूड का अधिक और नियमित सेवन आहार में नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा बढ़ा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय दिशानिर्देश संतुलित आहार पर जोर देते हैं।
फास्ट फूड का सेवन करना हमारे लिए कितना नुकसानदायक? जानिए
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में फास्ट फूड लोगों के खान-पान का हिस्सा बन गया है। बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, तले हुए स्नैक्स, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ और मीठे पेय आसानी से उपलब्ध होने के कारण इनका सेवन बढ़ा है। हालांकि, हर फास्ट फूड को एक समान मानना सही नहीं है। स्वास्थ्य पर इसका असर मुख्य रूप से किस मात्रा में, कितनी बार और किस तरह का भोजन खाया जा रहा है, इस पर निर्भर करता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में अक्सर नमक, मुक्त शर्करा और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक होती है। ऐसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल आहार-पद्धति से जुड़ा हुआ है।
नमक की अधिक मात्रा बन सकती है चिंता का कारण
कई फास्ट फूड और बाहर मिलने वाले तैयार खाद्य पदार्थों में सोडियम यानी नमक की मात्रा अधिक हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों के लिए प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक लेने की सलाह देता है। अधिक सोडियम का सेवन रक्तचाप बढ़ने से जुड़ा है, जो हृदय संबंधी बीमारियों और स्ट्रोक के जोखिम को प्रभावित कर सकता है।
ज्यादा चीनी से बढ़ सकता है कैलोरी सेवन
मीठे पेय, डेजर्ट और कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के जरिए शरीर में अतिरिक्त चीनी पहुंच सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मुक्त शर्करा का सेवन कुल दैनिक ऊर्जा के 10 प्रतिशत से कम रखना चाहिए और इसे 5 प्रतिशत या उससे कम करने से अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।
भारतीय राष्ट्रीय पोषण संस्थान की आहार संबंधी गाइडलाइंस में भी अतिरिक्त चीनी को सीमित करने और नमक, चीनी तथा वसा से भरपूर प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने पर जोर दिया गया है।
तले और अधिक वसा वाले भोजन पर रखें नजर
तले हुए फास्ट फूड में कैलोरी और वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार संतृप्त वसा को कुल ऊर्जा सेवन के 10 प्रतिशत से कम और औद्योगिक ट्रांस फैट को 1 प्रतिशत से कम रखना चाहिए। संगठन तले और ऐसे पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को सीमित करने की सलाह देता है जिनमें अस्वास्थ्यकर वसा अधिक हो सकती है।
फास्ट फूड की जगह क्या चुनें?
स्वास्थ्यवर्धक खान-पान का आधार विविध और कम प्रसंस्कृत भोजन होना चाहिए। फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मेवे और उपयुक्त प्रोटीन स्रोतों को आहार में शामिल करना उपयोगी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों और 10 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए प्रतिदिन कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां लेने की सलाह देता है।
फास्ट फूड पूरी तरह छोड़ना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। अधिक महत्वपूर्ण यह है कि ऐसे भोजन को रोजमर्रा के मुख्य आहार का आधार न बनाया जाए और भोजन में विविधता तथा संतुलन रखा जाए।
बाहर का खाना खाते समय रखें ये सावधानियां
निष्कर्ष
फास्ट फूड अपने आप में हर परिस्थिति में समान रूप से नुकसानदायक नहीं कहा जा सकता, लेकिन अधिक और नियमित सेवन, खासकर जब भोजन में नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा अधिक हो तथा फल-सब्जियां और फाइबर कम हों, तो यह संतुलित आहार के लिए समस्या बन सकता है। इसलिए स्वाद के साथ पोषण और मात्रा का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।