सोमवार, 26 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
India

ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान भारत पहुंचे, पालम एयरपोर्ट पर हुआ विमान लैंड

Harish Qureshi • 2026-09-11 14:12:36
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान भारत पहुंचे, पालम एयरपोर्ट पर हुआ विमान लैंड

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली पहुंचे। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली मुलाकात को अहम कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।


नई दिल्ली | 11 सितंबर 2026           

By Mohd Haris


पालम एयरपोर्ट पर पहुंचा ईरानी राष्ट्रपति का विमान


नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारत पहुंच गए। उनका विमान नई दिल्ली के पालम स्थित एयर फोर्स स्टेशन पर उतरा। पेजेश्कियान भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं।


पेजेश्कियान की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। इस वजह से उनकी नई दिल्ली यात्रा को केवल बहुपक्षीय बैठक तक सीमित नहीं देखा जा रहा। भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय रिश्तों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे भी अहम हैं।


प्रधानमंत्री मोदी से होगी अहम मुलाकात


ईरानी राष्ट्रपति के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक शामिल है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-ईरान संबंधों के साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा होने की उम्मीद है।


प्रधानमंत्री मोदी और पेजेश्कियान की हाल में भी बातचीत हुई है। भारत ने पश्चिम एशिया के मसलों को बातचीत और कूटनीति के जरिए हल करने तथा क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया है।


ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में जुटेंगे विश्व नेता


भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान समेत कई देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं।


ब्रिक्स में ईरान 2024 में शामिल हुआ था। इस बार पेजेश्कियान की मौजूदगी ऐसे दौर में हो रही है जब पश्चिम एशिया का संघर्ष समूह के भीतर भी कूटनीतिक चुनौती पैदा कर रहा है। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच तनाव ने ब्रिक्स के साझा रुख को लेकर भी जटिलता बढ़ाई है।


पश्चिम एशिया संकट पर भारत की नीति


भारत ने पश्चिम एशिया संकट पर लगातार संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात कही है। प्रधानमंत्री मोदी ने जून में पेजेश्कियान से बातचीत के दौरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए लगातार प्रयासों की जरूरत बताई थी।


भारत ने क्षेत्र में नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता को भी महत्वपूर्ण बताया है। यह मुद्दा भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की वजह से खास महत्व रखता है।


ऊर्जा सुरक्षा भी अहम मुद्दा


ईरान के साथ भारत के संबंधों में ऊर्जा और क्षेत्रीय संपर्क लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यापारिक गतिविधियों पर असर ने ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित किया है।


रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। ऐसे माहौल में भारत के लिए क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा अहम प्राथमिकता बनी हुई है।


ब्रिक्स के भीतर भी चुनौती


इस बार ब्रिक्स सम्मेलन के सामने पश्चिम एशिया संकट एक बड़ा कूटनीतिक मुद्दा है। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच तनाव के कारण संगठन के सदस्य देशों के लिए साझा भाषा पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण है।


भारत की कोशिश सम्मेलन को आर्थिक सहयोग, विकास और ग्लोबल साउथ के साझा हितों पर केंद्रित रखने की है। इसके साथ पश्चिम एशिया संकट पर ऐसी भाषा तैयार करना भी अहम होगा जिसे अलग-अलग सदस्य देश स्वीकार कर सकें।


दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम


ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पालम एयर फोर्स स्टेशन, प्रमुख होटलों और सम्मेलन स्थल के आसपास बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।


विदेशी नेताओं के लिए अलग-अलग होटलों में सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उनके आवागमन तथा निर्धारित मार्गों की निगरानी कर रही हैं।


भारत-ईरान रिश्तों के लिए क्यों अहम है दौरा


पेजेश्कियान की नई दिल्ली यात्रा भारत-ईरान संबंधों के लिए ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। दोनों देशों के लिए पश्चिम एशिया में स्थिरता, व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।


भारत ईरान के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को बनाए रखते हुए क्षेत्रीय तनाव पर संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और पेजेश्कियान की बातचीत इस नीति की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी।


आगे क्या होगा


पेजेश्कियान की भारत यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा नजर प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता और ब्रिक्स मंच पर पश्चिम एशिया से जुड़े विमर्श पर रहेगी।


सम्मेलन के दौरान भारत को एक तरफ ब्रिक्स के आर्थिक और रणनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने की चुनौती भी है।


निष्कर्ष


ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का भारत पहुंचना ऐसे समय हुआ है जब नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पालम एयरपोर्ट पर उनके पहुंचने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय वार्ता पर खास नजर है।


पश्चिम एशिया का संकट, ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-ईरान संबंध इस मुलाकात के प्रमुख संदर्भ हैं। ब्रिक्स सम्मेलन इन मुद्दों पर भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच भी बनेगा।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

राष्ट्रपति भवन पहुंचकर पेज़ेशकियान ने मुर्मु से की मुलाकात, भारत-ईरान रिश्तों पर अहम चर्चा

2026-09-12 15:33:37

शनिवार से भारत मंडपम में जुटेंगे दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता

2026-09-11 12:15:55

ब्रिक्स में भारत की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी, ईरान-UAE मतभेद के बीच साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति

2026-09-12 15:19:33

भारत आएंगे शी जिनपिंग, 12 सितंबर को पीएम मोदी से होगी अहम द्विपक्षीय मुलाकात

2026-09-10 11:32:00

BRICS Summit से पहले दिल्ली में कूटनीतिक हलचल, Xi-Putin पर नजर

2026-09-10 19:59:58

विकसित भारत 2047 पर मोदी सरकार का दो दिवसीय मंथन, मंत्रिपरिषद में सुधार और प्राथमिकताओं पर चर्चा

2026-09-23 15:23:57

गणपति आराधना में शामिल हुए पीएम मोदी, पीयूष गोयल के आवास पर की पूजा

2026-09-15 13:07:12

पीएम मोदी का संदेश: “हम किसी के विरुद्ध नहीं, सबके साथ हैं”, शांति और सहयोग पर जोर

2026-09-12 15:38:45

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर