नई दिल्ली में भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर WMCC की 36वीं बैठक आयोजित हुई। दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने, सीमा प्रबंधन को मजबूत करने तथा सैन्य और राजनयिक स्तर पर नियमित संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 7 अगस्त 2026
✍️ By: Apurva Choudhary
भारत-चीन के बीच 36वीं WMCC बैठक आयोजित
भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्यरत वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की 36वीं बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने को द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए आवश्यक बताया।
सीमा प्रबंधन और समन्वय पर चर्चा
बैठक के दौरान सीमा प्रबंधन, सैन्य एवं राजनयिक समन्वय, सीमा निर्धारण से जुड़े मुद्दों और सीमा पार सहयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने मौजूदा तंत्र के माध्यम से बातचीत जारी रखने और मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
LAC पर शांति को बताया सबसे अहम
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों को सामान्य और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की बुनियादी शर्त है। दोनों देशों ने वरिष्ठ नेताओं के बीच बनी सहमति के अनुरूप आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
यह बैठक क्यों अहम हैं?
भारत और चीन के बीच सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक माना जाता है। हाल के वर्षों में सीमा पर तनाव के बाद दोनों देश सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। 36वीं WMCC बैठक को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य संवाद के माध्यम से विश्वास बढ़ाना, सीमा पर स्थिरता बनाए रखना और भविष्य में किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से बचना है।
भविष्य में भी जारी रहेगा संवाद
बैठक को भारत-चीन संबंधों में चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े मुद्दों पर नियमित संपर्क बनाए रखने और भविष्य में भी राजनयिक एवं सैन्य स्तर पर बातचीत जारी रखने की बात दोहराई।
36वीं WMCC बैठक ने यह स्पष्ट किया कि भारत और चीन सीमा विवाद के समाधान और LAC पर स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद की प्रक्रिया को जारी रखना चाहते हैं। दोनों देशों ने आपसी विश्वास बढ़ाने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।